तेहरान में कुद्स डे रैली के दौरान फर्डोसी स्क्वायर पर बड़ा विस्फोट हुआ, जिससे अफरातफरी मच गई। ईरानी राज्य मीडिया ने घटना की पुष्टि की है। इज़रायल और अमेरिका पर शक जताया जा रहा है, जबकि क्षेत्र में जारी युद्ध के कारण तनाव और बढ़ गया है।
ईरान की राजधानी तेहरान में शुक्रवार को कुद्स डे रैलियों के दौरान बड़ा विस्फोट होने से अफरातफरी मच गई। यह धमाका तेहरान के फर्डोसी स्क्वायर में उस समय हुआ, जब बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी फिलिस्तीन के समर्थन में आयोजित रैली में शामिल होने के लिए वहां जमा हुए थे। ईरानी राज्य टेलीविजन ने विस्फोट की पुष्टि करते हुए इसका वीडियो भी जारी किया है, जिसमें घटनास्थल पर धुएं का घना गुबार और लोगों के बीच भगदड़ की स्थिति दिखाई दे रही है।
रिपोर्ट्स के अनुसार, यह घटना तेहरान विश्वविद्यालय से एंगेलाब स्ट्रीट के नीचे स्थित फर्डोसी स्क्वायर में हुई, जो शहर का एक प्रमुख सार्वजनिक स्थल माना जाता है। विस्फोट के तुरंत बाद वहां मौजूद लोगों में दहशत फैल गई और लोग सुरक्षित स्थानों की ओर भागते दिखाई दिए।
हालांकि इस विस्फोट का सटीक कारण अभी तक स्पष्ट नहीं हो पाया है, लेकिन शुरुआती रिपोर्ट्स में इज़रायल और अमेरिका पर शक जताया जा रहा है। बताया जा रहा है कि विस्फोट से ठीक पहले इज़रायल ने इस क्षेत्र में संभावित हमले की चेतावनी जारी की थी। कुछ रिपोर्ट्स में यह भी दावा किया गया है कि कुद्स डे रैलियों के शुरू होने से पहले तेहरान और उसके आसपास हवाई हमलों की आवाजें सुनी गई थीं।

यह घटना ऐसे समय हुई है जब ईरान, इज़रायल और अमेरिका के बीच तनाव चरम पर है। फरवरी के अंत से शुरू हुए इस संघर्ष में दोनों पक्षों के बीच लगातार मिसाइल और ड्रोन हमले हो रहे हैं। इस सैन्य टकराव ने पूरे मध्य-पूर्व क्षेत्र में अस्थिरता को और बढ़ा दिया है।
दरअसल, कुद्स डे ईरान में हर साल मनाया जाने वाला एक महत्वपूर्ण दिवस है, जो फिलिस्तीन के समर्थन में आयोजित किया जाता है। इस दिन हजारों लोग सड़कों पर उतरकर इज़रायल के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करते हैं और फिलिस्तीन के समर्थन में नारे लगाते हैं। इस साल भी तेहरान सहित कई शहरों में बड़ी संख्या में लोग रैलियों में शामिल हुए थे। प्रदर्शनकारियों ने “इज़रायल मुर्दाबाद” और “अमेरिका मुर्दाबाद” जैसे नारे लगाए और फिलिस्तीन के समर्थन में एकजुटता दिखाई।
ईरानी राज्य मीडिया के अनुसार, विस्फोट के बावजूद कई स्थानों पर रैलियां जारी रहीं, जिससे यह संकेत मिलता है कि सरकार समर्थित प्रदर्शनकारियों ने विरोध कार्यक्रम को जारी रखने का निर्णय लिया।
इस बीच इज़रायल ने दावा किया है कि उसने पिछले 24 घंटों में ईरान के 200 से अधिक सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया है। इन हमलों में मिसाइल साइट्स, सैन्य ठिकानों और रणनीतिक स्थलों को लक्ष्य बनाया गया है। इन घटनाओं के चलते क्षेत्र में तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है।

इस युद्ध का असर वैश्विक स्तर पर भी दिखाई देने लगा है। मध्य-पूर्व में बढ़ते संघर्ष के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतों में उछाल आया है और लाखों लोग इस क्षेत्र में विस्थापित हो चुके हैं।
फिलहाल, तेहरान में हुए विस्फोट से होने वाली क्षति या किसी भी प्रकार के हताहतों की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। स्थानीय प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां मामले की जांच में जुटी हैं। वहीं ईरान ने संभावित जवाबी कार्रवाई की चेतावनी दी है, जबकि इज़रायल और अमेरिका ने अपनी सैन्य कार्रवाइयों को जारी रखने के संकेत दिए हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह घटना मध्य-पूर्व में पहले से जारी संघर्ष को और भड़का सकती है। ऐसे में अंतरराष्ट्रीय समुदाय की चिंता भी बढ़ गई है और क्षेत्र में शांति स्थापित करने की कोशिशें और कठिन होती दिखाई दे रही हैं।
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