कांवड़ यात्रा के कारण बंद किए गए दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे को मंगलवार शाम 6 बजे वाहनों के लिए खोलने की तैयारी है। इसके साथ ही कांवड़ यात्रा के दौरान लगाए गए प्रमुख ट्रैफिक डायवर्जन भी मंगलवार रात तक समाप्त किए जाएंगे। बुधवार सुबह से गाजियाबाद के ज्यादातर प्रमुख मार्गों पर यातायात सामान्य होने की उम्मीद है।
कांवड़ यात्रा के दौरान लगाए गए ट्रैफिक प्रतिबंधों और डायवर्जन के कारण दिल्ली-एनसीआर में सफर करने वाले लोगों को पिछले कई दिनों से भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। खासकर गाजियाबाद, नोएडा और दिल्ली के बीच आवाजाही करने वाले वाहन चालकों के लिए रास्ते बदलना और लंबा सफर करना रोज की मजबूरी बन गया था।
अब इस परेशानी से राहत मिलने की उम्मीद है।
कांवड़ यात्रा के चलते बंद किया गया दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे यानी डीएमई मंगलवार शाम 6 बजे वाहनों के लिए खोलने की तैयारी है। इसके साथ ही कांवड़ यात्रा के दौरान लगाए गए अन्य प्रमुख डायवर्जन भी मंगलवार रात तक समाप्त किए जाने की उम्मीद है।
यानी लंबे इंतजार के बाद अब दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर दोबारा सामान्य वाहनों की आवाजाही शुरू हो सकेगी।
डीसीपी ट्रैफिक ने दी अहम जानकारी
गाजियाबाद के डीसीपी ट्रैफिक त्रिगुण बिसेन के मुताबिक, मंगलवार शाम करीब 6 बजे दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे को खोलने की तैयारी की गई है।
उन्होंने बताया कि कांवड़ यात्रा के कारण लगाए गए अन्य डायवर्जन भी मंगलवार रात तक समाप्त किए जाएंगे। इसके बाद बुधवार से अधिकांश प्रमुख मार्गों पर सामान्य यातायात व्यवस्था बहाल होने की उम्मीद है।
प्रशासन और ट्रैफिक पुलिस की ओर से यह कदम कांवड़ यात्रा के प्रमुख चरण के समाप्त होने के बाद उठाया जा रहा है, ताकि सामान्य यात्रियों के लिए यातायात व्यवस्था फिर से पटरी पर लाई जा सके।

डीएमई के खुलने के बाद सबसे बड़ा असर बुधवार सुबह देखने को मिल सकता है।
पिछले कई दिनों से जिन वाहनों को वैकल्पिक रास्तों से भेजा जा रहा था, उन्हें दोबारा दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे का इस्तेमाल करने की सुविधा मिल जाएगी।
इससे गाजियाबाद के साथ-साथ नोएडा और दिल्ली से आने-जाने वाले वाहन चालकों को भी राहत मिलने की उम्मीद है।
कांवड़ यात्रा के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं और कांवड़ियों की आवाजाही को देखते हुए कई मार्गों पर वाहनों के संचालन में बदलाव किया गया था। सुरक्षा और श्रद्धालुओं की सुविधा को प्राथमिकता देते हुए सामान्य यातायात को कई जगह डायवर्ट किया गया था।
अब यात्रा का प्रमुख चरण पूरा होने के बाद इन प्रतिबंधों को हटाया जा रहा है।
गौशाला अंडरपास से जस्सीपुरा मोड़ तक भी राहत की उम्मीद
मंगलवार को शिवरात्रि के कारण गौशाला अंडरपास से जस्सीपुरा मोड़ के बीच वाहनों की आवाजाही नहीं हुई।
इस मार्ग पर भी बुधवार से यातायात सामान्य होने की उम्मीद है।
इसका सीधा फायदा उन वाहन चालकों को मिलेगा जिन्हें पिछले कुछ दिनों में वैकल्पिक मार्गों का इस्तेमाल करना पड़ रहा था।
ट्रैफिक व्यवस्था सामान्य होने के साथ ही शहर के अंदर भी वाहनों की आवाजाही पहले की तुलना में आसान होने की संभावना है।
हालांकि, पुलिस और प्रशासन की ओर से यातायात को व्यवस्थित तरीके से सामान्य करने के लिए आवश्यक निगरानी जारी रखी जाएगी, ताकि अचानक बढ़ने वाले ट्रैफिक से किसी नए जाम की स्थिति न बने।
धोबीघाट आरओबी पर भी घटेगा दबाव
