स्विट्जरलैंड के राष्ट्रपति महामहिम गाइ परमेलिन मंगलवार को नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट, जेवर पहुंचे। उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स कैबिनेट मंत्री सुनील शर्मा ने उनका स्वागत किया। करीब 65 सदस्यीय स्विस प्रतिनिधिमंडल ने एयरपोर्ट की आधुनिक सुविधाओं का निरीक्षण किया। दौरे को भारत-स्विट्जरलैंड के बीच एविएशन, तकनीक, आईटी, इलेक्ट्रॉनिक्स और निवेश सहयोग की संभावनाओं से जोड़कर देखा जा रहा है।
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट, जेवर मंगलवार को उस समय अंतरराष्ट्रीय चर्चा का केंद्र बन गया, जब स्विट्जरलैंड के राष्ट्रपति गाइ परमेलिन अपने करीब 65 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल के साथ यहां पहुंचे। यह दौरा सिर्फ एक विदेशी राष्ट्राध्यक्ष के एयरपोर्ट निरीक्षण तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसके पीछे भारत और स्विट्जरलैंड के बीच तकनीकी, आर्थिक और निवेश सहयोग की संभावनाओं का बड़ा संदेश भी दिखाई दिया।
उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से राष्ट्रपति गाइ परमेलिन और उनके प्रतिनिधिमंडल का स्वागत आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स कैबिनेट मंत्री सुनील शर्मा ने किया। उनके साथ नागरिक उड्डयन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव एवं IIDC दीपक कुमार तथा Invest UP के CEO विजय किरण आनंद भी मौजूद रहे।
स्विस राष्ट्रपति और प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों का पारंपरिक अंगवस्त्र पहनाकर अभिनंदन किया गया।
65 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल के साथ पहुंचे स्विस राष्ट्रपति
राष्ट्रपति गाइ परमेलिन के साथ आए प्रतिनिधिमंडल में उनकी पत्नी, स्विट्जरलैंड के राजदूत, राष्ट्रीय परिषद के सदस्य, राज्य सचिव और करीब 40 उद्योगपति शामिल थे।

यानी जेवर एयरपोर्ट का यह दौरा केवल राजनयिक स्तर का कार्यक्रम नहीं था। प्रतिनिधिमंडल में बड़ी संख्या में उद्योग जगत के लोगों की मौजूदगी ने इसे कारोबारी और निवेश के लिहाज से भी खास बना दिया।
इस दौरे का प्रमुख उद्देश्य स्विस कंपनी द्वारा विकसित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट की आधुनिक सुविधाओं को करीब से देखना और भारत-स्विट्जरलैंड के बीच आर्थिक एवं तकनीकी सहयोग की संभावनाओं को आगे बढ़ाना था।
NIA ऑफिस से शुरू हुआ दौरा
स्विस प्रतिनिधिमंडल के दौरे की शुरुआत नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के NIA ऑफिस से हुई।
इसके बाद अवनी बोर्ड रूम में एयरपोर्ट से संबंधित प्रेजेंटेशन दिया गया। इस दौरान राष्ट्रपति गाइ परमेलिन ने भी संबोधित किया और एयरपोर्ट के विकास तथा इसकी सुविधाओं को लेकर जानकारी साझा की गई।
प्रेजेंटेशन के बाद प्रतिनिधिमंडल के लिए एयरपोर्ट परिसर के आंगन में भारतीय संगीत की धुनों के बीच लंच का आयोजन किया गया।
लंच के बाद ग्रुप फोटो का कार्यक्रम हुआ। इसके बाद प्रतिनिधिमंडल को दो हिस्सों में बांटकर एयरपोर्ट की अलग-अलग सुविधाओं का निरीक्षण कराया गया।
राष्ट्रपति ने देखा Airside और ATC Tower
राष्ट्रपति गाइ परमेलिन, उनकी पत्नी और चयनित अधिकारियों ने एयरपोर्ट के Airside और ATC Tower का विशेष निरीक्षण किया।

