उत्तर प्रदेश आबकारी विभाग के निर्देश पर गौतमबुद्ध नगर में बड़े पैमाने पर प्रवर्तन अभियान चलाया गया। जिलेभर की शराब दुकानों और बार का औचक निरीक्षण कर CCTV, POS मशीन, ब्रांडवार शराब प्रदर्शन, टेस्ट परचेज और कैंटीन व्यवस्था की गहन जांच की गई।
जिले में शराब की बिक्री को पूरी तरह पारदर्शी, नियमबद्ध और उपभोक्ता हितैषी बनाने के उद्देश्य से आबकारी विभाग ने शुक्रवार को व्यापक प्रवर्तन अभियान चलाया। आबकारी आयुक्त उत्तर प्रदेश के निर्देशों के क्रम में जिलाधिकारी गौतमबुद्ध नगर और पुलिस आयुक्त गौतमबुद्ध नगर के निर्देशन तथा जिला आबकारी अधिकारी गौतमबुद्ध नगर के पर्यवेक्षण में जिलेभर की विभिन्न शराब दुकानों और बारों का संयुक्त रूप से औचक निरीक्षण किया गया।
इस विशेष अभियान में आबकारी निरीक्षकों ने संबंधित थाना पुलिस के साथ मिलकर जनपद में संचालित देशी शराब की दुकानें, कम्पोजिट शॉप, मॉडल शॉप, प्रीमियम रिटेल शॉप और बार अनुज्ञापन का निरीक्षण किया। अभियान का उद्देश्य लाइसेंस की शर्तों का पालन सुनिश्चित करना, बिक्री प्रणाली में पारदर्शिता बनाए रखना तथा उपभोक्ताओं को निर्धारित मानकों के अनुरूप सेवाएं उपलब्ध कराना था।
अचानक पहुंची टीम, दुकानों में मची हलचल
प्रवर्तन अभियान के दौरान आबकारी एवं पुलिस की संयुक्त टीम बिना पूर्व सूचना के विभिन्न दुकानों और बारों पर पहुंची। अधिकारियों ने दुकानों के संचालन, स्टॉक व्यवस्था, लाइसेंस संबंधी दस्तावेज, बिक्री प्रक्रिया और उपभोक्ताओं के लिए उपलब्ध सुविधाओं की बारीकी से जांच की।
अचानक हुई इस कार्रवाई से कई दुकानों पर हलचल का माहौल देखने को मिला। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने यह सुनिश्चित किया कि सभी दुकानें निर्धारित नियमों और आबकारी विभाग के दिशा-निर्देशों के अनुसार संचालित हो रही हैं।
ब्रांडवार शराब प्रदर्शन पर विशेष जोर
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने दुकानदारों और अनुज्ञापियों को निर्देश दिए कि प्रत्येक दुकान के बिक्री काउंटर के पास उपलब्ध सभी शराब ब्रांडों का स्पष्ट और व्यवस्थित प्रदर्शन किया जाए।

विभाग का मानना है कि ब्रांडवार डिस्प्ले होने से उपभोक्ताओं को उत्पादों की उपलब्धता की सही जानकारी मिलती है तथा अनावश्यक भ्रम या गलत बिक्री की संभावनाएं कम होती हैं। इसके साथ ही मूल्य और ब्रांड की पारदर्शिता भी सुनिश्चित होती है।
गोपनीय टेस्ट परचेज से परखी गई बिक्री व्यवस्था
इस अभियान की सबसे महत्वपूर्ण विशेषता रही 'गोपनीय टेस्ट परचेज'।
आबकारी विभाग ने अलग-अलग दुकानों पर गुप्त रूप से ग्राहकों के माध्यम से शराब की खरीद करवाई, ताकि वास्तविक स्थिति का आकलन किया जा सके। इस प्रक्रिया के माध्यम से यह जांचा गया कि दुकानों पर निर्धारित मूल्य पर ही बिक्री हो रही है या नहीं, बिल दिया जा रहा है या नहीं तथा विक्रेता नियमों का पालन कर रहे हैं या नहीं।
इस प्रकार की जांच से विभाग को बिना पूर्व सूचना के दुकानों की वास्तविक कार्यप्रणाली का पता चलता है।
CCTV निगरानी की रियल टाइम जांच
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने सभी शराब दुकानों पर लगाए गए CCTV कैमरों की भी जांच की।
दुकानदारों और अनुज्ञापियों को निर्देशित किया गया कि CCTV कैमरे केवल लगाए ही न हों, बल्कि उनकी रिकॉर्डिंग रियल टाइम में लगातार संचालित होती रहे। अधिकारियों ने कहा कि कैमरों की नियमित कार्यशीलता किसी भी शिकायत, विवाद या जांच की स्थिति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
इसके साथ ही दुकानदारों को कैमरों के रखरखाव और रिकॉर्डिंग सुरक्षित रखने के भी निर्देश दिए गए।
POS मशीन से 100 प्रतिशत बिक्री के निर्देश
आबकारी विभाग ने डिजिटल और पारदर्शी बिक्री व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए सभी अनुज्ञापियों एवं विक्रेताओं को स्पष्ट निर्देश दिए कि प्रत्येक बिक्री POS मशीन के माध्यम से ही दर्ज की जाए।

अधिकारियों ने कहा कि शराब की 100 प्रतिशत बिक्री POS मशीन से किए जाने से बिक्री का सटीक रिकॉर्ड उपलब्ध रहेगा, राजस्व पारदर्शिता सुनिश्चित होगी और अवैध बिक्री या कर चोरी जैसी संभावनाओं पर प्रभावी नियंत्रण लगाया जा सकेगा।
कैंटीन और बारों की भी हुई गहन जांच
अभियान केवल शराब दुकानों तक सीमित नहीं रहा। निरीक्षण टीम ने विभिन्न बारों और उनसे संबंधित कैंटीनों का भी विस्तृत निरीक्षण किया।
इस दौरान स्वच्छता, स्टॉक, लाइसेंस शर्तों का पालन, सेवा व्यवस्था और संचालन संबंधी अन्य मानकों की भी जांच की गई। अधिकारियों ने संबंधित संचालकों को निर्धारित मानकों का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
संयुक्त अभियान से बढ़ेगी निगरानी और पारदर्शिता
आबकारी विभाग के अधिकारियों का कहना है कि इस प्रकार के संयुक्त प्रवर्तन अभियान का उद्देश्य केवल कार्रवाई करना नहीं, बल्कि शराब बिक्री प्रणाली को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और उपभोक्ता हितैषी बनाना है।
पुलिस और आबकारी विभाग की संयुक्त मौजूदगी से नियमों के उल्लंघन की संभावनाएं कम होती हैं और लाइसेंसधारकों में भी नियमों के पालन को लेकर गंभीरता बढ़ती है।
आगे भी जारी रहेगा अभियान
आबकारी विभाग ने संकेत दिए हैं कि जिले में इस प्रकार के औचक निरीक्षण और प्रवर्तन अभियान भविष्य में भी लगातार जारी रहेंगे। विभाग का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सभी लाइसेंसधारी निर्धारित नियमों के अनुरूप कार्य करें और शराब की बिक्री पूरी तरह पारदर्शी एवं वैधानिक व्यवस्था के तहत हो।
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