फोर्टिस हॉस्पिटल नोएडा द्वारा आयोजित 'रन फॉर वेलनेस' में 1,200 से अधिक प्रतिभागियों ने हिस्सा लेकर फिटनेस और प्रिवेंटिव हेल्थकेयर का संदेश दिया। आयोजन में 3 किमी साड़ी रन ने विशेष आकर्षण बटोरा, जबकि मेडिकल ऑन्कोलॉजिस्ट डॉ. ज्योति आनंद ने कैंसर की शुरुआती पहचान, नियमित स्वास्थ्य जांच और जागरूकता को स्वस्थ जीवन की सबसे बड़ी कुंजी बताया।
भागदौड़ भरी जिंदगी, बढ़ती जीवनशैली संबंधी बीमारियां और स्वास्थ्य के प्रति लापरवाही आज समाज के सामने बड़ी चुनौती बनती जा रही हैं। ऐसे समय में यदि हजारों लोग एक साथ केवल दौड़ने के लिए नहीं, बल्कि बेहतर स्वास्थ्य के संदेश के साथ सड़कों पर उतरें, तो यह केवल एक खेल आयोजन नहीं रह जाता, बल्कि जनस्वास्थ्य का एक व्यापक अभियान बन जाता है। इसी उद्देश्य के साथ फोर्टिस हॉस्पिटल नोएडा ने 'फोर्टिस नोएडा रन फॉर वेलनेस' का आयोजन किया, जिसमें 1,200 से अधिक लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर स्वस्थ जीवनशैली और प्रिवेंटिव हेल्थकेयर का संदेश दिया।
इस आयोजन में बच्चों से लेकर वरिष्ठ नागरिकों, पेशेवर धावकों, महिलाओं और स्थानीय समुदाय के लोगों ने सक्रिय भागीदारी निभाई। कार्यक्रम का उद्देश्य केवल फिटनेस को बढ़ावा देना नहीं था, बल्कि लोगों को यह समझाना भी था कि बीमारी का इंतजार करने से बेहतर है कि समय रहते स्वास्थ्य के प्रति सजग रहा जाए।
तीन श्रेणियों में आयोजित हुई दौड़
फोर्टिस हॉस्पिटल नोएडा द्वारा आयोजित इस हेल्थ रन को विभिन्न आयु वर्ग और फिटनेस स्तर को ध्यान में रखते हुए तीन श्रेणियों में विभाजित किया गया।
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10 किलोमीटर रन
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5 किलोमीटर रन
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3 किलोमीटर वेलनेस रन
इन तीनों श्रेणियों में बड़ी संख्या में प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। सुबह से ही आयोजन स्थल पर उत्साह का माहौल दिखाई दिया। प्रतिभागियों ने जोश और ऊर्जा के साथ दौड़ पूरी की और स्वस्थ जीवन अपनाने का संकल्प लिया।

3 किलोमीटर 'साड़ी रन' बनी आकर्षण का केंद्र
इस आयोजन का सबसे खास आकर्षण 3 किलोमीटर साड़ी रन रही। पारंपरिक भारतीय परिधान साड़ी पहनकर महिलाओं ने पूरे आत्मविश्वास और ऊर्जा के साथ दौड़ में भाग लिया।
इस पहल ने यह संदेश दिया कि महिलाएं हर क्षेत्र में अपनी क्षमता का प्रदर्शन कर रही हैं और फिटनेस किसी विशेष पोशाक या आयु की मोहताज नहीं है। साड़ी रन ने न केवल महिलाओं की भागीदारी को नई पहचान दी, बल्कि सामाजिक रूप से यह संदेश भी दिया कि स्वास्थ्य और फिटनेस हर व्यक्ति की प्राथमिकता होनी चाहिए।
कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने महिलाओं का उत्साहवर्धन किया और इस पहल की सराहना की।
प्रिवेंटिव हेल्थकेयर पर दिया गया विशेष जोर
कार्यक्रम के दौरान फोर्टिस हॉस्पिटल नोएडा की एडिशनल डायरेक्टर, मेडिकल ऑन्कोलॉजी डॉ. ज्योति आनंद ने लोगों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहने का संदेश दिया।
उन्होंने कहा कि आज चिकित्सा विज्ञान का सबसे बड़ा लक्ष्य केवल बीमारियों का इलाज करना नहीं, बल्कि उन्हें होने से पहले रोकना है।
उन्होंने कहा कि कई गंभीर बीमारियां, विशेष रूप से कैंसर, यदि शुरुआती चरण में पहचान ली जाएं तो उनका उपचार अधिक प्रभावी और सफल हो सकता है।