कांवड़ यात्रा के कारण लागू किए गए डायवर्जन का असर शहर के दूसरे मार्गों पर भी दिखाई दे रहा था।
कई दिनों से धोबीघाट आरओबी यानी रेलवे ओवरब्रिज पर अतिरिक्त वाहनों का दबाव बना हुआ था।
डीएमई बंद होने और दूसरे मार्गों पर डायवर्जन लागू होने के कारण वाहन चालकों को वैकल्पिक रास्तों का सहारा लेना पड़ रहा था। इससे धोबीघाट आरओबी समेत कई प्रमुख मार्गों पर वाहनों की संख्या बढ़ गई थी।
अब दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे के खुलने और डायवर्जन समाप्त होने के बाद इस अतिरिक्त दबाव में कमी आने की उम्मीद है।
यानी जिन रास्तों पर पिछले कई दिनों से वाहनों की लंबी कतारें और अतिरिक्त दबाव देखने को मिल रहा था, वहां भी धीरे-धीरे यातायात सामान्य हो सकता है।

दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे सिर्फ गाजियाबाद और मेरठ को जोड़ने वाला मार्ग नहीं है, बल्कि दिल्ली-एनसीआर की यातायात व्यवस्था में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका है।
गाजियाबाद से दिल्ली की ओर जाने वाले हजारों वाहन प्रतिदिन इस एक्सप्रेसवे का इस्तेमाल करते हैं। नोएडा और आसपास के क्षेत्रों से गाजियाबाद तथा दिल्ली की ओर आने-जाने वाले लोगों के लिए भी यह मार्ग महत्वपूर्ण है।
कांवड़ यात्रा के दौरान एक्सप्रेसवे पर वाहनों की आवाजाही रोकने का फैसला श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुगम कांवड़ यात्रा को ध्यान में रखते हुए किया गया था।
लेकिन इसके कारण सामान्य यात्रियों को वैकल्पिक मार्गों पर निर्भर रहना पड़ा।
अब एक्सप्रेसवे खुलने के बाद यातायात का दबाव दोबारा अलग-अलग मार्गों में बंटने के बजाय अपने सामान्य रूट पर लौट सकेगा।
मंगलवार शाम से शुरू होगी व्यवस्था, बुधवार को दिखेगा पूरा असर
ट्रैफिक पुलिस के मुताबिक मंगलवार शाम 6 बजे डीएमई खोलने की तैयारी है।
इसके बाद मंगलवार रात तक कांवड़ यात्रा के कारण लगाए गए अन्य डायवर्जन भी समाप्त किए जाने की उम्मीद है।
हालांकि, मंगलवार को शिवरात्रि के कारण कुछ स्थानों पर स्थानीय स्तर पर यातायात प्रतिबंध या सुरक्षा व्यवस्था जारी रह सकती है।
लेकिन बुधवार सुबह से अधिकांश प्रमुख मार्गों पर सामान्य यातायात व्यवस्था बहाल होने की उम्मीद है।
यानी वाहन चालकों को अब डायवर्ट किए गए रास्तों पर लंबा चक्कर लगाने की जरूरत कम हो सकती है।
कांवड़ यात्रा के बाद अब सामान्य व्यवस्था की ओर गाजियाबाद
कांवड़ यात्रा के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए ट्रैफिक पुलिस ने जिस तरह कई मार्गों पर बदलाव किए थे, उसका उद्देश्य श्रद्धालुओं की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करना था।
अब जैसे-जैसे यात्रा समाप्ति की ओर बढ़ रही है, वैसे-वैसे सामान्य यातायात व्यवस्था भी बहाल की जा रही है।
दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे का खुलना इसी दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।
गाजियाबाद के वाहन चालकों के लिए मंगलवार शाम 6 बजे का समय इसलिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि इसके बाद शहर की यातायात व्यवस्था धीरे-धीरे सामान्य होने लगेगी।
और बुधवार सुबह तक तस्वीर काफी हद तक बदलने की उम्मीद है।
फिलहाल वाहन चालकों के लिए सबसे अहम बात यही है कि दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे मंगलवार शाम 6 बजे खोलने की तैयारी है और कांवड़ यात्रा के दौरान लगाए गए डायवर्जन मंगलवार रात तक हटाए जाने की उम्मीद है।
इसका मतलब साफ है—कई दिनों से डायवर्जन और अतिरिक्त ट्रैफिक का सामना कर रहे दिल्ली-एनसीआर के लोगों को अब बड़ी राहत मिलने वाली है।
COMMENTS