गौतमबुद्धनगर में आबकारी आयुक्त के आदेश पर जिला आबकारी अधिकारी के नेतृत्व में 9 सितंबर को विशेष प्रवर्तन अभियान चलाया गया। देशी शराब, कंपोजिट, मॉडल, प्रीमियम रिटेल शॉप और बार का आकस्मिक निरीक्षण किया गया। दुकानों पर गोपनीय टेस्ट परचेज, POS मशीन से निर्धारित मूल्य पर बिक्री और CCTV की रियल-टाइम रिकॉर्डिंग के निर्देश दिए गए।
गौतमबुद्धनगर में शराब की दुकानों और बार पर आबकारी विभाग ने अचानक निगरानी बढ़ा दी है। आबकारी आयुक्त उत्तर प्रदेश के आदेशानुसार जिला आबकारी अधिकारी गौतमबुद्धनगर के नेतृत्व में 9 सितंबर 2026 को जनपद में विशेष प्रवर्तन अभियान चलाया गया। इस दौरान आबकारी विभाग की जनपदीय टीमों ने देशी शराब की दुकानों से लेकर कंपोजिट शॉप, मॉडल शॉप, प्रीमियम रिटेल शॉप और बार अनुज्ञापनों का आकस्मिक निरीक्षण किया।
इस कार्रवाई का मकसद केवल दुकानों का सामान्य निरीक्षण करना नहीं था, बल्कि शराब की बिक्री में निर्धारित नियमों का पालन हो रहा है या नहीं, इसकी जमीनी स्थिति भी जांचना था। विभागीय टीमों ने अनुज्ञापियों और विक्रेताओं को कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए, वहीं दुकानों पर गोपनीय टेस्ट परचेज भी कराया गया।
अचानक पहुंची आबकारी टीम, दुकानों की हुई जांच
विशेष प्रवर्तन अभियान के तहत जनपदीय आबकारी टीमों ने अलग-अलग क्षेत्रों में संचालित मदिरा दुकानों और बार प्रतिष्ठानों का आकस्मिक निरीक्षण किया। जांच के दायरे में देशी शराब, कंपोजिट शॉप, मॉडल शॉप, प्रीमियम रिटेल शॉप और बार अनुज्ञापन शामिल रहे।

अचानक निरीक्षण का उद्देश्य यह देखना था कि लाइसेंसधारी प्रतिष्ठानों पर शराब की बिक्री और संचालन से जुड़े निर्धारित नियमों का पालन किया जा रहा है या नहीं। विभाग की टीमों ने मौके पर व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया और अनुज्ञापियों तथा विक्रेताओं को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
हर ब्रांड को सही तरीके से प्रदर्शित करने के निर्देश
निरीक्षण के दौरान शराब के विभिन्न ब्रांडों के प्रदर्शन को लेकर भी दुकानदारों और विक्रेताओं को निर्देशित किया गया। विभाग ने कहा कि मदिरा के विभिन्न ब्रांडों को निर्धारित व्यवस्था के अनुसार प्रदर्शित किया जाए, ताकि ग्राहकों को उपलब्ध ब्रांडों की जानकारी स्पष्ट रूप से मिल सके।
इसके साथ ही बिक्री प्रक्रिया को लेकर भी आबकारी विभाग ने विशेष जोर दिया।
POS मशीन से स्कैन कर निर्धारित मूल्य पर हो बिक्री
अभियान के दौरान अनुज्ञापियों और विक्रेताओं को निर्देश दिया गया कि मदिरा की बिक्री POS मशीन से स्कैन करके निर्धारित मूल्य पर ही सुनिश्चित की जाए।
यानी शराब की बिक्री की प्रक्रिया में POS मशीन का इस्तेमाल और निर्धारित मूल्य का पालन महत्वपूर्ण रहेगा। विभागीय निर्देशों का उद्देश्य बिक्री व्यवस्था में पारदर्शिता बनाए रखना और ग्राहकों से निर्धारित मूल्य से अधिक वसूली की संभावनाओं पर निगरानी रखना है।