डॉ. ज्योति आनंद ने कहा,
"स्वास्थ्य सेवाओं का उद्देश्य बीमारी के गंभीर होने का इंतजार करना नहीं होना चाहिए। नियमित स्वास्थ्य जांच, शरीर में दिखाई देने वाले शुरुआती संकेतों के प्रति जागरूकता और समय पर विशेषज्ञ चिकित्सक से सलाह लेने से कैंसर जैसी गंभीर बीमारी का भी प्रारंभिक अवस्था में पता लगाया जा सकता है। इससे उपचार की सफलता की संभावना कई गुना बढ़ जाती है और मरीज बेहतर जीवन जी सकता है।"
स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का दिया संदेश
विशेषज्ञों ने इस अवसर पर कहा कि आधुनिक जीवनशैली में तनाव, अनियमित खानपान, शारीरिक निष्क्रियता और प्रदूषण जैसी समस्याएं कई गंभीर बीमारियों को जन्म दे रही हैं।
ऐसे में नियमित व्यायाम, संतुलित आहार, पर्याप्त नींद, मानसिक तनाव पर नियंत्रण और समय-समय पर स्वास्थ्य परीक्षण बेहद आवश्यक हैं।
कार्यक्रम के माध्यम से लोगों को यह भी बताया गया कि छोटी-छोटी जीवनशैली संबंधी आदतों में बदलाव कर कई बीमारियों से बचा जा सकता है।
बच्चों से लेकर वरिष्ठ नागरिकों तक दिखा उत्साह
'रन फॉर वेलनेस' में सभी आयु वर्ग के लोगों की भागीदारी देखने को मिली। छोटे बच्चों ने परिवार के साथ दौड़ में हिस्सा लिया तो अनुभवी धावकों ने लंबी दूरी की दौड़ पूरी कर फिटनेस का उदाहरण प्रस्तुत किया।

महिलाओं, युवाओं और वरिष्ठ नागरिकों की सक्रिय भागीदारी ने इस आयोजन को एक सामुदायिक स्वास्थ्य अभियान का स्वरूप दे दिया।
फिटनेस केवल व्यक्तिगत नहीं, सामाजिक जिम्मेदारी भी
आयोजकों ने कहा कि स्वस्थ समाज का निर्माण तभी संभव है, जब प्रत्येक व्यक्ति अपनी सेहत के प्रति जागरूक हो।
इस प्रकार के आयोजन लोगों को एक-दूसरे से जोड़ने के साथ-साथ स्वास्थ्य के प्रति सकारात्मक सोच विकसित करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि नियमित रूप से ऐसे सार्वजनिक फिटनेस कार्यक्रम आयोजित किए जाएं तो समाज में स्वास्थ्य जागरूकता का स्तर और अधिक मजबूत हो सकता है।
बीमारी का इंतजार नहीं, समय रहते जांच जरूरी
कार्यक्रम का सबसे महत्वपूर्ण संदेश यही रहा कि बीमारी सामने आने के बाद इलाज कराने की बजाय समय रहते स्वास्थ्य परीक्षण, नियमित व्यायाम और चिकित्सकीय सलाह को जीवन का हिस्सा बनाया जाए।
विशेषज्ञों ने लोगों से अपील की कि वे अपनी व्यस्त दिनचर्या में से प्रतिदिन कुछ समय शारीरिक गतिविधियों के लिए अवश्य निकालें और नियमित हेल्थ चेकअप को नजरअंदाज न करें।
फोर्टिस नोएडा की 'रन फॉर वेलनेस' केवल एक दौड़ नहीं रही, बल्कि यह एक ऐसा सामाजिक अभियान बनकर सामने आई, जिसने यह संदेश दिया कि स्वस्थ शरीर ही स्वस्थ समाज और बेहतर भविष्य की सबसे मजबूत नींव है।
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