गाजियाबाद के लोनी तहसील क्षेत्र में बढ़ते प्रदूषण के स्तर को देखते हुए प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार मॉदड़ के आदेश और ज्वाइंट मजिस्ट्रेट/उपजिलाधिकारी लोनी दीपक सिंघनवाल के निर्देश पर 25 अगस्त 2026 को सात संयुक्त टीमों ने विभिन्न इलाकों में व्यापक निरीक्षण अभियान चलाया। कार्रवाई के दौरान धातु गलाने वाली 25 अवैध फैक्ट्रियों के खिलाफ सीलिंग और विद्युत विच्छेदन की कार्रवाई की गई।
लोनी क्षेत्र में बढ़ते प्रदूषण को लेकर प्रशासन ने अब सख्त रुख अपना लिया है। प्रदूषणकारी गतिविधियों के खिलाफ चलाए गए विशेष अभियान में एक ही दिन में 25 अवैध फैक्ट्रियों पर कार्रवाई की गई। धातु गलाने का काम करने वाली इन इकाइयों के खिलाफ प्रशासन, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, बिजली विभाग और पुलिस की संयुक्त टीमों ने मौके पर पहुंचकर सीलिंग और विद्युत कनेक्शन काटने की कार्रवाई की।
यह अभियान ऐसे समय में चलाया गया है, जब लोनी क्षेत्र में प्रदूषण के बढ़ते स्तर को लेकर प्रशासनिक निगरानी लगातार बढ़ाई जा रही है। अधिकारियों के मुताबिक, अवैध रूप से संचालित प्रदूषणकारी इकाइयों को किसी भी स्थिति में चलने नहीं दिया जाएगा और आने वाले दिनों में भी इस तरह की कार्रवाई जारी रहेगी।
तहसील लोनी क्षेत्र में प्रदूषण के बढ़ते स्तर को देखते हुए जिलाधिकारी गाजियाबाद रविन्द्र कुमार मॉदड़ के आदेश के क्रम में यह अभियान चलाया गया।
जिलाधिकारी के निर्देश के बाद ज्वाइंट मजिस्ट्रेट/उपजिलाधिकारी लोनी दीपक सिंघनवाल ने संबंधित अधिकारियों को कार्रवाई के निर्देश दिए। इसके बाद 25 अगस्त 2026 को तहसील क्षेत्र के अलग-अलग स्थानों पर एक साथ निरीक्षण अभियान चलाने के लिए सात संयुक्त टीमों का गठन किया गया।

इन टीमों में राजस्व विभाग के अधिकारियों के साथ-साथ केन्द्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB), उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड गाजियाबाद (UPPCB), विद्युत विभाग और पुलिस विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी शामिल रहे।
संयुक्त टीमों का उद्देश्य मौके पर पहुंचकर प्रदूषणकारी इकाइयों की जांच करना और नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर तत्काल कार्रवाई करना था।
अभियान के दौरान लोनी तहसील क्षेत्र के कई इलाकों में निरीक्षण किया गया। प्रशासनिक और विभागीय टीमें ग्राम बहटा हाजीपुर, सेवाधाम, अमित विहार, प्रेमनगर, कृष्णा नगर, अंकित विहार और टीला शहबाजपुर पहुंचीं।
इन क्षेत्रों में संचालित धातु गलाने वाली इकाइयों का निरीक्षण किया गया। कार्रवाई के दौरान कुल 25 अवैध फैक्ट्रियों के खिलाफ सीलिंग और विद्युत विच्छेदन की कार्रवाई की गई।
प्रशासन की इस कार्रवाई के बाद उन इकाइयों में कामकाज पर तत्काल प्रभाव पड़ा, जिनके खिलाफ कार्रवाई की गई है।
अभियान में खास तौर पर ऐसी इकाइयों को जांच के दायरे में लिया गया, जो धातु गलाने का काम कर रही थीं और जिनके संचालन को लेकर प्रशासन ने कार्रवाई की।

ऐसी इकाइयों की गतिविधियों को लेकर प्रदूषण संबंधी नियमों के पालन की जांच महत्वपूर्ण होती है। प्रशासन ने विभिन्न विभागों को साथ लेकर संयुक्त निरीक्षण इसलिए किया, ताकि कार्रवाई के दौरान संबंधित विभाग अपने-अपने स्तर पर आवश्यक प्रक्रिया पूरी कर सकें।
यही वजह रही कि इस अभियान में केवल राजस्व या प्रशासनिक अधिकारी ही नहीं, बल्कि प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, बिजली विभाग और पुलिस की टीमें भी शामिल रहीं।
कार्रवाई के दौरान केवल फैक्ट्रियों को बंद कराने तक सीमित नहीं रहा गया। कुल 25 अवैध इकाइयों के खिलाफ सीलिंग/विद्युत विच्छेदन की कार्रवाई की गई।
इसका सीधा उद्देश्य ऐसी इकाइयों के संचालन को रोकना था, ताकि कार्रवाई के तुरंत बाद दोबारा उत्पादन शुरू न किया जा सके।
प्रशासन की ओर से यह स्पष्ट संकेत दिया गया है कि प्रदूषणकारी गतिविधियों के खिलाफ कार्रवाई केवल कागजों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि मौके पर जाकर संबंधित इकाइयों के संचालन को रोकने की कार्रवाई की जाएगी।
अभियान के दौरान कई वरिष्ठ राजस्व अधिकारी और अन्य विभागों के अधिकारी मौके पर मौजूद रहे।

