अमेरिका-ईरान तनाव के चलते स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में जहाजों की आवाजाही लगभग ठप होने के बावजूद भारत के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। 47,000 मीट्रिक टन LPG लेकर ‘जग वसंत’ जहाज भारत पहुंच चुका है, जबकि अन्य भारतीय जहाज भी सुरक्षित मार्ग से आ रहे हैं।
अमेरिका-ईरान के बीच बढ़ते तनाव और युद्ध जैसे हालात के बीच भारत के लिए राहत की बड़ी खबर सामने आई है। वैश्विक स्तर पर तेल आपूर्ति को प्रभावित करने वाले संवेदनशील समुद्री मार्ग स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से जहां जहाजों की आवाजाही लगभग ठप हो चुकी है, वहीं भारत के लिए पेट्रोलियम उत्पाद लेकर आ रहे जहाज सुरक्षित रूप से इस मार्ग को पार कर रहे हैं।
बताया जा रहा है कि पेट्रोलियम उत्पाद लेकर दो भारतीय व्यापारी जहाज इस समय भारत की ओर बढ़ रहे हैं और दोनों जहाज स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से होकर गुजर चुके हैं। मौजूदा हालात में यह किसी बड़ी राहत से कम नहीं माना जा रहा है, क्योंकि इस क्षेत्र में युद्ध के चलते जोखिम काफी बढ़ गया है।
इस पूरे घटनाक्रम में एक अहम मोड़ तब आया जब ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने बुधवार देर रात बयान जारी करते हुए कहा कि तेहरान भारत सहित कुछ “मित्र देशों” के जहाजों को होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने की अनुमति देगा। इन देशों में भारत के अलावा चीन, रूस, इराक और पाकिस्तान भी शामिल हैं। इस फैसले के बाद भारत के लिए ऊर्जा आपूर्ति को लेकर चिंता काफी हद तक कम हो गई है।
विशेषज्ञों के अनुसार, स्ट्रेट ऑफ होर्मुज दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों में से एक है, जहां से वैश्विक तेल आपूर्ति का लगभग 20 प्रतिशत हिस्सा गुजरता है। यही कारण है कि किसी भी प्रकार का तनाव या संघर्ष इस क्षेत्र को बेहद संवेदनशील बना देता है और इसका असर पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था पर पड़ता है।
इसी बीच भारत के लिए राहत की सबसे बड़ी खबर यह है कि ‘एमटी जग वसंत’ नाम का जहाज सुरक्षित रूप से भारत पहुंच चुका है। यह जहाज करीब 47,000 मीट्रिक टन एलपीजी लेकर वडीनार टर्मिनल पहुंचा है, जहां फिलहाल एलपीजी को उतारने की प्रक्रिया जारी है। यह घटनाक्रम इस बात का संकेत है कि तमाम चुनौतियों के बावजूद भारत की ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखला मजबूत बनी हुई है।

इसके अलावा, हाल ही में कई अन्य जहाज भी सुरक्षित रूप से भारत पहुंचे हैं। एक रूसी तेल टैंकर और ‘पाइक्सिस पायनियर’ नामक मालवाहक जहाज न्यू मंगलौर बंदरगाह पहुंच चुके हैं। खास बात यह है कि पाइक्सिस पायनियर मूल रूप से चीन की ओर जा रहा था, लेकिन बदलते हालात के चलते इसने बीच रास्ते से भारत की ओर रुख कर लिया। यह जहाज अमेरिका के टेक्सास से एलपीजी लेकर आ रहा था।
सरकार ने इस पूरे मामले पर स्पष्ट किया है कि देश में पेट्रोलियम उत्पादों की आपूर्ति पूरी तरह सामान्य बनी हुई है। पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की कहीं भी कमी नहीं है और देशभर के रिटेल आउटलेट्स पर पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है। इससे आम लोगों को किसी भी तरह की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा।
सरकार के अनुसार, भारत ने अपनी ऊर्जा आपूर्ति को सुरक्षित रखने के लिए पहले से ही व्यापक रणनीति अपनाई हुई है। मौजूदा तनावपूर्ण हालात के बावजूद भारत अब 41 से अधिक वैश्विक सप्लायर्स से कच्चा तेल प्राप्त कर रहा है, जिससे किसी एक क्षेत्र या देश पर निर्भरता कम हो गई है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह स्थिति भारत की मजबूत कूटनीतिक रणनीति और आपूर्ति प्रबंधन का परिणाम है। जहां एक ओर दुनिया के कई देश तेल संकट की आशंका से जूझ रहे हैं, वहीं भारत ने अपने विकल्पों को पहले से ही विविध बनाकर जोखिम को काफी हद तक नियंत्रित कर लिया है।
हालांकि, वैश्विक स्तर पर स्थिति अभी भी पूरी तरह सामान्य नहीं हुई है। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में तनाव बना हुआ है और किसी भी समय हालात बिगड़ सकते हैं। ऐसे में भारत के लिए यह जरूरी होगा कि वह अपनी ऊर्जा सुरक्षा को लेकर सतर्कता बनाए रखे।
कुल मिलाकर, युद्ध जैसे हालात के बीच भारत के लिए यह खबर राहत देने वाली है। न केवल भारतीय जहाज सुरक्षित रूप से होर्मुज पार कर रहे हैं, बल्कि देश में पेट्रोलियम उत्पादों की आपूर्ति भी पूरी तरह स्थिर बनी हुई है। आने वाले समय में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि वैश्विक तनाव का असर ऊर्जा बाजार पर किस तरह पड़ता है और भारत इस चुनौती का सामना कैसे करता है।
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