JSS यूनिवर्सिटी नोएडा में नारी शक्ति वंदन अधिनियम-2023 के तहत आयोजित कार्यक्रम में सैकड़ों छात्रों ने भाग लेकर महिला सशक्तिकरण और समानता का संदेश दिया।
महिला सशक्तिकरण और सामाजिक जागरूकता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से JSS University में “नारी शक्ति वंदन अधिनियम-2023” के अंतर्गत एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
इस आयोजन की थीम थी—
“Nari Shakti Vandan: Not just representation, but real empowerment”
कार्यक्रम ने विश्वविद्यालय परिसर में नारी सम्मान, समानता और एकता का सशक्त संदेश प्रसारित किया।
शुरुआत हुई प्रतियोगिताओं से
कार्यक्रम का शुभारंभ दो समानांतर सत्रों के साथ हुआ—
पोस्टर प्रतियोगिता:
इसमें कुल 73 विद्यार्थियों ने भाग लिया, जिनमें 31 छात्राएँ और 42 छात्र शामिल थे।
प्रतिभागियों ने अपने पोस्टरों के माध्यम से महिला अधिकार, समानता और सशक्तिकरण जैसे विषयों को रचनात्मक तरीके से प्रस्तुत किया।

वाद-विवाद प्रतियोगिता:
इस सत्र में 65 प्रतिभागियों (35 छात्राएँ और 30 छात्र) ने हिस्सा लिया।
यहां प्रतिभागियों ने नारी सशक्तिकरण से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर अपने विचार रखे और समाज में बदलाव की जरूरत पर जोर दिया।
मानव श्रृंखला और पदयात्रा में दिखा उत्साह
प्रतियोगिताओं के बाद कार्यक्रम में कई सामूहिक गतिविधियों का आयोजन किया गया—
मानव श्रृंखला, नारी शक्ति दीवार और पद यात्रा
इन तीनों गतिविधियों में कुल 590 विद्यार्थियों ने भाग लिया, जिनमें 415 छात्राएँ और 175 छात्र शामिल थे।
इन आयोजनों के माध्यम से छात्रों ने समाज में महिला सशक्तिकरण के प्रति जागरूकता फैलाने का प्रयास किया और एकजुटता का संदेश दिया।

सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने बांधा समां
कार्यक्रम के अंतर्गत सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने माहौल को और भी जीवंत बना दिया।
गायन का जैमिंग सेशन:
इसमें 75 प्रतिभागियों (32 छात्राएँ और 43 छात्र) ने भाग लिया।
छात्रों ने संगीत के माध्यम से महिला सशक्तिकरण और समानता का संदेश दिया।
नुक्कड़ नाटक:
35 प्रतिभागियों (20 छात्राएँ और 15 छात्र) द्वारा प्रस्तुत इस नाटक ने समाज में महिलाओं के सामने आने वाली चुनौतियों को प्रभावी ढंग से दर्शाया।

आयोजन में इनका रहा विशेष योगदान
इस पूरे कार्यक्रम का संयोजन—
डॉ. आशिमा श्रीवास्तव, डॉ. नितिमा मालसा, डॉ. गुंजन वार्ष्णेय और डॉ. निशी शर्मा द्वारा किया गया।
कार्यक्रम को सफल बनाने में विश्वविद्यालय के कई वरिष्ठ अधिकारियों का सहयोग भी महत्वपूर्ण रहा, जिनमें—
डीन डॉ. मनोज कुमार बी., डॉ. आर.एस. जगदीश, डॉ. प्रशांत चौहान, फाइनेंस ऑफिसर मनोज कुमार एन.एस. और रजिस्ट्रार डॉ. ममता टी.जी. शामिल रहे।

महिला सशक्तिकरण का सशक्त संदेश
इस आयोजन ने यह स्पष्ट किया कि नारी सशक्तिकरण केवल प्रतिनिधित्व तक सीमित नहीं है, बल्कि यह वास्तविक बदलाव और समान अवसरों से जुड़ा हुआ है।
छात्रों की सक्रिय भागीदारी और उत्साह ने यह साबित किया कि नई पीढ़ी सामाजिक मुद्दों को लेकर जागरूक है और सकारात्मक परिवर्तन के लिए तैयार है।
JSS यूनिवर्सिटी में आयोजित यह कार्यक्रम केवल एक शैक्षणिक गतिविधि नहीं, बल्कि समाज में महिलाओं की भूमिका और अधिकारों को लेकर एक मजबूत संदेश देने वाला मंच बना।
इस आयोजन ने यह दिखाया कि जब शिक्षा, जागरूकता और भागीदारी एक साथ आते हैं, तो समाज में वास्तविक बदलाव संभव होता है।
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