इस दौरान विक्रेताओं को स्पष्ट रूप से निर्देशित किया गया कि बिक्री प्रक्रिया में निर्धारित व्यवस्था का पालन किया जाए और POS मशीन के माध्यम से ही आवश्यक स्कैनिंग सुनिश्चित की जाए।
कैंटीनों की भी हुई गहन चेकिंग
विशेष अभियान के दौरान आबकारी टीमों ने केवल शराब की दुकानों और बार तक अपनी कार्रवाई सीमित नहीं रखी। कैंटीनों की भी गहनता से चेकिंग की गई।
कैंटीनों में उपलब्ध व्यवस्थाओं और मदिरा बिक्री से जुड़े नियमों के अनुपालन की स्थिति को देखा गया। इस तरह विभाग ने अभियान के दौरान शराब की बिक्री से जुड़े विभिन्न प्रतिष्ठानों को अपनी निगरानी के दायरे में रखा।
गोपनीय टेस्ट परचेज से परखी गई बिक्री व्यवस्था
इस अभियान की एक खास बात दुकानों पर कराया गया गोपनीय टेस्ट परचेज रहा। इसका उद्देश्य यह परखना था कि वास्तविक बिक्री के दौरान विक्रेता निर्धारित नियमों का पालन कर रहे हैं या नहीं।
टेस्ट परचेज के जरिए विभाग जमीनी स्तर पर बिक्री प्रक्रिया को जांचने का प्रयास करता है। इससे केवल कागजी निरीक्षण के बजाय वास्तविक ग्राहक की तरह बिक्री व्यवस्था को परखने में मदद मिलती है।
यही वजह है कि विशेष प्रवर्तन अभियान के दौरान टेस्ट परचेज को महत्वपूर्ण जांच प्रक्रिया के तौर पर इस्तेमाल किया गया।
CCTV की निगरानी पर भी सख्ती
आबकारी विभाग ने जनपद की मदिरा दुकानों पर लगे CCTV कैमरों की रिकॉर्डिंग को रियल-टाइम में संचालित करने के निर्देश भी दिए।
विभाग की ओर से सभी संबंधित दुकानदारों और अनुज्ञापियों को निर्देशित किया गया कि दुकानों पर स्थापित CCTV व्यवस्था प्रभावी रूप से चालू रहे और रिकॉर्डिंग रियल-टाइम में संचालित हो।

इसका उद्देश्य दुकानों की गतिविधियों पर निगरानी को मजबूत करना और जरूरत पड़ने पर घटनाओं की रिकॉर्डिंग उपलब्ध रखना है।
निगरानी सिर्फ कागजों तक सीमित नहीं
गौतमबुद्धनगर में चलाया गया यह विशेष प्रवर्तन अभियान यह संकेत देता है कि आबकारी विभाग शराब बिक्री की प्रक्रिया को लेकर जमीनी स्तर पर निगरानी बढ़ा रहा है। दुकानों के आकस्मिक निरीक्षण के साथ POS मशीन से बिक्री, निर्धारित मूल्य, ब्रांड प्रदर्शन, कैंटीनों की जांच, गोपनीय टेस्ट परचेज और CCTV रिकॉर्डिंग जैसे अलग-अलग पहलुओं को एक साथ जांच के दायरे में रखा गया।
खास बात यह है कि निरीक्षण का स्वरूप अचानक रखा गया, जिससे वास्तविक स्थिति को परखने की कोशिश की जा सके।
आगे भी जारी रह सकती है निगरानी
9 सितंबर को चलाए गए इस विशेष अभियान के बाद शराब विक्रेताओं और अनुज्ञापियों को दिए गए निर्देशों का पालन अब महत्वपूर्ण होगा। खासतौर पर POS मशीन से स्कैन कर निर्धारित मूल्य पर बिक्री और CCTV की रियल-टाइम रिकॉर्डिंग को लेकर विभाग ने स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं।
आबकारी आयुक्त के आदेश पर जिला आबकारी अधिकारी के नेतृत्व में चलाए गए इस अभियान ने साफ कर दिया है कि जनपद में शराब की दुकानों और बार की निगरानी को लेकर विभाग सक्रिय है। आने वाले दिनों में इन प्रतिष्ठानों पर नियमों के अनुपालन की स्थिति को लेकर निरीक्षण और जांच का सिलसिला जारी रहने की संभावना है।
फिलहाल 9 सितंबर की कार्रवाई में विभाग ने दुकानों और बार से लेकर कैंटीनों तक व्यवस्था को जांच के दायरे में लाकर बिक्री प्रक्रिया और निगरानी तंत्र को मजबूत करने पर जोर दिया है। अब नजर इस बात पर रहेगी कि निर्देशों के बाद सभी प्रतिष्ठानों में POS, निर्धारित मूल्य और CCTV से जुड़े नियमों का कितना प्रभावी पालन होता है।
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