दिल्ली भाजपा अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा ने कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने राहुल गांधी को ‘आराजकता, झूठ और दोगलेपन का पोस्टर बॉय’ बताते हुए संसद में हर मुद्दे पर चर्चा की चुनौती दी। उन्होंने झारखंड में छात्र आंदोलन पर हुई पुलिस कार्रवाई, NEET पेपर लीक के मुद्दे, संसद में विपक्ष के गतिरोध और राहुल गांधी की राजनीति को लेकर कई गंभीर आरोप लगाए।
राजधानी दिल्ली में मंगलवार को आयोजित एक पत्रकार सम्मेलन में दिल्ली भाजपा अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी और विपक्ष पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने राहुल गांधी को लेकर बेहद तीखे शब्दों का इस्तेमाल करते हुए कहा कि आज वह “आराजकता, झूठ के साथ-साथ दोगलेपन के पोस्टर बॉय” बन गए हैं।
हर्ष मल्होत्रा ने राहुल गांधी और पूरे विपक्ष को खुली चुनौती देते हुए कहा कि अगर उन्हें युवाओं, छात्रों और देश के दूसरे मुद्दों की इतनी ही चिंता है तो वे संसद में आएं और हर विषय पर चर्चा करें। उन्होंने कहा कि चर्चा से भागने के बजाय विपक्ष को संसद की कार्यवाही चलने देनी चाहिए और देश के मुद्दों पर अपनी बात रखनी चाहिए।

बीजेपी अध्यक्ष के हमले का सबसे बड़ा आधार झारखंड में छात्र आंदोलन पर हुई कार्रवाई रही। हर्ष मल्होत्रा ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी ने कुछ समय पहले दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे छात्र आंदोलन को राजनीतिक हथियार के तौर पर इस्तेमाल करने की कोशिश की, लेकिन अब झारखंड में कांग्रेस की भागीदारी वाली सरकार द्वारा छात्र आंदोलन पर हुई कार्रवाई ने राहुल गांधी के कथित दोहरे रवैये को उजागर कर दिया है।
उन्होंने कहा कि राहुल गांधी को सामने आकर यह बताना चाहिए कि कांग्रेस के समर्थन से चल रही हेमंत सोरेन सरकार को वह कब गिराने वाले हैं। साथ ही उन्होंने सवाल उठाया कि अगर ऐसा नहीं होता है तो क्या देश यह माने कि झारखंड में छात्रों के खिलाफ हुई कार्रवाई कांग्रेस की स्वीकृति से हुई?
हालांकि, ये सभी आरोप हर्ष मल्होत्रा के राजनीतिक बयान का हिस्सा हैं और इन पर कांग्रेस या राहुल गांधी की प्रतिक्रिया इस बयान में शामिल नहीं है।
‘छात्र आंदोलन को हाईजैक करने की कोशिश’
दिल्ली भाजपा के मीडिया प्रमुख प्रवीण शंकर कपूर ने भी पत्रकार सम्मेलन में राहुल गांधी पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि पहले छात्र आंदोलन को हाईजैक करने की कोशिश की गई और अब संसद को हाईजैक करने की कोशिश हो रही है।
उन्होंने कहा कि पत्रकार सम्मेलन का उद्देश्य राहुल गांधी की राजनीति को जनता के सामने रखना है। इस दौरान प्रदेश मंत्री गौरव खारी और युवा मोर्चा अध्यक्ष रजत चौधरी भी मौजूद रहे। दिल्ली भाजपा मीडिया रिलेशन प्रमुख शुभेन्दू शेखर अवस्थी और प्रवक्ता यासिर जिलानी भी मंच पर उपस्थित रहे।

