गौतमबुद्ध नगर में उत्तर प्रदेश शासन और आबकारी आयुक्त के निर्देश पर विशेष प्रवर्तन अभियान के तहत 12 सितंबर 2026 को आबकारी विभाग की टीमों ने शराब की दुकानों, बार, ढाबों और कैंटीनों का आकस्मिक निरीक्षण किया। इस दौरान गोपनीय टेस्ट परचेज, CCTV की रियल टाइम रिकॉर्डिंग और मदिरा बिक्री की प्रक्रिया की जांच की गई।
गौतमबुद्ध नगर में शराब की बिक्री और दुकानों के संचालन को लेकर आबकारी विभाग ने 12 सितंबर को विशेष प्रवर्तन अभियान चलाया। उत्तर प्रदेश शासन एवं आबकारी आयुक्त, उत्तर प्रदेश के निर्देशन में चलाए जा रहे इस अभियान के तहत जिला आबकारी अधिकारी सुबोध कुमार के पर्यवेक्षण में जनपदीय आबकारी टीमों ने जिले में संचालित विभिन्न प्रकार के मदिरा प्रतिष्ठानों का आकस्मिक निरीक्षण किया।
कार्रवाई का उद्देश्य सिर्फ दुकानों की सामान्य जांच तक सीमित नहीं रहा, बल्कि बिक्री प्रक्रिया से लेकर निगरानी व्यवस्था और नियमों के अनुपालन तक कई पहलुओं को जांच के दायरे में रखा गया। अचानक हुए निरीक्षण से शराब कारोबार से जुड़े अनुज्ञापियों और विक्रेताओं के बीच भी विभागीय निगरानी को लेकर सतर्कता दिखाई दी।
देशी शराब से प्रीमियम रिटेल शॉप तक जांच
आबकारी टीमों ने जनपद में संचालित देशी शराब की दुकानों, कम्पोजिट शॉप, मॉडल शॉप और प्रीमियम रिटेल शॉप का निरीक्षण किया। इसके साथ ही बार अनुज्ञापनों तथा ढाबों को भी जांच अभियान में शामिल किया गया।

यानी विभाग की नजर केवल नियमित शराब दुकानों तक सीमित नहीं रही। अलग-अलग श्रेणी के मदिरा प्रतिष्ठानों के साथ उन स्थानों की भी जांच की गई जहां मदिरा की बिक्री या उससे संबंधित गतिविधियां संचालित होती हैं।
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने अनुज्ञापियों और विक्रेताओं को स्पष्ट निर्देश दिए कि दुकानों पर मदिरा के विभिन्न ब्रांड्स को नियमानुसार प्रदर्शित किया जाए और ग्राहकों को निर्धारित प्रक्रिया के तहत शराब उपलब्ध कराई जाए।
पास मशीन से स्कैन के बाद ही निर्धारित मूल्य पर बिक्री
अभियान के दौरान आबकारी विभाग ने शराब की बिक्री की प्रक्रिया पर भी विशेष जोर दिया। अनुज्ञापियों एवं विक्रेताओं को निर्देशित किया गया कि पास मशीन से स्कैन कर निर्धारित मूल्य पर ही मदिरा की बिक्री सुनिश्चित की जाए।
विभागीय निर्देशों के मुताबिक बिक्री प्रक्रिया में निर्धारित नियमों का पालन किया जाना जरूरी है। इसलिए निरीक्षण के दौरान यह भी देखा गया कि दुकानों का संचालन निर्धारित व्यवस्था के अनुरूप किया जा रहा है या नहीं।
यह बिंदु इसलिए भी अहम है क्योंकि मदिरा बिक्री में निर्धारित मूल्य और अधिकृत बिक्री प्रक्रिया का पालन आबकारी व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है।

अभियान की सबसे महत्वपूर्ण कड़ियों में से एक रहा गोपनीय टेस्ट परचेज। आबकारी विभाग की टीमों ने मदिरा दुकानों पर गोपनीय तरीके से टेस्ट परचेज करवाया।
इस प्रक्रिया के जरिए विभाग यह जांचने की कोशिश करता है कि वास्तविक बिक्री के दौरान निर्धारित नियमों और बिक्री प्रक्रिया का पालन किया जा रहा है या नहीं। सामान्य निरीक्षण के साथ इस तरह की जांच से दुकानों के वास्तविक संचालन की स्थिति को परखने का प्रयास किया गया।
CCTV कैमरों की भी हुई पड़ताल
शराब की दुकानों पर सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था को लेकर लगाए गए CCTV कैमरों की स्थिति भी जांची गई। टीमों ने दुकानों पर लगे CCTV कैमरों की कार्यशीलता के साथ-साथ रियल टाइम रिकॉर्डिंग को भी देखा।
इससे यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया गया कि दुकानों की निगरानी व्यवस्था केवल कागजों तक सीमित न हो, बल्कि CCTV सिस्टम वास्तव में काम कर रहा हो और रिकॉर्डिंग उपलब्ध हो।
कैंटीनों की गहनता से जांच
विशेष प्रवर्तन अभियान के दौरान कैंटीनों की भी गहनता से चेकिंग की गई। आबकारी टीमों ने कैंटीनों में भी व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया और संबंधित नियमों के अनुपालन की स्थिति देखी।

इसके अलावा अनुज्ञापियों और विक्रेताओं को मदिरा दुकानों का संचालन आबकारी नियमों के अनुसार करने के निर्देश दिए गए।
अब सवाल निगरानी के बाद कार्रवाई का
12 सितंबर को हुई इस व्यापक जांच में विभाग ने बिक्री प्रक्रिया, निर्धारित मूल्य, पास मशीन, CCTV रिकॉर्डिंग, टेस्ट परचेज, कैंटीन और विभिन्न प्रकार के मदिरा प्रतिष्ठानों को जांच के दायरे में रखा। अधिकारियों की ओर से अनुज्ञापियों और विक्रेताओं को नियमों का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
अब निगाह इस बात पर रहेगी कि अभियान के दौरान सामने आई किसी अनियमितता पर आगे क्या कार्रवाई होती है और जिले में शराब बिक्री की व्यवस्था को नियमों के अनुरूप बनाए रखने के लिए आबकारी विभाग की निगरानी कितनी प्रभावी साबित होती है।
फिलहाल विभाग का संदेश साफ है—मदिरा दुकानों का संचालन निर्धारित नियमों के अनुसार हो, बिक्री तय प्रक्रिया और निर्धारित मूल्य पर हो तथा निगरानी व्यवस्था हर समय सक्रिय रहे।
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