ग्रेटर नोएडा के सेक्टर बीटा-01 में जिलाधिकारी ने स्थलीय निरीक्षण कर सेक्टर की व्यवस्थाओं और मूलभूत सुविधाओं का जायजा लिया। RWA पदाधिकारियों और सेक्टरवासियों ने बाउंड्री वॉल, सीवर ओवरफ्लो, सड़क के गड्ढों, जलापूर्ति, खराब ट्यूबवेल और पार्क की बाउंड्री समेत कई समस्याएं बताईं। डीएम ने संबंधित अधिकारियों को प्राथमिकता के आधार पर समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के निर्देश दिए।
ग्रेटर नोएडा के सेक्टर बीटा-01 में मंगलवार को जब जिलाधिकारी स्थलीय निरीक्षण के लिए पहुंचे तो सेक्टर की व्यवस्थाओं से जुड़ी कई समस्याएं एक-एक कर सामने आती चली गईं। RWA पदाधिकारियों और स्थानीय निवासियों ने सीधे जिलाधिकारी से संवाद करते हुए अपने क्षेत्र की समस्याएं और सुझाव रखे। कहीं सीवर ओवरफ्लो की परेशानी थी, कहीं सड़कों पर गड्ढे, तो कहीं बाउंड्री वॉल और जलापूर्ति से जुड़ी दिक्कतें।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने केवल शिकायतें सुनी ही नहीं, बल्कि कई स्थानों पर मौके पर जाकर व्यवस्थाओं का जायजा भी लिया। इसके बाद ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण, वन विभाग और हॉर्टिकल्चर विभाग के अधिकारियों को समस्याओं के समाधान के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।

सेक्टर बीटा-01 के RWA पदाधिकारियों और सेक्टरवासियों ने जिलाधिकारी को बताया कि सेक्टर के दोनों ओर बाउंड्री वॉल नहीं है, जिससे सुरक्षा और व्यवस्था से जुड़े सवाल खड़े होते हैं। इसके अलावा सीवर ओवरफ्लो, सड़कों पर बने गड्ढे और जलापूर्ति से संबंधित समस्याएं भी सामने रखी गईं।
स्थानीय लोगों ने ई-ब्लॉक की खराब ट्यूबवेल और सी-ब्लॉक पार्क की बाउंड्री वॉल से जुड़ी समस्या की भी जानकारी दी। लोगों की शिकायतों को सुनने के बाद जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि इन समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर देखा जाए और जल्द से जल्द गुणवत्तापूर्ण समाधान कराया जाए।

निरीक्षण के दौरान जलापूर्ति और सीवर व्यवस्था को लेकर जिलाधिकारी ने अधिकारियों को विशेष सावधानी बरतने के निर्देश दिए। उन्होंने सीवर एवं जलापूर्ति विभाग के अधिकारियों से कहा कि पानी की सप्लाई के दौरान सीवर और वाटर सप्लाई की लाइनें किसी भी स्थिति में आपस में कनेक्ट न हों।
इसका उद्देश्य पेयजल की गुणवत्ता को प्रभावित होने से रोकना है। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि जलापूर्ति व्यवस्था में किसी तरह की लापरवाही के कारण लोगों के स्वास्थ्य और पेयजल की गुणवत्ता पर असर न पड़े।
इसके साथ ही प्राधिकरण के अधिकारियों को ड्रेनेज व्यवस्था नियमित रूप से सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। ड्रेनेज बॉक्स के आसपास किसी तरह का अतिक्रमण न होने देने पर भी विशेष जोर दिया गया।

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी सी-ब्लॉक स्थित बिस्मिल पार्क भी पहुंचे। पार्क के रखरखाव और मौजूदा व्यवस्थाओं का जायजा लेने के बाद उन्होंने पार्क के सौंदर्यीकरण, बाउंड्री वॉल और लाइटिंग से जुड़े कार्य कराने के निर्देश दिए।
उन्होंने प्राधिकरण के अधिकारियों से कहा कि वन विभाग के अधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित करते हुए पार्क के सौंदर्यीकरण और अन्य जरूरी कार्यों को सुनिश्चित कराया जाए। इससे पार्क की व्यवस्था बेहतर होने के साथ-साथ सेक्टरवासियों के लिए सार्वजनिक स्थानों की उपयोगिता भी बढ़ाई जा सकेगी।
स्ट्रीट लाइट और खुले तारों को लेकर भी निर्देश
सेक्टर में स्ट्रीट लाइट व्यवस्था को लेकर भी जिलाधिकारी ने अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने प्राधिकरण के अधिकारियों से कहा कि खराब पड़ी स्ट्रीट लाइटों की मरम्मत जल्द कराई जाए।
इसके साथ ही सेक्टर में जहां कहीं लूज वायर और खुले तार हैं, उन्हें भी यथाशीघ्र व्यवस्थित करने के निर्देश दिए गए।

जिलाधिकारी ने इसे सेक्टरवासियों की सुरक्षा से जोड़ते हुए संबंधित अधिकारियों को लापरवाही न बरतने को कहा।
हर समस्या का समयबद्ध समाधान कराने के निर्देश
जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों के अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सेक्टर की बाउंड्री वॉल, जल निकासी, सड़क मरम्मत, पार्कों की साफ-सफाई, जलापूर्ति और अन्य मूलभूत सुविधाओं से जुड़ी समस्याओं का आपसी समन्वय के साथ समाधान कराया जाए।
उन्होंने कहा कि समस्याओं का निस्तारण केवल औपचारिकता तक सीमित न रहे, बल्कि काम गुणवत्तापूर्ण और निर्धारित समयसीमा के भीतर पूरा होना चाहिए। जनसामान्य से जुड़ी समस्याओं के समाधान में किसी भी तरह की लापरवाही न बरतने के निर्देश भी दिए गए।

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने सेक्टर बीटा-01 के पार्क में पीलखन, बरगद और पीपल के पौधों का रोपण भी किया। इस दौरान उन्होंने सेक्टरवासियों से पर्यावरण संरक्षण के लिए अधिक से अधिक पौधारोपण करने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि पौधे लगाने के साथ उनकी देखभाल और संरक्षण भी उतना ही जरूरी है। इसलिए रोपित पौधों के संरक्षण और नियमित देखभाल में स्थानीय लोगों की सहभागिता सुनिश्चित की जानी चाहिए।
अब सेक्टरवासियों की नजर इस बात पर रहेगी कि निरीक्षण के दौरान सामने आई समस्याओं पर विभागीय स्तर से कितनी तेजी से कार्रवाई होती है। बाउंड्री वॉल, सीवर, सड़क, जलापूर्ति, पार्क और स्ट्रीट लाइट जैसी समस्याओं के समाधान के लिए दिए गए निर्देश जमीन पर कब तक दिखाई देते हैं, यह आने वाले दिनों में स्पष्ट होगा।
निरीक्षण के दौरान डिप्टी कलेक्टर हरिशंकर लाल, एसएम ग्रेटर नोएडा चेतराम सिंह, संबंधित अधिकारीगण, RWA पदाधिकारी और सेक्टरवासी उपस्थित रहे।
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