ग्रेटर नोएडा वेस्ट की लोटस विला सोसाइटी में हुए RWA चुनाव 2026-27 में जहां अध्यक्ष पद पर बेहद करीबी मुकाबला देखने को मिला, वहीं जनरल सेक्रेटरी पद पर रिकॉर्ड जीत ने इतिहास रच दिया।
ग्रेटर नोएडा वेस्ट के सेक्टर 1 स्थित लोटस विला सोसाइटी में RWA चुनाव 2026-27 इस बार न केवल लोकतांत्रिक प्रक्रिया का उदाहरण बना, बल्कि इसमें रोमांच, प्रतिस्पर्धा और सामुदायिक एकता का अनोखा संगम भी देखने को मिला। चुनाव पूरी पारदर्शिता के साथ संपन्न हुआ और इसमें सोसाइटी के निवासियों की सक्रिय भागीदारी ने इसे खास बना दिया।
सुबह से ही मतदान को लेकर उत्साह का माहौल था। सोसाइटी के लोग अपने रोजमर्रा के कामों के बीच समय निकालकर मतदान केंद्र पहुंचे। बुजुर्गों से लेकर युवाओं तक, हर वर्ग ने इस चुनाव में हिस्सा लिया और अपने मताधिकार का जिम्मेदारी से उपयोग किया। चुनाव आयोग द्वारा पूरी प्रक्रिया को व्यवस्थित और निष्पक्ष तरीके से संचालित किया गया, जिससे सभी प्रतिभागियों में विश्वास बना रहा।

इस चुनाव का सबसे रोमांचक मुकाबला अध्यक्ष पद के लिए देखने को मिला। दिग्विजय शुक्ला और सौरभ सचान के बीच कांटे की टक्कर रही। मतदान के बाद जब परिणाम सामने आए तो केवल तीन वोटों के अंतर से दिग्विजय शुक्ला ने जीत दर्ज की। यह परिणाम आखिरी क्षण तक सस्पेंस बनाए रखने वाला रहा और जैसे ही नतीजे घोषित हुए, समर्थकों में खुशी की लहर दौड़ गई। यह जीत इस बात का संकेत भी देती है कि हर एक वोट कितना महत्वपूर्ण होता है।

वहीं दूसरी ओर, जनरल सेक्रेटरी पद पर एकतरफा परिणाम देखने को मिला। दुर्गा प्रसाद यादव ने अपने प्रतिद्वंदी मयंक सक्सेना को 106 वोटों के बड़े अंतर से हराकर जीत हासिल की। यह अंतर इतना बड़ा था कि इसे लोटस विला सोसाइटी के RWA चुनावों के इतिहास में अब तक की सबसे बड़ी जीत माना जा रहा है। इस जीत ने यह साफ कर दिया कि उन्हें निवासियों का व्यापक समर्थन प्राप्त है।

उपाध्यक्ष पद के लिए भी इस बार दो विजेताओं का चयन हुआ। संजय सिंह और शशि प्रभा यादव दोनों को इस पद के लिए चुना गया। दोनों ही उम्मीदवारों ने अपने-अपने तरीके से निवासियों का विश्वास जीता और अब वे मिलकर सोसाइटी के विकास कार्यों में योगदान देंगे।

जॉइंट सेक्रेटरी पद पर चंद्र सिंह को निर्विरोध निर्वाचित घोषित किया गया। उनके खिलाफ किसी अन्य उम्मीदवार ने नामांकन नहीं किया, जो यह दर्शाता है कि सोसाइटी के लोग उनके नेतृत्व पर पहले से ही भरोसा जताते रहे हैं। इसी तरह, सह-कोषाध्यक्ष पद पर अजीत कुमार सिंह भी बिना किसी मुकाबले के चुने गए।

कोषाध्यक्ष पद के लिए नयन कुमार जायसवाल ने जीत हासिल की। इस पद के लिए भी अच्छी प्रतिस्पर्धा देखने को मिली और अंततः नयन कुमार जायसवाल ने निवासियों का विश्वास जीतते हुए यह जिम्मेदारी अपने नाम की।

पूरे चुनाव के दौरान एक बात साफ तौर पर सामने आई कि लोटस विला सोसाइटी के निवासी अपने प्रतिनिधियों को चुनने के प्रति काफी जागरूक हैं। चुनाव केवल औपचारिकता नहीं रहा, बल्कि यह एक ऐसा मंच बना जहां लोगों ने अपनी अपेक्षाओं और विश्वास को व्यक्त किया।

नई RWA टीम के सामने अब कई जिम्मेदारियां होंगी — सोसाइटी की सुरक्षा, साफ-सफाई, इंफ्रास्ट्रक्चर सुधार, और निवासियों की समस्याओं का समाधान। चुनाव के दौरान उम्मीदवारों द्वारा किए गए वादों को अब धरातल पर उतारना सबसे बड़ी चुनौती होगी।
निवासियों को भी नई टीम से काफी उम्मीदें हैं। खासकर अध्यक्ष पद पर करीबी मुकाबले और जनरल सेक्रेटरी की ऐतिहासिक जीत के बाद, लोगों की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि यह टीम किस तरह सोसाइटी को बेहतर दिशा में आगे बढ़ाती है।

कुल मिलाकर, लोटस विला सोसाइटी का यह RWA चुनाव लोकतंत्र की भावना, पारदर्शिता और सामुदायिक सहभागिता का बेहतरीन उदाहरण बनकर सामने आया है। यह चुनाव न केवल परिणामों के लिए, बल्कि उसमें शामिल उत्साह और जागरूकता के लिए भी लंबे समय तक याद रखा जाएगा।
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