रक्षाबंधन पर्व से पहले गौतमबुद्धनगर में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने मिलावटखोरी और संदिग्ध खाद्य पदार्थों के खिलाफ अभियान तेज कर दिया है। जेवर टोल प्लाजा, डीएनडी फ्लाईओवर, दादरी और ग्रेटर नोएडा वेस्ट में हुई कार्रवाई के दौरान करीब 100 किलो बूंदी सीज की गई, जबकि मेवात से लाया जा रहा लगभग 200 किलो पनीर प्रथम दृष्टया मिलावटी और प्रदूषित पाए जाने पर नष्ट कराया गया। कुल 9 खाद्य पदार्थों के नमूने लेकर जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे गए हैं।
रक्षाबंधन का त्योहार नजदीक आते ही बाजारों में मिठाई, पनीर और अन्य खाद्य पदार्थों की मांग तेजी से बढ़ने लगी है। ऐसे में त्योहार की मिठास में मिलावट का जहर न घुले, इसके लिए गौतमबुद्धनगर का खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग पूरी तरह सक्रिय हो गया है। विभाग ने जनपद के अलग-अलग हिस्सों में अभियान चलाते हुए संदिग्ध खाद्य पदार्थों की जांच की और कई स्थानों पर कार्रवाई की।
24 अगस्त की रात से लेकर 25 अगस्त की सुबह तक चली इस कार्रवाई में दिल्ली और दिल्ली-NCR में सप्लाई के लिए ले जाए जा रहे पनीर के नमूने लिए गए। वहीं, ग्रेटर नोएडा वेस्ट में एक लड्डू निर्माणशाला से करीब 100 किलो बूंदी को प्रथम दृष्टया अपमिश्रित और अधिक रंग होने के संदेह में सीज कर दिया गया। इसके अलावा दादरी क्षेत्र में करीब 200 किलो पनीर को प्रथम दृष्टया मिलावटी और प्रदूषित पाए जाने के आधार पर नष्ट कराया गया।
इस पूरे अभियान के दौरान कुल 9 खाद्य पदार्थों के नमूने एकत्र कर जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे जा रहे हैं। अब इन नमूनों की रिपोर्ट से यह स्पष्ट होगा कि संबंधित खाद्य पदार्थ निर्धारित मानकों पर खरे उतरते हैं या नहीं।

क्त खाद्य द्वितीय सर्वेश मिश्रा के अनुसार, आयुक्त खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन उत्तर प्रदेश, लखनऊ तथा जिलाधिकारी के निर्देश पर यह विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसका उद्देश्य रक्षाबंधन पर्व के दौरान जनपदवासियों को शुद्ध और गुणवत्तायुक्त खाद्य एवं पेय पदार्थ उपलब्ध कराना है।
अभियान के तहत 24 अगस्त 2026 की रात्रि में खाद्य सुरक्षा अधिकारी ओपी सिंह और महेंद्र प्रताप सिंह की टीम ने जेवर टोल प्लाजा पर विशेष चेकिंग अभियान चलाया।
इस दौरान आर.के. डेयरी, सहजपुरा पिसावा, अलीगढ़ से वाहन संख्या UP81ET8847 द्वारा दिल्ली सप्लाई के लिए ले जाए जा रहे पनीर से एक नमूना लिया गया।
इसके बाद नगला कला, अलीगढ़ स्थित राहुल कुमार की डेयरी से वाहन संख्या UP16MT1168 में दिल्ली सप्लाई के लिए ले जाए जा रहे पनीर का भी एक नमूना संग्रहित किया गया।
इसी कार्रवाई के दौरान बाजना, मथुरा स्थित मोहित डेयरी से वाहन संख्या UP85ET1290 द्वारा दिल्ली-NCR में सप्लाई के लिए ले जाए जा रहे पनीर से दो नमूने लिए गए।
रक्षाबंधन से पहले पनीर की बढ़ती मांग को देखते हुए विभाग की यह कार्रवाई महत्वपूर्ण मानी जा रही है, क्योंकि त्योहारों के दौरान दूध और दुग्ध उत्पादों में मिलावट की शिकायतों की आशंका बढ़ जाती है।

