ग्रेटर नोएडा के Government Institute of Medical Sciences (GIMS) के Centre for Medical Innovation (CMI) के संस्थापक CEO एवं निदेशक डॉ. राहुल सिंह को Bharat24 के “भारत उदय — Leadership, Vision & Viksit Bharat” सम्मान से सम्मानित किया गया। यह सम्मान उन्हें सरकारी चिकित्सा संस्थान के भीतर हॉस्पिटल-बेस्ड इनोवेशन इकोसिस्टम विकसित करने और क्लिनिकल समस्याओं को Innovation, Incubation, Clinical Validation और MedTech Entrepreneurship से जोड़ने के योगदान के लिए मिला।
ग्रेटर नोएडा के सरकारी चिकित्सा संस्थान GIMS से निकली एक पहल ने अब राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई है। जिस जगह डॉक्टर मरीजों का इलाज करते हैं, वहीं से ऐसी तकनीकों और नए हेल्थकेयर समाधानों को आगे बढ़ाने की कोशिश की जा रही है, जो आने वाले समय में पूरे स्वास्थ्य क्षेत्र की तस्वीर बदल सकते हैं।
इसी प्रयास के लिए Government Institute of Medical Sciences (GIMS), Greater Noida के Centre for Medical Innovation (CMI) के संस्थापक CEO एवं निदेशक डॉ. राहुल सिंह को “भारत उदय — Leadership, Vision & Viksit Bharat” सम्मान से नवाजा गया है।
यह सम्मान Bharat24 की ओर से आयोजित कार्यक्रम में भारत सरकार के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह द्वारा प्रदान किया गया।
सरकारी अस्पताल में Innovation का नया मॉडल
डॉ. राहुल सिंह के लिए यह सम्मान केवल व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं है। इसके पीछे एक ऐसी सोच है, जिसमें सरकारी अस्पताल को केवल इलाज और चिकित्सा शिक्षा तक सीमित रखने के बजाय उसे Innovation और Healthcare Entrepreneurship का केंद्र बनाने की कोशिश की गई है।
GIMS के Centre for Medical Innovation के माध्यम से इसी दिशा में एक अलग मॉडल विकसित करने का प्रयास किया गया है। इसका उद्देश्य अस्पताल में रोजाना सामने आने वाली वास्तविक क्लिनिकल समस्याओं को पहचानना और फिर उन्हें नए समाधान, तकनीक और स्टार्टअप के अवसरों में बदलना है।
यानी समस्या सीधे अस्पताल से सामने आए, उसका समाधान Innovation से निकले, उसका Clinical Validation हो और फिर जरूरत के मुताबिक उसे MedTech Entrepreneurship के जरिए बड़े स्तर तक पहुंचाया जाए।

Resident Doctor से Innovation Leader तक का सफर
डॉ. राहुल सिंह की कहानी की शुरुआत भी इसी संस्थान से जुड़ी है। उन्होंने GIMS में Resident Doctor के रूप में अपनी यात्रा शुरू की थी।
क्लिनिकल प्रैक्टिस के दौरान मरीजों और अस्पताल में आने वाली चुनौतियों को करीब से देखने का अनुभव उनके लिए आगे चलकर Innovation की दिशा में काम करने की प्रेरणा बना।
उन्होंने अपने क्लिनिकल अनुभव को Innovation और Entrepreneurship के साथ जोड़ते हुए ऐसा मॉडल विकसित करने का प्रयास किया, जिसमें डॉक्टरों और अस्पताल की वास्तविक समस्याएं नए समाधानों के लिए शुरुआती बिंदु बनें।
उनकी सोच यह रही कि जिन समस्याओं को अक्सर मुश्किल या असंभव मान लिया जाता है, उन पर डॉक्टर की समझ और तकनीकी Innovation को साथ लाकर काम किया जा सकता है।
यही सोच उन्हें पारंपरिक क्लिनिकल करियर से आगे ले गई और सरकारी अस्पताल के भीतर Innovation Ecosystem खड़ा करने की दिशा में लेकर गई।
Startup Clinic से AI Clinic तक
CMI-GIMS के माध्यम से इस दिशा में कई पहल विकसित की गई हैं।
