गौतमबुद्धनगर में 17 सितंबर से 17 अक्टूबर 2026 तक ‘सेवा संकल्प अभियान’ चलाया जाएगा। मुख्य विकास अधिकारी भाल चंद्र त्रिपाठी की अध्यक्षता में हुई बैठक में अभियान की तैयारियों की समीक्षा की गई। एक महीने के दौरान ‘आशीर्वाद का दीया’, ‘कहानी बदलाव की’, ‘सेवा मेरा योगदान’, ‘सेवा सेतु अभियान—सरकार आपके द्वार’ और ‘जनसेवा महाकुंभ’ समेत कई कार्यक्रम आयोजित होंगे।
सरकारी योजनाओं का लाभ जमीन पर कितने लोगों तक पहुंचा? किन परिवारों की जिंदगी बदली? कितने लाभार्थी अभी भी योजनाओं से बाहर हैं? और सरकारी उपलब्धियों की जानकारी आम लोगों तक किस तरह पहुंचाई जाएगी?
इन्हीं सवालों को केंद्र में रखते हुए गौतमबुद्धनगर में 17 सितंबर से 17 अक्टूबर 2026 तक ‘सेवा संकल्प अभियान’ चलाया जाएगा। उत्तर प्रदेश शासन के निर्देशों के तहत आयोजित होने वाले इस एक महीने के अभियान की तैयारियों को लेकर मुख्य विकास अधिकारी भाल चंद्र त्रिपाठी ने विकास भवन कार्यालय कक्ष में संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक की।
बैठक में अभियान के दौरान होने वाले कार्यक्रमों, विभागवार जिम्मेदारियों और उनकी तैयारियों की विस्तार से समीक्षा की गई। मुख्य विकास अधिकारी ने अधिकारियों को साफ निर्देश दिए कि अभियान से जुड़े सभी कार्यक्रमों की तैयारियां समय से पूरी हों और किसी भी स्तर पर लापरवाही न बरती जाए।
25 साल की जनसेवा से ‘विकसित भारत 2047’ तक का संकल्प
प्रशासन के अनुसार ‘सेवा संकल्प अभियान’ का उद्देश्य 25 वर्षों की निरंतर जनसेवा, सुशासन और जनकल्याणकारी कार्यों से आमजन को अवगत कराना है। साथ ही नागरिकों को ‘विकसित भारत 2047’ के सामूहिक राष्ट्रीय संकल्प से जोड़ना भी अभियान का प्रमुख उद्देश्य रखा गया है।
इसके लिए केंद्र सरकार के पिछले 12 वर्षों और राज्य सरकार के पिछले 10 वर्षों में संचालित विकास कार्यों और जनकल्याणकारी योजनाओं से जुड़ा डेटा जुटाया जाएगा।

अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि लाभार्थियों की अद्यतन सूची, योजनावार उपलब्धियां और संबंधित आंकड़ों का विधानसभा, विकासखंड और ग्राम पंचायत स्तर पर संकलन कराया जाए। प्रत्येक विभाग को अपने विभाग से जुड़ी सूचनाएं निर्धारित समय सीमा के भीतर उपलब्ध करानी होंगी।
‘आशीर्वाद का दीया’ से होगी अभियान की शुरुआत
अभियान के दौरान कई अलग-अलग थीम पर कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इनमें ‘आशीर्वाद का दीया’, ‘25 करोड़ बच्चों के सपनों का भारत’, ‘नमो सेवा गाथा’, ‘आंगन का उत्सव’, ‘कहानी बदलाव की’, ‘सेवा ज्योति यात्रा’, ‘सेवा मेरा योगदान’, ‘सेवा सेतु अभियान—सरकार आपके द्वार’ और ‘जनसेवा महाकुंभ’ प्रमुख हैं।
विशेष रूप से 17 सितंबर को शाम 7 बजे ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम आयोजित होगा। इसमें लाभार्थी परिवारों द्वारा दीप प्रज्वलन किया जाएगा। प्रमुख स्थलों पर भी विशेष दीप प्रज्वलन की व्यवस्था की जाएगी।
कार्यक्रम की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर साझा किए जाने की व्यवस्था भी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में इसके लिए पंचायती राज विभाग और शहरी क्षेत्रों में नगर विकास विभाग को आवश्यक समन्वय करने को कहा गया है।
‘कहानी बदलाव की’ में सामने आएगी योजनाओं से बदली जिंदगी
अभियान का एक महत्वपूर्ण हिस्सा ‘कहानी बदलाव की’ होगा। इसके तहत सरकारी योजनाओं से लाभान्वित ऐसे नागरिकों की पहचान की जाएगी, जिनके जीवन में इन योजनाओं के कारण सकारात्मक बदलाव आया है।
