Donald Trump ने दावा किया है कि अमेरिकी सेना ने Kharg Island पर जोरदार बमबारी कर ईरान के सैन्य ठिकानों को तबाह कर दिया है। यह द्वीप ईरान के लगभग 80-90% तेल निर्यात का मुख्य केंद्र माना जाता है। इस बीच Strait of Hormuz में बढ़ते तनाव और Saudi Arabia में ड्रोन इंटरसेप्ट होने से मिडिल ईस्ट में हालात और गंभीर हो गए हैं।
मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध अब और खतरनाक मोड़ लेता दिखाई दे रहा है। United States और Iran के बीच चल रहे सैन्य संघर्ष को 15 दिन पूरे हो चुके हैं। इसी बीच अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने एक बड़ा दावा करते हुए कहा है कि अमेरिकी सेना ने ईरान के रणनीतिक रूप से बेहद अहम द्वीप Kharg Island पर शक्तिशाली बमबारी की है।
ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Truth Social पर पोस्ट करते हुए कहा कि उनके आदेश पर अमेरिकी United States Central Command ने मिडिल ईस्ट के इतिहास के सबसे ताकतवर बम हमलों में से एक को अंजाम दिया। उन्होंने दावा किया कि खार्ग द्वीप पर मौजूद ईरान के सभी सैन्य ठिकानों को पूरी तरह तबाह कर दिया गया है और इस कार्रवाई के दौरान एक ईरानी पनडुब्बी को भी डुबो दिया गया।
खार्ग द्वीप क्यों है इतना महत्वपूर्ण
फारस की खाड़ी में स्थित खार्ग द्वीप ईरान की अर्थव्यवस्था के लिए बेहद अहम माना जाता है। यह द्वीप ईरान के तट से करीब 25 से 30 किलोमीटर दूर स्थित है, लेकिन यहां से होने वाला तेल निर्यात पूरे देश की आर्थिक व्यवस्था को प्रभावित करता है।

विशेषज्ञों के अनुसार ईरान के कुल तेल निर्यात का लगभग 80 से 90 प्रतिशत हिस्सा इसी द्वीप से होता है। यहां मौजूद तेल टर्मिनल रोजाना करीब 70 लाख बैरल तेल लोड करने की क्षमता रखते हैं। यही कारण है कि इस द्वीप को ईरान के ऊर्जा नेटवर्क का सबसे महत्वपूर्ण केंद्र माना जाता है।
हालांकि ट्रंप ने कहा कि अमेरिकी सेना ने फिलहाल द्वीप के तेल ढांचे को निशाना नहीं बनाया है। उन्होंने कहा कि “शालीनता” के कारण तेल सुविधाओं को नष्ट नहीं किया गया। लेकिन साथ ही चेतावनी दी कि यदि ईरान ने Strait of Hormuz में जहाजों की आवाजाही में दखल दिया तो अमेरिका अपना फैसला बदल सकता है।
होर्मुज जलडमरूमध्य पर बढ़ा तनाव
होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे अहम समुद्री मार्गों में से एक है। वैश्विक तेल व्यापार का लगभग 20 प्रतिशत हिस्सा इसी रास्ते से गुजरता है। यदि यहां जहाजों की आवाजाही बाधित होती है तो इसका असर पूरी दुनिया के तेल बाजार और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है।
इसी बीच ट्रंप ने कहा कि अमेरिका जल्द ही इस जलडमरूमध्य से गुजरने वाले तेल टैंकरों को सुरक्षा प्रदान करने के लिए अपनी नौसेना तैनात कर सकता है।
ट्रंप का दावा—ईरान समझौता चाहता है
खार्ग द्वीप पर हमले के बाद ट्रंप ने कहा कि ईरान अब पूरी तरह कमजोर हो चुका है और समझौते की कोशिश कर रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि हाल के हमलों में अमेरिका ने ईरान को भारी नुकसान पहुंचाया है और जरूरत पड़ने तक सैन्य कार्रवाई जारी रखी जाएगी।
ट्रंप ने यह भी बताया कि इस युद्ध को लेकर उनकी बातचीत Xi Jinping से भी हुई है।

सऊदी अरब में ड्रोन इंटरसेप्ट
मिडिल ईस्ट में तनाव के बीच Saudi Arabia के रक्षा मंत्रालय ने जानकारी दी कि देश के पूर्वी इलाके में एक संदिग्ध ड्रोन को इंटरसेप्ट कर गिरा दिया गया। हालांकि यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि यह ड्रोन कहां से आया था।
ईरान के कई शहरों में हमले
पिछले 24 घंटों में ईरान के कई शहरों में हवाई हमलों की खबरें सामने आई हैं। राजधानी Tehran में रात के समय बड़े धमाके और आसमान में घना धुआं देखा गया। इसके अलावा Karaj, Isfahan और Tabriz में भी हमलों की सूचना मिली है।
ईरानी मीडिया के अनुसार खार्ग द्वीप पर कम से कम 15 बड़े धमाकों की आवाजें सुनी गईं। इसके बाद ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड Islamic Revolutionary Guard Corps ने अपने उन्नत हथियार और हैदर मिसाइल के इस्तेमाल का संकेत दिया है।
एशिया में भी बढ़ा तनाव
इस बीच एशिया में भी हालात तनावपूर्ण हो गए हैं। North Korea ने लगभग 10 बैलिस्टिक मिसाइलें दागी हैं, जिसके बाद South Korea की सेना ने अलर्ट जारी करते हुए स्थिति पर करीबी नजर रखने की बात कही है।
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