दक्षिण दिल्ली के फतेहपुर बेरी थाना क्षेत्र के आया नगर में सोमवार सुबह जिम के बाहर जिम ट्रेनर विजय की गोली मारकर हत्या कर दी गई। पुलिस को मौके से आठ खोखे और एक कारतूस मिला है। शुरुआती जानकारी के मुताबिक यह मामला पिछले साल नवंबर से चली आ रही गैंगवार और पुरानी रंजिश से जुड़ा है, जिसमें पहले अरुण और फिर दीपक के पिता रतनलाल की हत्या हो चुकी है। अब विजय की हत्या ने दिल्ली पुलिस के सामने एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
दिल्ली में सोमवार की सुबह एक बार फिर गोलियों की आवाज ने राजधानी के दक्षिणी हिस्से को दहला दिया। फतेहपुर बेरी थाना क्षेत्र के आया नगर स्थित भूभोलिया इलाके में परफेक्ट जिम के बाहर सुबह करीब 10:30 बजे जिम ट्रेनर विजय की गोली मारकर हत्या कर दी गई।
जानकारी के मुताबिक विजय जिम से बाहर आया ही था कि हमलावरों ने उस पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। शुरुआती जानकारी में 20 से ज्यादा गोलियां चलाए जाने की बात सामने आई है। हमलावर वारदात को अंजाम देने के बाद मौके से फरार हो गए।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। जिले के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी भी मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने मौके से आठ खोखे और एक कारतूस बरामद किया है। फिलहाल हत्या के पीछे की वजह, हमलावरों की पहचान और घटना में इस्तेमाल हथियारों को लेकर जांच जारी है।
सिर्फ एक हत्या नहीं, पुरानी गैंगवार की अगली कड़ी?
इस हत्याकांड ने पुलिस के सामने सिर्फ एक नई हत्या की जांच नहीं, बल्कि पिछले करीब एक साल से चली आ रही खूनी दुश्मनी की पूरी कड़ी को फिर सामने ला दिया है।
बताया जा रहा है कि इस गैंगवार की शुरुआत पिछले साल नवंबर में हुई थी। उस समय दीपक ने अंधेरिया मोड़ स्थित सीडीआर चौक पर अरुण की हत्या कर दी थी। पुलिस के अनुसार, अरुण पर दो दर्जन से ज्यादा गोलियां चलाई गई थीं। मामले में दीपक समेत अन्य आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था।
लेकिन कहानी यहीं खत्म नहीं हुई।
अरुण की हत्या के बाद बदले की आग ने इस विवाद को और खूनी बना दिया। अरुण के फरीदाबाद निवासी मामा पर आरोप है कि उसने आया नगर में दीपक के पिता रतनलाल की हत्या कर दी। इस वारदात में 72 गोलियां चलाए जाने की बात सामने आई थी।
अब इसी गैंगवार से जुड़े घटनाक्रम में दीपक के चचेरे भाई और जिम ट्रेनर विजय की हत्या ने पूरे मामले को एक बार फिर सुर्खियों में ला दिया है।
एक पुरानी बेइज्जती से शुरू हुई थी दुश्मनी
इस गैंगवार की जड़ें एक पुरानी रंजिश में बताई जा रही हैं। जानकारी के मुताबिक दीपक और अरुण एक ही गांव के रहने वाले थे।
बताया जाता है कि किसी समय अरुण ने गांव में ही दीपक की पिटाई कर दी थी और कथित तौर पर उसकी बेइज्जती भी की थी। इस घटना के बाद दोनों के बीच दुश्मनी गहराती चली गई।
अरुण के खिलाफ हत्या के प्रयास का मामला भी दर्ज हुआ था। इसी पुरानी रंजिश का बदला लेने के लिए दीपक ने अंधेरिया मोड़ के सीडीआर चौक पर अरुण की हत्या कर दी।
पुलिस ने बाद में दीपक और अन्य आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। लेकिन एक हत्या के बाद बदले में दूसरी हत्या और फिर तीसरी वारदात ने इस पूरे विवाद को एक खतरनाक गैंगवार का रूप दे दिया।
फरीदाबाद तक जुड़े हैं गैंगवार के तार?
विजय की हत्या के बाद इस पूरे मामले में फरीदाबाद कनेक्शन भी महत्वपूर्ण हो गया है। अरुण के मामा का संबंध फरीदाबाद से बताया जा रहा है और रतनलाल की हत्या के बाद अब विजय को निशाना बनाया गया है।
ऐसे में जांच एजेंसियां इस बात पर भी नजर रख रही हैं कि क्या सोमवार की वारदात उसी पुरानी दुश्मनी का बदला लेने के लिए की गई या इसके पीछे कोई नया विवाद भी है।
फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि विजय सीधे किसी आपराधिक गिरोह से जुड़ा था या वह केवल पारिवारिक रंजिश की वजह से हमलावरों के निशाने पर आया। इस सवाल का जवाब पुलिस जांच के आगे बढ़ने के बाद ही साफ हो सकेगा।
एक के बाद एक हत्याओं ने बढ़ाई चिंता
दक्षिण दिल्ली में इस घटनाक्रम ने कानून-व्यवस्था को लेकर फिर सवाल खड़े कर दिए हैं। एक हत्या के बाद दूसरी हत्या और अब तीसरी वारदात—इस पूरे घटनाक्रम में बदले की कार्रवाई का सिलसिला लगातार आगे बढ़ता दिखाई दे रहा है।
सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या पुरानी गैंगवार अब भी खत्म नहीं हुई है? अगर यह हत्या भी उसी बदले की कड़ी है, तो आने वाले दिनों में इस खूनी संघर्ष का अगला निशाना कौन होगा?
पुलिस अब हमलावरों की पहचान, सीसीटीवी फुटेज, घटनास्थल के आसपास मौजूद लोगों और पुरानी रंजिश से जुड़े लोगों की भूमिका की जांच कर रही है। फिलहाल विजय की हत्या ने दिल्ली की सुरक्षा व्यवस्था के सामने एक बार फिर चुनौती खड़ी कर दी है।
Bharat News 360 TV इस मामले में सामने आई शुरुआती जानकारी और पुलिस जांच के आधार पर रिपोर्ट कर रहा है। हत्या के कारण और आरोपियों की भूमिका की अंतिम पुष्टि जांच और पुलिस की आधिकारिक कार्रवाई के बाद ही मानी जाएगी।
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