इनमें Startup Clinic, Startup OPD और Healthcare Startups के लिए AI Clinic जैसी पहल शामिल हैं।
इनका मकसद Healthcare और Technology के बीच ऐसी कड़ी तैयार करना है, जहां अस्पताल की जरूरतों को समझकर नए स्टार्टअप और तकनीकी समाधान विकसित किए जा सकें।
इसके साथ ही CMI-GIMS ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय Innovation Ecosystem के प्रमुख संस्थानों और कार्यक्रमों के साथ सहयोग स्थापित किया है।
इनमें Stanford Biodesign, BIRAC BioNEST और DST Innovation Programmes सहित प्रमुख Innovation Ecosystem शामिल हैं।
इस सहयोग के जरिए Healthcare Innovation को केवल विचार के स्तर पर रखने के बजाय उसे Incubation, Validation और Entrepreneurship की दिशा में आगे बढ़ाने की कोशिश की जा रही है।

सम्मान का श्रेय खुद तक सीमित नहीं रखा
राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान मिलने के बाद डॉ. राहुल सिंह ने इसका श्रेय केवल अपनी व्यक्तिगत उपलब्धि के तौर पर नहीं लिया।
उन्होंने GIMS के निदेशक, संस्थान के नेतृत्व, CMI की पूरी टीम और उत्तर प्रदेश सरकार को इस उपलब्धि का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया।
उनका कहना है कि GIMS जैसे सरकारी चिकित्सा संस्थान में इस तरह का Innovation Model तैयार करना अकेले किसी व्यक्ति के प्रयास से संभव नहीं होता।
इसके लिए ऐसा संस्थागत वातावरण जरूरी है, जहां नई सोच, प्रयोग और नवाचार को जगह मिले। उनके अनुसार GIMS के नेतृत्व और उत्तर प्रदेश सरकार की दूरदर्शी नीतियों तथा सहयोग ने ऐसा वातावरण तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
‘कठिन समस्याओं’ पर काम करने की सोच
डॉ. राहुल सिंह के अनुसार, डॉक्टर के रूप में मिली ट्रेनिंग ने उन्हें समस्याओं को केवल देखने के बजाय उन्हें समझने और उनके समाधान पर काम करने की प्रेरणा दी।
मरीजों की जरूरतों और अस्पताल की वास्तविक चुनौतियों से जुड़े अनुभव ने उन्हें यह सोचने के लिए प्रेरित किया कि क्या इन्हीं समस्याओं को Innovation के अवसर में बदला जा सकता है।
इसी सोच के साथ उन्होंने एक पारंपरिक क्लिनिकल करियर से अलग रास्ता चुना और सरकारी अस्पताल के भीतर Innovation का नया मॉडल विकसित करने की कोशिश शुरू की।
उत्तर प्रदेश के लिए भी उपलब्धि
डॉ. राहुल सिंह को मिला यह सम्मान केवल GIMS-CMI की उपलब्धि नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश के सरकारी चिकित्सा संस्थानों के लिए भी एक महत्वपूर्ण संदेश माना जा सकता है।
यह दिखाता है कि सरकारी मेडिकल संस्थान केवल Treatment, Medical Education और Research तक सीमित नहीं हैं। सही नेतृत्व, नीतिगत सहयोग और Innovation को प्रोत्साहन मिले तो यही संस्थान Healthcare Startup और MedTech Innovation के बड़े केंद्र भी बन सकते हैं।
GIMS-CMI की यह पहल इसी दिशा में एक उदाहरण के रूप में सामने आई है।
एक तरफ अस्पताल में मरीजों का इलाज जारी है, तो दूसरी तरफ उसी अस्पताल की समस्याओं से भविष्य के Healthcare Solutions तलाशने की कोशिश भी हो रही है।
यही इस पूरी उपलब्धि की सबसे बड़ी कहानी है।
एक सरकारी अस्पताल से शुरू हुई सोच अब भारत के Healthcare Innovation Ecosystem में एक मॉडल के रूप में पहचान बनाने की दिशा में आगे बढ़ रही है।
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