हर्ष मल्होत्रा ने कहा कि संसद देश के मुद्दों पर चर्चा करने का संवैधानिक मंच है। उन्होंने राहुल गांधी पर संविधान की किताब को लेकर राजनीति करने और दूसरी ओर संसद में चर्चा से बचने का आरोप लगाया।
उन्होंने कहा कि जो लोग संविधान को लेकर जनता के बीच जाते हैं, उन्हें उसी संविधान द्वारा स्थापित संसदीय व्यवस्था का सम्मान भी करना चाहिए। उनके मुताबिक विपक्ष संसद की कार्यवाही को बाधित करके महत्वपूर्ण मुद्दों पर बहस को रोक रहा है।
बीजेपी अध्यक्ष ने दावा किया कि संसद के दोनों सदनों के सभापति और संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू लगातार विपक्ष से बातचीत कर संसद चलाने और देश के मुद्दों पर चर्चा कराने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन विपक्ष अपनी स्थिति से पीछे हटने को तैयार नहीं है।
NEET पेपर लीक के मुद्दे पर भी कांग्रेस को घेरा
हर्ष मल्होत्रा ने दिल्ली में छात्र आंदोलन और NEET परीक्षा पेपर लीक के मुद्दे को भी अपने बयान का हिस्सा बनाया। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ राजनीतिक दलों ने CJP नाम के एक मंच के माध्यम से NEET पेपर लीक के मुद्दे पर युवाओं को भड़काने और तत्कालीन शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर हिंसा का माहौल बनाने की कोशिश की।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस मामले में संवेदनशीलता दिखाते हुए दो वरिष्ठ केंद्रीय मंत्रियों को छात्र नेताओं से बातचीत के लिए लगाया और उनकी मांगों को स्वीकार किया। हर्ष मल्होत्रा के मुताबिक, इसके बाद छात्र आंदोलन समाप्त हुआ और संसद में विपक्ष के कथित असहयोग के बावजूद पेपर लीक के खिलाफ सख्त कार्रवाई का कानून भी पारित कराया गया।

इसके विपरीत हर्ष मल्होत्रा ने झारखंड की कांग्रेस समर्थित सरकार पर छात्रों के साथ अमानवीय व्यवहार करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि छात्र आंदोलन पर हुई कार्रवाई के लिए कांग्रेस की भागीदारी वाली झारखंड सरकार को देश कभी माफ नहीं करेगा।
उन्होंने दिल्ली में हुए छात्र आंदोलन का जिक्र करते हुए यह भी आरोप लगाया कि कुछ “अपराधिक और राष्ट्र विरोधी तत्व” आंदोलन में घुसकर हिंसा की कोशिश कर रहे थे और संसद में घुसने की कोशिश तक हुई थी। उनके अनुसार, इसी दौरान राहुल गांधी प्रधानमंत्री आवास के बाहर जाकर बैठे और छात्र आंदोलन के दमन तथा छात्रों पर पैलेट गोली चलाने जैसे आरोप लगाकर भ्रम फैलाने की कोशिश कर रहे थे।
गृह मंत्री अमित शाह की चर्चा में भाग लेने की पेशकश का जिक्र
हर्ष मल्होत्रा ने संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू के उस रुख का भी हवाला दिया जिसमें विपक्ष से संसद में हर मुद्दे पर चर्चा करने की बात कही गई है।
उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के भी चर्चा में बोलने के लिए तैयार होने की बात कही गई है। इसके बावजूद, उनके आरोप के मुताबिक, राहुल गांधी और विपक्ष संसद की कार्यवाही को बाधित कर रहे हैं।
बीजेपी अध्यक्ष ने दावा किया कि विपक्ष की मंशा छात्रों के मुद्दों से ज्यादा महत्वपूर्ण सरकारी विधेयकों को रोकने की है। हालांकि यह भी बीजेपी का राजनीतिक आरोप है, जिस पर विपक्ष की प्रतिक्रिया इस बयान में उपलब्ध नहीं है।
‘2029 में Gen Z देगा जवाब’
पत्रकार सम्मेलन के अंत में हर्ष मल्होत्रा ने राहुल गांधी, कांग्रेस और विपक्ष को लेकर भविष्य की राजनीति पर भी बड़ा दावा किया। उन्होंने कहा कि जिस “असंसदीय और आराजक” रास्ते पर विपक्ष चल रहा है, उसका जवाब 2029 में मिलेगा।
उन्होंने दावा किया कि 2029 कांग्रेस और विपक्ष के राजनीतिक सफाये का साल होगा और इस बदलाव का माध्यम Gen Z बनेगा।
इस बयान के साथ बीजेपी ने एक बार फिर छात्र राजनीति, संसद में गतिरोध और विपक्ष की भूमिका को लेकर कांग्रेस पर सीधा राजनीतिक हमला बोला है। अब देखना होगा कि राहुल गांधी और कांग्रेस इन आरोपों का क्या जवाब देते हैं और संसद में जारी गतिरोध के बीच दोनों पक्षों के बीच चर्चा का रास्ता निकलता है या राजनीतिक टकराव और तेज होता है।
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