नई दिल्ली में भारतीय युवा कांग्रेस ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के इस्तीफे की मांग को लेकर भाजपा मुख्यालय तक पैदल मार्च निकाला। प्रदर्शनकारी दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी कार्यालय से रवाना हुए, लेकिन दिल्ली पुलिस ने उन्हें डीडीयू मार्ग पर बैरिकेडिंग कर रोक दिया। युवा कांग्रेस ने छात्रों के खिलाफ कथित बर्बरता, पैलेट गन के इस्तेमाल की जांच, जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर और छात्रों को न्याय दिलाने की मांग उठाई।
राजधानी दिल्ली में सोमवार को भारतीय युवा कांग्रेस ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के इस्तीफे की मांग को लेकर भाजपा मुख्यालय तक पैदल मार्च निकाला। युवा कांग्रेस का यह प्रदर्शन छात्रों के खिलाफ कथित बर्बरता, पैलेट गन के इस्तेमाल और मामले में जवाबदेही तय करने की मांग को लेकर आयोजित किया गया था। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि जब तक छात्रों को न्याय नहीं मिल जाता और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई नहीं होती, तब तक उनका संघर्ष जारी रहेगा।
युवा कांग्रेस के कार्यकर्ता दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के कार्यालय पर एकत्र हुए। इसके बाद उन्होंने भाजपा मुख्यालय की ओर मार्च शुरू किया। हालांकि, प्रदर्शनकारियों के आगे बढ़ने से पहले ही दिल्ली पुलिस ने डीडीयू मार्ग पर बैरिकेडिंग कर उन्हें रोक दिया। इसके बाद प्रदर्शन स्थल पर राजनीतिक नारेबाजी और सरकार के खिलाफ विरोध जारी रहा।
इस प्रदर्शन का नेतृत्व दिल्ली प्रदेश युवा कांग्रेस के अध्यक्ष अक्षय लाकड़ा ने किया। उनके साथ युवा कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव एवं दिल्ली प्रभारी खुशबू शर्मा, राष्ट्रीय सचिव एवं दिल्ली सह-प्रभारी हैवरान कंसाना, पम्मी सिंह समेत बड़ी संख्या में युवा कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे।
प्रदर्शन के दौरान अक्षय लाकड़ा ने गृह मंत्री अमित शाह पर छात्रों से जुड़े मामले में जवाब न देने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि गृह मंत्री संसद में इस मुद्दे पर जवाब देने के लिए नहीं आए और छात्रों पर हुई कथित बर्बरता को लेकर भी कोई स्पष्ट जवाब सामने नहीं आया।
अक्षय लाकड़ा ने कहा कि छात्रों को न्याय दिलाने की मांग केवल विपक्ष की मांग नहीं है, बल्कि इसे पूरे देश की आवाज बताया जाना चाहिए। उनके अनुसार, छात्रों के खिलाफ पैलेट गन और घातक बल के कथित इस्तेमाल की जिम्मेदारी तय होनी चाहिए।
उन्होंने सवाल उठाया कि यदि ऐसी कार्रवाई गृह मंत्री के आदेश या जानकारी में हुई थी, तो उसकी जवाबदेही तय की जानी चाहिए। वहीं, अगर इतनी गंभीर कार्रवाई उनकी जानकारी के बिना हुई, तो इससे देश की आंतरिक सुरक्षा व्यवस्था और कमान को लेकर भी सवाल खड़े होते हैं।
युवा कांग्रेस ने इस पूरे मामले में पैलेट गन चलाने वाले अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने और छात्रों को न्याय दिलाने की मांग प्रमुखता से उठाई।
अक्षय लाकड़ा ने प्रदर्शन के दौरान कहा कि युवा कांग्रेस छात्रों के अधिकारों और न्याय के लिए संघर्ष जारी रखेगी। उन्होंने कहा कि पार्टी के नेता विपक्ष राहुल गांधी पहले भी छात्रों से जुड़े मामलों में कार्रवाई और जवाबदेही की मांग उठाते रहे हैं।

