गौतमबुद्धनगर के जिलाधिकारी ने व्यापार बंधु समिति और जिला स्वास्थ्य समिति की समीक्षा बैठकों में व्यापारिक संगठनों की समस्याओं से लेकर राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, आयुष्मान भारत, आशा भर्ती, टीकाकरण और संचारी रोग नियंत्रण अभियान तक सभी महत्वपूर्ण विषयों की समीक्षा की। अधिकारियों को समयबद्ध समाधान और जवाबदेही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
जिले में विकास कार्यों की गति, व्यापारिक सुविधाओं और स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। मंगलवार को जिलाधिकारी की अध्यक्षता में दो महत्वपूर्ण बैठकें आयोजित हुईं। पहली बैठक व्यापार बंधु समिति की रही, जिसमें व्यापारियों ने वर्षों से लंबित समस्याओं को प्रमुखता से उठाया।
इसके बाद कलेक्ट्रेट सभागार में जिला स्वास्थ्य समिति, शासी निकाय एवं विशेष संचारी रोग नियंत्रण तथा दस्तक अभियान की समीक्षा बैठक आयोजित हुई, जिसमें स्वास्थ्य विभाग की योजनाओं और सेवाओं की गहन समीक्षा की गई। दोनों बैठकों में जिलाधिकारी ने स्पष्ट संदेश दिया कि जनहित से जुड़े किसी भी कार्य में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और प्रत्येक विभाग समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करे।

कार्यालय कक्ष में आयोजित व्यापार बंधु समिति की बैठक में जिले के विभिन्न व्यापारिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने व्यापार को प्रभावित करने वाली कई महत्वपूर्ण समस्याएं जिलाधिकारी के सामने रखीं।
व्यापारियों ने बताया कि रूपवास बाईपास का निर्माण कार्य लंबे समय से अधूरा पड़ा है, जिससे आवाजाही प्रभावित हो रही है। इसके अलावा दादरी रेलवे रोड का अधूरा निर्माण, तिगड़ी क्षेत्र में अतिक्रमण के कारण लगने वाला भीषण ट्रैफिक जाम तथा क्षतिग्रस्त और गड्ढों वाली सड़कें व्यापारियों और आम नागरिकों के लिए बड़ी परेशानी का कारण बनी हुई हैं।
व्यापारिक प्रतिनिधियों ने कहा कि इन समस्याओं के कारण न केवल व्यापार प्रभावित हो रहा है, बल्कि ग्राहकों और स्थानीय लोगों को भी रोजाना कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

डीएम ने दिए प्राथमिकता के आधार पर समाधान के निर्देश
व्यापारियों की सभी शिकायतों को गंभीरता से सुनने के बाद जिलाधिकारी ने संबंधित प्राधिकरणों और विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिया कि प्रत्येक समस्या का प्राथमिकता के आधार पर प्रभावी और समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जाए।
उन्होंने स्पष्ट कहा कि व्यापारियों की समस्याओं का समाधान जिला प्रशासन की प्राथमिकता है। संबंधित विभाग व्यापारिक संगठनों द्वारा उठाए गए प्रत्येक बिंदु पर गंभीरता से कार्रवाई करें ताकि जिले में व्यापारिक गतिविधियां अधिक सुगम, सुरक्षित और व्यवस्थित बन सकें।
बैठक में अपर जिलाधिकारी (न्यायिक) प्रियंका, राज्य कर विभाग के डिप्टी कमिश्नर प्रशासन अजीत कुमार सिंह, विभिन्न विभागों के अधिकारी तथा व्यापारिक संगठनों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। व्यापार बंधु समिति की बैठक के बाद कलेक्ट्रेट सभागार में जिला स्वास्थ्य समिति, शासी निकाय एवं विशेष संचारी रोग नियंत्रण तथा दस्तक अभियान की अंतर्विभागीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई।
बैठक में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत संचालित विभिन्न योजनाओं और कार्यक्रमों की प्रगति की समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप प्रत्येक पात्र और जरूरतमंद व्यक्ति तक गुणवत्तापूर्ण, सुलभ और समयबद्ध स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना सभी चिकित्सा अधिकारियों की पहली जिम्मेदारी है।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि स्वास्थ्य योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे और स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में लगातार सुधार किया जाए।
आशा भर्ती, प्रशिक्षण और मानदेय पर विशेष जोर
बैठक के दौरान आशा कार्यकर्ताओं के रिक्त पदों की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने सभी रिक्त पदों पर शत-प्रतिशत भर्ती शीघ्र पूरी करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि भर्ती प्रक्रिया का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए ताकि अधिक से अधिक योग्य महिलाओं के आवेदन प्राप्त हों।
उन्होंने आशा कार्यकर्ताओं के औसत मासिक मानदेय में वृद्धि के लिए प्रभावी प्रयास करने, लंबित प्रशिक्षण जल्द पूरा कराने और उत्कृष्ट कार्य करने वाली आशाओं को सम्मानित करने के भी निर्देश दिए। प्रशिक्षण के दौरान उन्हें विभिन्न योजनाओं में मिलने वाले प्रोत्साहन और मानदेय की विस्तृत जानकारी उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया गया।
आयुष्मान आरोग्य मंदिरों की रैंकिंग सुधारने के निर्देश
आयुष्मान आरोग्य मंदिर और प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत स्वास्थ्य अवसंरचना मिशन की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने डैशबोर्ड रैंकिंग में सुधार लाने के निर्देश दिए। उन्होंने विशेष रूप से उन 11 आयुष्मान आरोग्य मंदिरों का उल्लेख किया जहां अभी तक जल कनेक्शन उपलब्ध नहीं है। जिलाधिकारी ने नोएडा और ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के साथ समन्वय स्थापित कर वहां शीघ्र जल कनेक्शन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