वहीं प्रतिनिधिमंडल के बाकी सदस्यों ने एयरपोर्ट के टर्मिनल, सुरक्षा क्षेत्र, बोर्डिंग गेट्स, एप्रन और बैगेज रिक्लेम जैसी महत्वपूर्ण सुविधाओं का विस्तृत दौरा किया।
इस दौरान प्रतिनिधिमंडल ने एयरपोर्ट के संचालन, यात्री सुविधाओं और आधुनिक बुनियादी ढांचे से जुड़ी व्यवस्थाओं को करीब से देखा।
दौरे का पूरा कार्यक्रम तय समय के अनुसार आगे बढ़ा और दोनों दल दोपहर करीब 2 बजे एयरपोर्ट से रवाना हो गए।
स्विस कंपनी से जुड़ा है जेवर एयरपोर्ट
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का यह दौरा इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि एयरपोर्ट का विकास स्विस कंपनी Zurich Airport International AG की सहायक कंपनी द्वारा किया गया है।
ऐसे में स्विट्जरलैंड के राष्ट्रपति का उसी एयरपोर्ट पर पहुंचना और उसकी सुविधाओं का निरीक्षण करना दोनों देशों के बीच Aviation और Infrastructure क्षेत्र में सहयोग के लिहाज से खास माना जा रहा है।
यह दौरा ऐसे समय हुआ है जब उत्तर प्रदेश खुद को वैश्विक निवेश के लिए एक बड़े केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में लगातार प्रयास कर रहा है।
एविएशन से आगे IT और Electronics पर नजर
उत्तर प्रदेश सरकार का दावा है कि राज्य में निवेश के लिए बेहतर नीतिगत वातावरण तैयार किया गया है। योगी सरकार की नीतियों और आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग के प्रयासों के चलते प्रदेश में वैश्विक निवेशकों की रुचि बढ़ी है।

स्विस प्रतिनिधिमंडल में करीब 40 उद्योगपतियों की मौजूदगी को इसी संदर्भ में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
जेवर एयरपोर्ट का यह दौरा केवल Aviation सेक्टर तक सीमित रहने के बजाय IT, Electronics, Technology और इससे जुड़े अन्य क्षेत्रों में संभावित निवेश के नए रास्ते खोल सकता है।
स्विट्जरलैंड अपनी तकनीकी क्षमता, प्रिसीजन इंजीनियरिंग, फाइनेंस, फार्मा, डिजिटल टेक्नोलॉजी और उच्च गुणवत्ता वाले औद्योगिक उत्पादों के लिए जाना जाता है। ऐसे में उत्तर प्रदेश और स्विट्जरलैंड के बीच कारोबारी सहयोग बढ़ने की स्थिति में राज्य को कई क्षेत्रों में फायदा मिल सकता है।
जेवर से क्या निकलेगा अगला बड़ा निवेश कनेक्शन?
स्विस राष्ट्रपति का जेवर एयरपोर्ट दौरा कई स्तरों पर महत्वपूर्ण संदेश लेकर आया है।
एक तरफ यह नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को वैश्विक स्तर पर मिल रही पहचान को दिखाता है, तो दूसरी तरफ उत्तर प्रदेश के निवेश मॉडल को अंतरराष्ट्रीय उद्योग जगत के सामने रखने का अवसर भी देता है।
सबसे बड़ा सवाल अब यह है कि क्या इस दौरे के बाद स्विट्जरलैंड और उत्तर प्रदेश के बीच निवेश और तकनीकी सहयोग को लेकर कोई नई पहल सामने आती है?
क्या Aviation के साथ-साथ IT और Electronics सेक्टर में भी स्विस कंपनियों की मौजूदगी बढ़ेगी?
इन सवालों के जवाब आने वाले समय में मिलेंगे। फिलहाल इतना जरूर है कि जेवर एयरपोर्ट पर स्विट्जरलैंड के राष्ट्रपति की मौजूदगी ने उत्तर प्रदेश के तेजी से उभरते Aviation और Investment Landscape को अंतरराष्ट्रीय मंच पर एक और मजबूत पहचान दी है।
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