गौतमबुद्ध नगर में आबकारी विभाग ने विशेष प्रवर्तन अभियान के तहत 18 सितंबर 2026 को विभिन्न मदिरा दुकानों और बार अनुज्ञापनों का आकस्मिक निरीक्षण किया। टीमों ने POS मशीन से निर्धारित मूल्य पर बिक्री, ब्रांडों के प्रदर्शन, गोपनीय टेस्ट परचेज, कैंटीनों की जांच और CCTV की रियल टाइम रिकॉर्डिंग को लेकर संचालकों एवं विक्रेताओं को आवश्यक निर्देश दिए।
शराब की दुकानों पर सब कुछ सामान्य चल रहा है या नहीं, इसकी जांच के लिए गौतमबुद्ध नगर में आबकारी विभाग की टीमें अचानक मैदान में उतरीं। 18 सितंबर 2026 को चलाए गए विशेष प्रवर्तन अभियान के दौरान जिले में संचालित अलग-अलग श्रेणी की मदिरा दुकानों और बार अनुज्ञापनों का आकस्मिक निरीक्षण किया गया। इस दौरान सिर्फ शराब की बिक्री ही नहीं, बल्कि दुकान पर ब्रांडों के प्रदर्शन से लेकर POS मशीन, कैंटीन और CCTV व्यवस्था तक कई बिंदुओं को जांच के दायरे में रखा गया।
यह कार्रवाई आबकारी आयुक्त, उत्तर प्रदेश के आदेशानुसार की गई। पूरे अभियान का पर्यवेक्षण जिला आबकारी अधिकारी गौतमबुद्ध नगर सुबोध कुमार के स्तर से किया गया। जनपदीय आबकारी टीमों ने अलग-अलग स्थानों पर संचालित मदिरा दुकानों का निरीक्षण करते हुए अनुज्ञापियों और विक्रेताओं को आबकारी नियमों का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
विशेष प्रवर्तन अभियान के तहत आबकारी टीमों ने जनपद में संचालित देशी शराब की दुकानों, कम्पोजिट शॉप, मॉडल शॉप, प्रीमियम रिटेल शॉप और बार अनुज्ञापनों का आकस्मिक निरीक्षण किया।
आकस्मिक निरीक्षण का मकसद दुकानों के संचालन में निर्धारित आबकारी नियमों का पालन सुनिश्चित करना रहा। टीमों ने निरीक्षित दुकानों पर व्यवस्थाओं को देखा और संबंधित अनुज्ञापियों तथा विक्रेताओं को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए।
आबकारी विभाग की ओर से दुकानदारों को यह भी निर्देश दिया गया कि मदिरा के विभिन्न ब्रांडों को उचित तरीके से प्रदर्शित किया जाए, ताकि उपलब्ध ब्रांडों की जानकारी स्पष्ट रूप से सामने रहे और बिक्री प्रक्रिया निर्धारित नियमों के अनुसार संचालित हो।
POS मशीन से स्कैन के बाद ही बिक्री पर जोर
निरीक्षण के दौरान आबकारी टीमों ने बिक्री प्रक्रिया पर भी विशेष ध्यान दिया। अनुज्ञापियों और विक्रेताओं को निर्देशित किया गया कि मदिरा की बिक्री POS मशीन से स्कैन कर निर्धारित मूल्य पर सुनिश्चित की जाए।
यानी बिक्री की प्रक्रिया में POS मशीन के इस्तेमाल और तय मूल्य का पालन करने को लेकर स्पष्ट निर्देश दिए गए। विभाग की ओर से दुकानदारों को मदिरा दुकान संचालन से संबंधित आबकारी नियमों का अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए कहा गया।

आबकारी टीमों की कार्रवाई सिर्फ शराब की दुकानों तक सीमित नहीं रही। अभियान के दौरान कैंटीनों की भी गहनता से चेकिंग की गई।
कैंटीनों की जांच भी इसी विशेष प्रवर्तन अभियान का हिस्सा रही। इसके अलावा दुकानों पर गोपनीय टेस्ट परचेज भी करवाया गया। इस प्रक्रिया के जरिए विभाग ने बिक्री व्यवस्था को परखने का प्रयास किया।
टेस्ट परचेज और आकस्मिक निरीक्षण के चलते दुकानदारों और विक्रेताओं को यह स्पष्ट संदेश दिया गया कि दुकान संचालन में निर्धारित नियमों का पालन जरूरी है।
CCTV कैमरों की रियल टाइम रिकॉर्डिंग के निर्देश
निरीक्षण के दौरान दुकानों पर लगे CCTV कैमरों की व्यवस्था को लेकर भी आबकारी विभाग ने निर्देश जारी किए। संबंधित अनुज्ञापियों और विक्रेताओं को दुकानों पर लगे CCTV कैमरों की रिकॉर्डिंग रियल टाइम में संचालित रखने के लिए कहा गया।
CCTV व्यवस्था को लेकर दिए गए निर्देशों का उद्देश्य दुकानों की गतिविधियों की निगरानी से जुड़ी व्यवस्था को निर्धारित तरीके से संचालित रखना है।

विशेष प्रवर्तन अभियान के दौरान जिन मदिरा दुकानों और बार अनुज्ञापनों का निरीक्षण किया गया, वहां के अनुज्ञापियों और विक्रेताओं को आबकारी नियमों का अनुपालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
विभाग की कार्रवाई में शराब की दुकानों पर ब्रांडों के प्रदर्शन, POS मशीन से स्कैन कर निर्धारित मूल्य पर बिक्री, कैंटीनों की चेकिंग, गोपनीय टेस्ट परचेज और CCTV कैमरों की रियल टाइम रिकॉर्डिंग जैसे बिंदुओं पर जोर रहा।
18 सितंबर को हुई यह कार्रवाई ऐसे समय में सामने आई जब आबकारी विभाग ने विशेष प्रवर्तन अभियान के तहत जनपद में संचालित मदिरा दुकानों की व्यवस्थाओं को जांच के दायरे में रखा। अब निगाह इस बात पर रहेगी कि निरीक्षण के बाद संबंधित दुकानों और अनुज्ञापियों द्वारा विभाग की ओर से दिए गए निर्देशों का पालन किस तरह सुनिश्चित किया जाता है।
आबकारी विभाग के निर्देशों के मुताबिक मदिरा दुकानों का संचालन निर्धारित आबकारी नियमों के अनुरूप किया जाना आवश्यक है। इसी क्रम में जनपदीय टीमों द्वारा आकस्मिक निरीक्षण और जांच की प्रक्रिया आगे भी अभियान का हिस्सा बनी रह सकती है।
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