युवा कांग्रेस का कहना है कि राहुल गांधी ने छात्रों पर हमला करने वालों के खिलाफ कार्रवाई, जिम्मेदारी तय करने और न्याय सुनिश्चित करने की मांग की थी। लाकड़ा ने दावा किया कि कुछ दिन पहले राहुल गांधी ने एक ऐसे मामले में धरना दिया था, जिसमें लंबे समय से एफआईआर दर्ज नहीं हुई थी और विरोध के बाद एफआईआर दर्ज कराई गई।
लाकड़ा ने कहा कि उसी तरह युवा कांग्रेस भी छात्रों के मामले में न्याय मिलने तक पीछे नहीं हटेगी।
उन्होंने कहा, “हम नेता विपक्ष राहुल गांधी के बब्बर शेर हैं। न्याय मिलने तक न आवाज रुकेगी और न सड़कें सूनी होंगी।”
युवा कांग्रेस ने प्रधानमंत्री से केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पद से हटाने की मांग भी की है। संगठन का कहना है कि मामले में कम से कम नैतिक जिम्मेदारी तय होनी चाहिए।
इस मांग को व्यापक स्तर पर पहुंचाने के लिए युवा कांग्रेस ने अमित शाह के इस्तीफे को लेकर एक ऑनलाइन पिटिशन अभियान भी शुरू किया हुआ है। संगठन के अनुसार, यह अभियान छात्रों को न्याय दिलाने और गृह मंत्री की जवाबदेही तय करने की मांग के समर्थन में चलाया जा रहा है।

युवा कांग्रेस नेताओं का कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर कार्रवाई नहीं होती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। प्रदर्शनकारियों ने साफ कहा कि यह लड़ाई केवल राजनीतिक विरोध तक सीमित नहीं है, बल्कि छात्रों के अधिकारों और कथित पुलिस कार्रवाई की जवाबदेही से जुड़ा मुद्दा है।
प्रदर्शनकारी कार्यकर्ता दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी कार्यालय से भाजपा मुख्यालय की ओर बढ़ रहे थे। लेकिन दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था के तहत डीडीयू मार्ग पर बैरिकेडिंग लगाकर मार्च को आगे बढ़ने से रोक दिया।
बैरिकेडिंग के बाद युवा कांग्रेस कार्यकर्ता वहीं रुक गए और विरोध प्रदर्शन जारी रखा। प्रदर्शन के दौरान पार्टी नेताओं ने केंद्र सरकार और गृह मंत्रालय के खिलाफ नारेबाजी की।
हालांकि, युवा कांग्रेस के नेताओं का कहना है कि पुलिस द्वारा मार्च रोके जाने के बावजूद उनका आंदोलन समाप्त नहीं होगा। संगठन ने दोहराया कि छात्रों को न्याय दिलाने, कथित तौर पर पैलेट गन का इस्तेमाल करने वाले अधिकारियों की जवाबदेही तय करने और गृह मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर आगे भी आवाज उठाई जाएगी।

इस प्रदर्शन के जरिए युवा कांग्रेस ने छात्रों से जुड़े मुद्दे को राष्ट्रीय राजनीतिक बहस के केंद्र में लाने की कोशिश की है। संगठन का आरोप है कि छात्रों के खिलाफ बल प्रयोग के मामले में जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई होनी चाहिए।
दूसरी ओर, युवा कांग्रेस के नेताओं ने यह भी स्पष्ट किया कि वे सरकार के साथ संवाद के बजाय जवाबदेही और कार्रवाई की मांग को प्राथमिकता देंगे।
अब इस प्रदर्शन के बाद राजनीतिक सवाल और तेज हो सकते हैं—क्या छात्रों से जुड़े इस मामले में किसी स्वतंत्र जांच की मांग आगे बढ़ेगी? क्या कथित पुलिस कार्रवाई की जिम्मेदारी तय होगी? और क्या युवा कांग्रेस के लगातार दबाव के बाद सरकार या गृह मंत्रालय की ओर से इस मुद्दे पर कोई विस्तृत प्रतिक्रिया सामने आएगी?
फिलहाल, 25 अगस्त को दिल्ली की सड़कों पर निकला यह मार्च डीडीयू मार्ग पर पुलिस बैरिकेडिंग के कारण भाजपा मुख्यालय तक नहीं पहुंच सका, लेकिन युवा कांग्रेस ने साफ कर दिया है कि वह छात्रों को न्याय दिलाने और अपनी मांगों को लेकर आंदोलन जारी रखेगी।
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