नोएडा के सेक्टर-126 थाना क्षेत्र में हुए युवक अजय मुखिया हत्याकांड का पुलिस ने 24 घंटे में खुलासा कर दिया। साढ़ू समेत तीन आरोपियों की गिरफ्तारी के साथ मोबाइल, एटीएम कार्ड और ई-रिक्शा बरामद किया गया।
नोएडा के थाना सेक्टर-126 क्षेत्र में हुए अजय मुखिया हत्याकांड का पुलिस ने महज 24 घंटे के भीतर सफल अनावरण कर दिया है। इस सनसनीखेज मामले में पुलिस ने दो मुख्य हत्यारों और शव को ठिकाने लगाने में मदद करने वाले एक अन्य आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर मृतक का मोबाइल फोन, एटीएम कार्ड और शव छिपाने में प्रयुक्त ई-रिक्शा भी बरामद किया है।
मामला 02 जनवरी 2026 को सामने आया, जब मृतक अजय मुखिया (उम्र लगभग 24 वर्ष) की पत्नी ने थाना सेक्टर-126 में अपने पति की हत्या की तहरीर दी। इसके आधार पर थाना सेक्टर-126 में मु0अ0सं0-0002/2026 धारा 103 बी.एन.एस. के तहत मामला दर्ज किया गया।

घटना के शीघ्र खुलासे के लिए पुलिस टीम का गठन किया गया। इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस, बीट पुलिसिंग और लोकल इंटेलिजेंस के जरिए सूचना एकत्र कर 03 जनवरी को दो मुख्य आरोपी राम वचन मांझी और साजन मांझी उर्फ सज्जन मांझी को असगरपुर से रायपुर जाने वाले पुश्ता रोड से गिरफ्तार किया गया। इसके बाद शव छिपाने में मदद करने वाले आरोपी अशोक को रायपुर पुश्ता कट से दबोचा गया।
पूछताछ में सामने आया कि मृतक अजय, आरोपी रामवचन का सगा साढ़ू था। रामवचन को शक था कि अजय उसकी पत्नी से अवैध संबंध बनाना चाहता है। इसी रंजिश में दोनों साढ़ुओं ने हत्या की साजिश रची। 28 दिसंबर 2025 को अजय को शराब पिलाकर नशे की हालत में मारपीट की गई और गला दबाकर उसकी हत्या कर दी गई। बाद में शव को प्लास्टिक के कट्टे में बांधकर घोड़ा फार्म/जिंदल फार्म के सामने नाले में फेंक दिया गया।
फिलहाल तीनों आरोपियों के खिलाफ धारा 103/238 बी.एन.एस. में विधिक कार्रवाई जारी है।
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