स्वास्थ्य केंद्रों में मूलभूत सुविधाएं हर हाल में उपलब्ध हों
जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि जिले के सभी स्वास्थ्य केंद्रों पर निर्बाध बिजली, स्वच्छ पेयजल, कार्यशील शौचालय और अन्य मूलभूत सुविधाएं हर समय उपलब्ध रहनी चाहिए।
उन्होंने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जेवर में ब्लड स्टोरेज यूनिट की स्थापना के लिए मुख्य चिकित्सा अधिकारी को तत्काल मांग-पत्र भेजने के निर्देश दिए। साथ ही जिन प्रथम रेफरल इकाइयों में आवश्यकता है, वहां सीजेरियन प्रसव की संख्या बढ़ाने के लिए आवश्यक कदम उठाने को कहा।
आयुष्मान कार्ड और टीकाकरण पर विशेष निगरानी
बैठक में जननी सुरक्षा योजना, आयुष्मान भारत कार्ड, वीएबी बच्चों और नवजात शिशु गहन चिकित्सा इकाई की भी समीक्षा की गई।

जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि सभी पात्र लाभार्थियों के आयुष्मान भारत कार्ड जल्द से जल्द बनाए जाएं। साथ ही चिन्हित बच्चों की नियमित निगरानी, समयबद्ध उपचार और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित की जाएं।
टीकाकरण की समीक्षा के दौरान उन्होंने निर्देश दिया कि जिन क्षेत्रों में अभी शत-प्रतिशत टीकाकरण नहीं हुआ है, वहां छूटे हुए बच्चों और उनके परिवारों की क्षेत्रवार सूची तीन दिनों के भीतर तैयार की जाए। इसके बाद विशेष अभियान चलाकर सभी पात्र बच्चों का पूर्ण टीकाकरण सुनिश्चित किया जाए।
विशेष संचारी रोग नियंत्रण एवं दस्तक अभियान की समीक्षा के दौरान जिला मलेरिया अधिकारी ने प्रथम सप्ताह की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की।
जिलाधिकारी ने स्वास्थ्य विभाग और बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग को संयुक्त माइक्रो प्लान तैयार कर अभियान को प्रभावी ढंग से लागू करने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि संवेदनशील क्षेत्रों में जनजागरूकता, स्वच्छता, जलभराव की रोकथाम, स्रोत नियंत्रण और मच्छरों के प्रजनन स्थलों के उन्मूलन की गतिविधियों को पूरी गंभीरता से संचालित किया जाए।
बैठक के अंत में जिलाधिकारी ने सभी अधिकारियों को निर्देश दिया कि स्वास्थ्य विभाग के पोर्टलों पर समयबद्ध और त्रुटिरहित आंकड़े अपलोड किए जाएं तथा सभी योजनाओं और अभियानों के निर्धारित लक्ष्यों की शत-प्रतिशत पूर्ति सुनिश्चित की जाए।
इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी भालचंद्र त्रिपाठी, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. मदन मोहन मणि त्रिपाठी, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अशोक कुमार झा, उप जिलाधिकारी जेवर दुर्गेश सिंह, अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी संजीव सारस्वत, जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. आर. पी. सिंह, जिला मलेरिया अधिकारी श्रुति कीर्ति वर्मा, डीपीएम मंजीत कुमार सहित स्वास्थ्य विभाग और अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
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