इन लाभार्थियों की वीडियो और रील तैयार कराई जाएंगी और बेहतर सामग्री का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाएगा।
यानी आंकड़ों के साथ-साथ उन लोगों की वास्तविक कहानियां भी सामने लाने की कोशिश होगी, जिनके जीवन में सरकारी योजनाओं का असर पड़ा है।
‘सेवा मेरा योगदान’ में जनता भी बनेगी अभियान का हिस्सा
मुख्य विकास अधिकारी ने अधिकारियों को ‘सेवा मेरा योगदान’ कार्यक्रम में अधिक से अधिक जनभागीदारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
इसके तहत स्वच्छता अभियान, वृक्षारोपण, रक्तदान, स्वास्थ्य शिविर, शिक्षा सहयोग, करियर काउंसलिंग और नदी घाटों की सफाई जैसी गतिविधियां आयोजित की जाएंगी।
इतना ही नहीं, प्रत्येक विधानसभा में कम से कम दो स्थलों के कायाकल्प का लक्ष्य भी रखा गया है। इन कार्यों में नागरिकों की भागीदारी सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया गया है।

अभियान के तहत ‘सेवा सेतु अभियान—सरकार आपके द्वार’ भी चलाया जाएगा। इसके अंतर्गत विकासखंड स्तर पर सात दिवसीय बहुउद्देशीय सेवा शिविर आयोजित किए जाएंगे।
इन शिविरों में लोगों को अलग-अलग सरकारी योजनाओं की जानकारी दी जाएगी। पात्र लोगों से मौके पर आवेदन लिए जाएंगे और उनकी पात्रता का सत्यापन भी किया जाएगा।
यानी कोशिश यह होगी कि पात्र व्यक्ति सिर्फ योजना की जानकारी लेकर वापस न जाए, बल्कि मौके पर ही आवेदन और सत्यापन की प्रक्रिया पूरी हो और उसे योजना का लाभ दिलाने की दिशा में कार्रवाई की जाए।
मुख्य विकास अधिकारी ने संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ इन शिविरों को प्रभावी बनाने और अधिक से अधिक पात्र नागरिकों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने के निर्देश दिए हैं।
व्यवस्था से लेकर सोशल मीडिया तक... हर स्तर पर निगरानी
बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि अभियान के प्रत्येक कार्यक्रम में व्यवस्था, स्वच्छता, सुरक्षा, यातायात, प्रचार-प्रसार और जनभागीदारी का विशेष ध्यान रखा जाए।
हर विभाग को अपनी जिम्मेदारी के अनुसार कार्ययोजना तैयार कर तय समय सीमा में तैयारियां पूरी करनी होंगी। कार्यक्रमों की प्रगति की नियमित समीक्षा भी की जाएगी।
अभियान के दौरान आयोजित होने वाले कार्यक्रमों की फोटो और वीडियो सहित प्रगति पोर्टल पर दर्ज करने की व्यवस्था भी की जानी है।
मुख्य विकास अधिकारी ने स्पष्ट किया कि अभियान की तैयारियां समयबद्ध, सुव्यवस्थित और गुणवत्तापूर्ण होनी चाहिए और किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
उन्होंने अधिकारियों से आपसी समन्वय बनाकर अभियान को सिर्फ सरकारी कार्यक्रम न रहने देने, बल्कि इसे व्यापक जनभागीदारी का स्वरूप देने का आह्वान किया।
बैठक में ये अधिकारी रहे मौजूद
बैठक में डीसीपी हेडक्वार्टर शव्या गोयल, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. मदन मोहन मणि त्रिपाठी, उपनिदेशक माय भारत शिवेंद्र सिंह सहित प्राधिकरण और संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
अब 17 सितंबर से शुरू होने वाले इस अभियान की असली परीक्षा यही होगी कि सरकारी योजनाओं की जानकारी और आंकड़ों के साथ कितने पात्र लोगों तक वास्तविक लाभ पहुंचता है और कितने नागरिक इस अभियान में सक्रिय भागीदार बनते हैं।
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