कार्रवाई में तहसीलदार लोनी जय प्रकाश, तहसीलदार मोदीनगर रजत सिंह, नायब तहसीलदार बहटा हाजीपुर रति गुप्ता, नायब तहसीलदार लोनी लीलू सिंह, नायब तहसीलदार मोदीनगर प्रियंका शर्मा, नायब तहसीलदार गाजियाबाद उमेश त्यागी और नायब तहसीलदार मोदीनगर प्रशांत सक्सेना शामिल रहे।
इसके अलावा केन्द्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड गाजियाबाद के अधिकारी भी अभियान में मौजूद रहे।
विद्युत विभाग और पुलिस विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी भी संयुक्त टीमों के साथ कार्रवाई में शामिल रहे।
कार्रवाई के बाद ज्वाइंट मजिस्ट्रेट/उपजिलाधिकारी लोनी दीपक सिंघनवाल ने बताया कि 25 अगस्त 2026 को तहसील लोनी क्षेत्र में व्यापक निरीक्षण अभियान चलाया गया।
इस दौरान कुल 25 अवैध फैक्ट्रियों के खिलाफ सीलिंग और विद्युत विच्छेदन की कार्रवाई की गई।
उन्होंने स्पष्ट किया कि लोनी तहसील क्षेत्र में अवैध प्रदूषणकारी इकाइयों का संचालन किसी भी दशा में नहीं होने दिया जाएगा।

प्रशासन का यह रुख बताता है कि आने वाले दिनों में भी ऐसी इकाइयों के खिलाफ कार्रवाई का सिलसिला जारी रह सकता है
इस पूरे अभियान के बाद सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या 25 फैक्ट्रियों पर कार्रवाई के बाद प्रदूषणकारी इकाइयों के खिलाफ अभियान थमेगा या फिर प्रशासन और बड़े स्तर पर कार्रवाई करेगा?
प्रशासन की ओर से इसका जवाब पहले ही साफ कर दिया गया है।
एसडीएम लोनी दीपक सिंघनवाल के मुताबिक, भविष्य में भी इसी प्रकार की कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
यानी 25 अगस्त की कार्रवाई को केवल एक दिन का अभियान नहीं माना जा रहा, बल्कि इसे लोनी क्षेत्र में अवैध प्रदूषणकारी इकाइयों के खिलाफ व्यापक कार्रवाई की शुरुआत के तौर पर देखा जा सकता है।
प्रशासन के सामने अब चुनौती यह सुनिश्चित करने की होगी कि सील की गई इकाइयां दोबारा अवैध तरीके से संचालन शुरू न करें और क्षेत्र में अन्य ऐसी इकाइयों की भी पहचान हो, जो नियमों को दरकिनार कर प्रदूषणकारी गतिविधियां चला रही हैं।

लोनी क्षेत्र में एक साथ 25 अवैध धातु गलाने वाली फैक्ट्रियों पर हुई कार्रवाई ने साफ कर दिया है कि प्रशासन अब प्रदूषण के मुद्दे पर सख्ती के मूड में है।
एक ओर जहां सात संयुक्त टीमों ने कई इलाकों में एक साथ निरीक्षण किया, वहीं दूसरी ओर कार्रवाई में राजस्व, प्रदूषण नियंत्रण, बिजली और पुलिस विभाग को शामिल किया गया।
इस संयुक्त कार्रवाई का सबसे बड़ा संदेश यही है कि प्रदूषणकारी गतिविधियों पर कार्रवाई के लिए विभागों के बीच समन्वय के साथ अभियान चलाया जा रहा है।
अब आने वाले दिनों में देखना होगा कि इस कार्रवाई का लोनी क्षेत्र के प्रदूषण स्तर पर कितना असर पड़ता है और प्रशासन की अगली कार्रवाई किन इलाकों या किन इकाइयों तक पहुंचती है।
फिलहाल 25 अवैध फैक्ट्रियों पर हुई कार्रवाई से प्रशासन ने यह संकेत जरूर दे दिया है कि लोनी में प्रदूषण फैलाने वाली अवैध औद्योगिक गतिविधियों के खिलाफ अब सख्ती जारी रहेगी।
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