ग्रेटर नोएडा के फोर्टिस हॉस्पिटल ने एक बेहद जटिल और दुर्लभ मेडिकल प्रक्रिया ‘रीनल डीनर्वेशन’ को सफलतापूर्वक अंजाम देकर हाई ब्लड प्रेशर और हाइपरटेंसिव हार्ट फेलियर से जूझ रहे मरीजों को नई जिंदगी की उम्मीद दी है। कई दवाइयों के बावजूद जिन मरीजों का ब्लड प्रेशर नियंत्रण में नहीं आ रहा था, उनके लिए यह तकनीक किसी बड़ी राहत से कम नहीं मानी जा रही।
हाई ब्लड प्रेशर… एक ऐसी बीमारी जिसे अक्सर लोग सामान्य समझकर नजरअंदाज कर देते हैं। लेकिन जब यही ब्लड प्रेशर दवाइयों के बावजूद नियंत्रण में न आए और धीरे-धीरे दिल, किडनी और पूरे शरीर को खतरे में डालने लगे, तब यह जानलेवा बन जाता है। ऐसे ही गंभीर मरीजों के लिए ग्रेटर नोएडा से एक राहत भरी खबर सामने आई है, जहां फोर्टिस हॉस्पिटल ने एडवांस ‘रीनल डीनर्वेशन’ प्रक्रिया के जरिए दो मरीजों का सफल इलाज कर मेडिकल क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है।
फोर्टिस हॉस्पिटल ग्रेटर नोएडा ने रेजिस्टेंट हाइपरटेंशन यानी प्रतिरोधी उच्च रक्तचाप और हाइपरटेंसिव हार्ट फेलियर से जूझ रहे मरीजों पर एडवांस रीनल डीनर्वेशन प्रक्रिया को सफलतापूर्वक अंजाम दिया। यह प्रक्रिया उन मरीजों के लिए उम्मीद बनकर सामने आई है, जिनका ब्लड प्रेशर कई प्रकार की दवाओं के बावजूद खतरनाक स्तर पर बना रहता है।
इस पूरी प्रक्रिया का नेतृत्व फोर्टिस ग्रेटर नोएडा के कंसल्टेंट कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. हरनीश सिंह भाटिया ने किया। उन्होंने इस मिनिमली इन्वेसिव तकनीक को सफलतापूर्वक अंजाम देकर मरीजों को गंभीर कार्डियोवैस्कुलर जोखिमों से राहत दिलाई।
क्या होता है रेजिस्टेंट हाइपरटेंशन?
रेजिस्टेंट हाइपरटेंशन एक गंभीर हृदय संबंधी स्थिति है, जिसमें मरीज को ब्लड प्रेशर नियंत्रित करने के लिए कई दवाइयाँ दी जाती हैं, लेकिन इसके बावजूद रक्तचाप सामान्य स्तर पर नहीं आता। ऐसे मरीजों में हार्ट अटैक, स्ट्रोक, हार्ट फेलियर, किडनी फेलियर और अचानक मौत तक का खतरा बना रहता है।
फोर्टिस में इलाज कराने वाली एक 68 वर्षीय महिला कई वर्षों से इसी समस्या से जूझ रही थीं। उन्हें छह प्रकार की एंटीहाइपरटेंसिव दवाओं की अधिकतम डोज दी जा रही थी, लेकिन इसके बावजूद उनका ब्लड प्रेशर लगातार 180 से 200 mmHg के बीच बना हुआ था। हालत इतनी गंभीर हो चुकी थी कि उन्हें बार-बार हाइपरटेंसिव हार्ट फेलियर के कारण अस्पताल में भर्ती कराना पड़ रहा था।
डॉक्टरों द्वारा विस्तृत जांच के बाद यह स्पष्ट हुआ कि उनके हाई ब्लड प्रेशर का कोई दूसरा रिवर्सिबल कारण नहीं है। ऐसे में डॉक्टरों ने एडवांस रीनल डीनर्वेशन प्रक्रिया का विकल्प चुना।
क्या है एडवांस रीनल डीनर्वेशन तकनीक?
यह एक कैथेटर आधारित मिनिमली इन्वेसिव प्रक्रिया है, जिसमें किडनी की धमनियों के आसपास मौजूद उन अतिसक्रिय नसों को निष्क्रिय किया जाता है जो लगातार ब्लड प्रेशर बढ़ाने में भूमिका निभाती हैं। आसान भाषा में समझें तो यह तकनीक हाई ब्लड प्रेशर की जड़ पर काम करती है।
डॉ. हरनीश सिंह भाटिया के अनुसार,
“रेजिस्टेंट हाइपरटेंशन सबसे खतरनाक लेकिन कम समझी जाने वाली कार्डियोवैस्कुलर स्थितियों में से एक है। हमारे दोनों मरीजों को छह प्रकार की दवाएं दी जा रही थीं, लेकिन इसके बावजूद उनका ब्लड प्रेशर नियंत्रण में नहीं आ रहा था। ऐसे मामलों में रीनल डीनर्वेशन बीमारी की जड़ यानी सिंपेथेटिक ओवरएक्टिविटी को सीधे टारगेट करता है। यह उन मरीजों के लिए बेहद महत्वपूर्ण विकल्प बनकर उभर रहा है जिनकी स्थिति पारंपरिक इलाज के बावजूद नियंत्रण में नहीं आती।”
मरीजों के लिए क्यों खास है यह तकनीक?
आज की भागदौड़ भरी जिंदगी, तनाव, खराब खानपान और शारीरिक गतिविधियों की कमी के चलते हाई ब्लड प्रेशर तेजी से बढ़ती समस्या बन चुका है। लेकिन सबसे बड़ा खतरा तब होता है जब मरीज दवाइयों के बावजूद ठीक नहीं हो पाता।
ऐसे में रीनल डीनर्वेशन जैसी तकनीक मरीजों के लिए नई उम्मीद लेकर आई है। यह न सिर्फ ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करने में मदद करती है बल्कि लंबे समय में हार्ट और किडनी को होने वाले नुकसान को भी कम करती है।
फोर्टिस ग्रेटर नोएडा ने जताई प्रतिबद्धता
फोर्टिस ग्रेटर नोएडा के फेसिलिटी डायरेक्टर सिद्धार्थ निगम ने कहा कि ये सफल मामले अस्पताल की कार्डियोलॉजी टीम की विशेषज्ञता को दर्शाते हैं। उन्होंने कहा,
“इन सफल प्रक्रियाओं ने जटिल और जोखिमपूर्ण कार्डियक मामलों के लिए उन्नत और साक्ष्य-आधारित उपचार उपलब्ध कराने की हमारी प्रतिबद्धता को और मजबूत किया है। हमारा उद्देश्य हर मरीज को विश्वस्तरीय और संवेदनशील स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है।”
देशभर में फैला है फोर्टिस नेटवर्क
फोर्टिस हेल्थकेयर लिमिटेड देश के प्रमुख हेल्थकेयर नेटवर्क में से एक है। कंपनी देश के 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में 36 हेल्थकेयर सुविधाओं का संचालन कर रही है। इसके नेटवर्क में 6000 से अधिक ऑपरेशनल बेड और 400 से ज्यादा डायग्नॉस्टिक लैब शामिल हैं।
फोर्टिस, आईएचएच हेल्थकेयर समूह का हिस्सा है, जो दुनिया के 10 देशों में 140 से अधिक हेल्थकेयर सुविधाओं का संचालन करता है।
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