खाद्य सुरक्षा विभाग की कार्रवाई केवल जेवर टोल प्लाजा तक सीमित नहीं रही। खाद्य सुरक्षा अधिकारी विशाल गुप्ता और रितु सक्सेना की टीम ने डीएनडी फ्लाईओवर पर भी दिल्ली सप्लाई के लिए जा रहे खाद्य पदार्थों की जांच की।
टीम ने राधे डेयरी, बाजना, मथुरा की गाड़ी संख्या UP85AT5550 को जांच के लिए रोका। वाहन से दिल्ली सप्लाई के लिए ले जाए जा रहे पनीर का एक नमूना लेकर उसे जांच प्रक्रिया के लिए भेजा गया।
इस तरह अलग-अलग रास्तों से दिल्ली और NCR में पहुंचने वाले पनीर की गुणवत्ता पर विभाग ने विशेष निगरानी रखी।
अभियान के दौरान ग्रेटर नोएडा वेस्ट के पुस्ता क्षेत्र में स्थित एम.के. स्वीट की लड्डू निर्माणशाला पर भी खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम पहुंची।
दुकान मालिक आजाद की लड्डू निर्माणशाला से बूंदी का एक नमूना लिया गया। निरीक्षण के दौरान शेष रखी लगभग 100 किलोग्राम बूंदी को प्रथम दृष्टया अपमिश्रित और उसमें रंग की मात्रा अधिक पाए जाने के संदेह के आधार पर सीज कर दिया गया।
अब बूंदी के नमूने की प्रयोगशाला जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई तय होगी। त्योहारों के दौरान बूंदी और लड्डू जैसे उत्पादों की मांग बढ़ जाती है, ऐसे में विभाग की इस कार्रवाई को उपभोक्ताओं की सुरक्षा से जोड़कर देखा जा रहा है।

अभियान की सबसे बड़ी कार्रवाई 25 अगस्त की सुबह करीब 3:30 बजे सामने आई। जीटी रोड, दादरी-नोएडा मार्ग पर एक वैगन-आर कार संख्या UP16DR7894 से पनीर की सप्लाई की जा रही थी।
खाद्य विभाग की टीम ने वाहन को जांच के लिए रोका। जांच में सामने आया कि पनीर मेवात, हरियाणा में निर्मित बताया गया और इसे दिल्ली से दादरी क्षेत्र में सप्लाई के लिए लाया जा रहा था।
वाहन के साथ नजाकत उर्फ भोला, निवासी मेंहदीपुर बांगर, रबूपुरा मौजूद था। वाहन से करीब 200 किलोग्राम पनीर बरामद हुआ।
खाद्य सुरक्षा विभाग ने पनीर का एक नमूना लिया। शेष पनीर को प्रथम दृष्टया मिलावटी और प्रदूषित होने के कारण नष्ट करा दिया गया। इस कार्रवाई ने त्योहार से पहले होने वाली खाद्य आपूर्ति की निगरानी को लेकर विभाग की सख्ती का स्पष्ट संदेश दिया है।
अभियान के दौरान खाद्य सुरक्षा अधिकारी मुकेश कुमार और विजय बहादुर पटेल की टीम ने भी अलग-अलग प्रतिष्ठानों पर जांच की।
टीम ने ग्रेटर नोएडा स्थित समा असली मुरादाबादी चिकन बिरयानी मिक्सन, अल्टिमा आमिक्रोन से चिकन बिरयानी का एक नमूना लिया।

इसके अलावा गौर सिटी स्थित हीरा स्वीट्स से प्याज कचौरी का भी एक नमूना जांच के लिए संग्रहित किया गया।
इन सभी कार्रवाईयों को मिलाकर विभाग ने कुल 9 खाद्य पदार्थों के नमूने लिए हैं, जिन्हें अब जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा जा रहा है।
खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा लिए गए नमूनों की प्रयोगशाला जांच रिपोर्ट आने के बाद यह स्पष्ट होगा कि संबंधित खाद्य पदार्थ खाद्य सुरक्षा के निर्धारित मानकों के अनुरूप हैं या नहीं।
यदि जांच में किसी खाद्य पदार्थ में मिलावट या गुणवत्ता संबंधी अनियमितता की पुष्टि होती है तो खाद्य सुरक्षा कानून के तहत आगे की कार्रवाई की जा सकती है।
सहायक आयुक्त खाद्य द्वितीय सर्वेश मिश्रा ने बताया कि आगे भी इसी तरह जांच अभियान लगातार संचालित किया जाएगा और विभिन्न प्रतिष्ठानों एवं सप्लाई वाहनों से खाद्य पदार्थों के नमूने लिए जाएंगे।
विभाग का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि रक्षाबंधन जैसे प्रमुख पर्व पर जनपदवासियों को निर्धारित मानकों के अनुरूप शुद्ध, सुरक्षित और गुणवत्तायुक्त खाद्य एवं पेय पदार्थ उपलब्ध हो सकें।
अब सबकी नजर प्रयोगशाला रिपोर्ट पर रहेगी। सवाल यह है कि जांच के लिए भेजे गए पनीर, बूंदी, बिरयानी और अन्य खाद्य पदार्थ गुणवत्ता की कसौटी पर खरे उतरेंगे या फिर त्योहार से पहले मिलावटखोरों के खिलाफ कार्रवाई का दायरा और बड़ा होगा।
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