गाजियाबाद के लोनी तहसील क्षेत्र में सरकारी भूमि पर कथित अवैध कब्जे और निर्माण के खिलाफ प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की। जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार माँदड़ के निर्देश और ज्वाइंट मजिस्ट्रेट/एसडीएम लोनी दीपक सिंघनवाल के निर्देशन में ग्राम लोनी चकबंदी बाहर स्थित खसरा संख्या 2118 मि. की गौहरा भूमि पर कराए जा रहे अवैध निर्माण को ध्वस्त कराया गया। कार्रवाई के दौरान करीब 250 वर्गमीटर सरकारी भूमि को कब्जामुक्त कराया गया।
गाजियाबाद के लोनी क्षेत्र में सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे के खिलाफ प्रशासन ने सोमवार को एक बार फिर सख्त रुख दिखाया। तहसील लोनी क्षेत्र के ग्राम लोनी चकबंदी बाहर में सरकारी भूमि पर कब्जे और निर्माण की सूचना के बाद राजस्व विभाग, नगर पालिका परिषद लोनी और पुलिस की संयुक्त टीम मौके पर पहुंची।
प्रशासन के मुताबिक यह कार्रवाई जिलाधिकारी श्री रविन्द्र कुमार माँदड़ के आदेश के क्रम में और ज्वाइंट मजिस्ट्रेट/उपजिलाधिकारी लोनी श्री दीपक सिंघनवाल के निर्देशानुसार की गई।
मौके पर पहुंची टीम ने सरकारी भूमि पर कराए जा रहे निर्माण को ध्वस्त कराया। प्रशासन की इस कार्रवाई के बाद करीब 250 वर्गमीटर सरकारी भूमि को कब्जामुक्त कराया गया।
प्रशासन की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक कार्रवाई ग्राम लोनी चकबंदी बाहर के खसरा संख्या 2118 मि. में की गई। रिकॉर्ड में इस भूमि का रकबा 0.8280 हेक्टेयर बताया गया है और इसे गौहरा की भूमि के रूप में दर्ज किया गया है।

प्रशासन का कहना है कि इसी सरकारी भूमि पर कल्लू बेग नामक व्यक्ति द्वारा कथित रूप से अवैध कब्जा कर निर्माण कराया जा रहा था।
निर्माण को लेकर कार्रवाई करते हुए राजस्व विभाग और नगर पालिका परिषद लोनी की टीम ने पुलिस बल की मौजूदगी में निर्माण को ध्वस्त कराया। इसके साथ ही कब्जे में ली गई करीब 250 वर्गमीटर सरकारी भूमि को प्रशासन ने मुक्त कराया।
यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है जब गाजियाबाद प्रशासन की ओर से सरकारी जमीनों पर अवैध कब्जे को लेकर लगातार सख्ती बरतने की बात कही जा रही है।
पुलिस बल की मौजूदगी में ध्वस्तीकरण
कार्रवाई के दौरान किसी तरह की स्थिति न बिगड़े, इसके लिए मौके पर पुलिस बल भी मौजूद रहा। राजस्व विभाग और नगर पालिका की टीम ने मौके पर कार्रवाई पूरी की।
ध्वस्तीकरण अभियान में राजस्व निरीक्षक लोनी श्री अफरोज त्यागी, लेखपाल तहसील लोनी श्री सुजीत कुमार, लेखपाल तहसील लोनी श्री सरित कुमार और नगर पालिका परिषद लोनी के राजस्व निरीक्षक श्री संत कुमार मौजूद रहे।
इसके अलावा पुलिस विभाग के अधिकारी और कर्मचारी भी मौके पर तैनात रहे।

प्रशासनिक टीम की मौजूदगी में कार्रवाई पूरी होने के बाद सरकारी भूमि को कब्जे से मुक्त कराया गया।
250 वर्गमीटर जमीन वापस सरकारी कब्जे में
इस कार्रवाई का सबसे अहम नतीजा यह रहा कि करीब 250 वर्गमीटर सरकारी भूमि को कब्जामुक्त कराया गया। सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे के खिलाफ की गई कार्रवाई से प्रशासन ने यह संदेश देने की कोशिश की है कि सार्वजनिक या सरकारी भूमि पर बिना वैध अधिकार के निर्माण को स्वीकार नहीं किया जाएगा।
ज्वाइंट मजिस्ट्रेट/उपजिलाधिकारी लोनी दीपक सिंघनवाल ने बताया कि जिलाधिकारी के निर्देश के क्रम में 14 सितंबर 2026 को ग्राम लोनी चकबंदी बाहर में खसरा संख्या 2118 मि. रकबा 0.8280 हेक्टेयर की गौहरा भूमि पर चल रहे कथित अवैध निर्माण को राजस्व विभाग और नगर पालिका परिषद लोनी द्वारा पुलिस बल की उपस्थिति में ध्वस्त कराया गया।
उन्होंने बताया कि इस कार्रवाई के दौरान करीब 250 वर्गमीटर भूमि को कब्जामुक्त कराया गया है।
प्रशासन ने साफ किया- आगे भी जारी रहेगा अभियान
कार्रवाई के बाद प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया कि सरकारी भूमि पर अवैध कब्जे के खिलाफ अभियान केवल एक कार्रवाई तक सीमित नहीं रहेगा।

एसडीएम लोनी दीपक सिंघनवाल के मुताबिक तहसील लोनी क्षेत्र में इस तरह की कार्रवाई भविष्य में भी जारी रहेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी दशा में सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा नहीं होने दिया जाएगा।
प्रशासन के इस रुख से साफ है कि सरकारी जमीनों पर कब्जे और अवैध निर्माण के मामलों में आने वाले दिनों में भी कार्रवाई देखने को मिल सकती है।
अब निगाह आगे की कार्रवाई पर
लोनी में हुई इस कार्रवाई के बाद सरकारी भूमि पर कब्जे के अन्य मामलों को लेकर भी प्रशासन की सक्रियता पर नजर रहेगी। खासतौर पर यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि जिन क्षेत्रों में सरकारी जमीन पर कब्जे या निर्माण की शिकायतें सामने आती हैं, वहां प्रशासन कितनी तेजी से मौके पर पहुंचकर स्थिति की जांच करता है।
फिलहाल खसरा संख्या 2118 मि. में की गई कार्रवाई में करीब 250 वर्गमीटर भूमि को कब्जामुक्त कराकर प्रशासन ने अपनी कार्रवाई दर्ज कर दी है। अधिकारियों ने भी साफ कर दिया है कि सरकारी जमीन की सुरक्षा और अवैध कब्जों के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा।
गाजियाबाद के लोनी क्षेत्र में हुई यह कार्रवाई प्रशासन के उस संदेश को मजबूत करती है कि सरकारी भूमि पर कब्जा कर निर्माण कराने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी और सरकारी जमीन को कब्जामुक्त कराया जाएगा।
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