कानपुर में गुरुवार को गंगा बैराज के पास नत्थूपुरवा गांव में एक प्रशिक्षण विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया। हादसे में विमान सवार दोनों पायलटों की मौत हो गई। शुरुआती जानकारी के मुताबिक विमान ने कानपुर कैंट से करीब 11:20 बजे ट्रेनिंग उड़ान भरी थी। हादसे के बाद पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर राहत एवं बचाव कार्य शुरू कराया। दुर्घटना की वजह अभी स्पष्ट नहीं है और तकनीकी खराबी, मौसम समेत अन्य संभावित कारणों की जांच की जा रही है।
कानपुर में गुरुवार को एक प्रशिक्षण उड़ान उस समय दर्दनाक हादसे में बदल गई, जब चार सीटर विमान गंगा बैराज के पास नत्थूपुरवा गांव में दुर्घटनाग्रस्त होकर जमीन पर जा गिरा। हादसा इतना गंभीर था कि विमान में सवार दोनों पायलटों की जान चली गई। घटना की खबर सामने आते ही इलाके में अफरा-तफरी मच गई और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग घटनास्थल की ओर पहुंचने लगे।
प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक विमान ने गुरुवार सुबह करीब 11:20 बजे कानपुर कैंट क्षेत्र से उड़ान भरी थी। बताया जा रहा है कि यह एक प्रशिक्षण उड़ान थी। उड़ान भरने के कुछ ही समय बाद विमान ग्वालटोली थाना क्षेत्र के नत्थूपुरवा इलाके में दुर्घटनाग्रस्त हो गया।
विमान जमीन पर गिरते ही आसपास तेज आवाज सुनाई दी। इसके बाद स्थानीय लोगों को हादसे का पता चला और देखते ही देखते घटनास्थल पर लोगों की भीड़ जुट गई।
ट्रेनिंग के दौरान हुआ हादसा, दो पायलटों की मौत
यह हादसा एक निजी कंपनी के प्रशिक्षण विमान के साथ हुआ। विमान में दो पायलट सवार थे और दोनों की हादसे में मौत हो गई। मृतकों की पहचान कर्नाटक निवासी अभिषेक पुजारी और गुजरात निवासी सुमित भाटिया के रूप में बताई गई है।
जानकारी के मुताबिक सुमित भाटिया प्रशिक्षक थे और उनके पास करीब 3,000 घंटे का प्रशिक्षण अनुभव था। वहीं अभिषेक पुजारी प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे थे।
इस तरह जिस उड़ान का उद्देश्य प्रशिक्षण और विमानन कौशल को बेहतर बनाना था, वही दोनों पायलटों के लिए आखिरी उड़ान साबित हुई।
कानपुर कैंट से उड़ान और कुछ देर बाद हादसा
प्रारंभिक जानकारी में सामने आया है कि विमान ने कानपुर कैंट क्षेत्र से करीब 11:20 बजे उड़ान भरी थी। विमान चार सीटर बताया जा रहा है और इसे प्रशिक्षण के लिए इस्तेमाल किया जा रहा था।
हालांकि उड़ान भरने के बाद विमान के साथ ऐसा क्या हुआ कि वह कुछ ही समय में नत्थूपुरवा क्षेत्र में जा गिरा, इसका अभी स्पष्ट जवाब नहीं मिल पाया है।
यही सवाल अब जांच का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा बन गया है।
क्या विमान में अचानक तकनीकी खराबी आई थी?
क्या मौसम की स्थिति ने उड़ान को प्रभावित किया?
या फिर दुर्घटना के पीछे कोई अन्य तकनीकी या मानवीय कारण था?
इन सभी संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए जांच आगे बढ़ाई जा रही है।
पुलिस और प्रशासन ने संभाला मोर्चा
दुर्घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों में हड़कंप मच गया। पुलिस और प्रशासन की टीमें तत्काल घटनास्थल पर पहुंचीं और इलाके को सुरक्षित किया गया।
पुलिस कमिश्नर रघुवीर लाल भी मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण किया। अधिकारियों की मौजूदगी में राहत एवं बचाव कार्य शुरू कराया गया।
विमान के मलबे को भी सुरक्षित किया गया है, ताकि दुर्घटना की परिस्थितियों और संभावित कारणों की जांच की जा सके।
हादसे के बाद संबंधित विमानन अधिकारियों को भी घटना की सूचना दी गई है। अब दुर्घटना की विस्तृत जांच के जरिए यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि विमान दुर्घटनाग्रस्त होने से पहले उसकी स्थिति कैसी थी और उड़ान के दौरान वास्तव में क्या हुआ था।
इटली की कंपनी टेकनम का था एयरक्राफ्ट
जानकारी के मुताबिक दुर्घटनाग्रस्त विमान इटली की कंपनी टेकनम का था। यह विमान कानपुर में प्रशिक्षण गतिविधियों के लिए इस्तेमाल किया जा रहा था।
बताया गया है कि यह विमान गर्ग एविएशन का है और कंपनी वर्ष 2023 से कानपुर में प्रशिक्षण से जुड़ी गतिविधियों के लिए काम कर रही थी।
इस जानकारी के सामने आने के बाद अब जांच में विमान के संचालन, रखरखाव, प्रशिक्षण उड़ान से जुड़े रिकॉर्ड और तकनीकी स्थिति जैसे पहलुओं को भी देखा जा सकता है।
हालांकि फिलहाल यह कहना जल्दबाजी होगी कि दुर्घटना के पीछे कोई तकनीकी खामी थी।
हादसे की असली वजह अभी रहस्य
एयरक्राफ्ट क्रैश के बाद सबसे बड़ा सवाल दुर्घटना की वजह को लेकर है।
प्रारंभिक स्तर पर तकनीकी खराबी, मौसम और अन्य संभावित कारणों को जांच के दायरे में रखा जा रहा है। लेकिन अभी तक किसी एक कारण की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
विमान के मलबे और उपलब्ध तकनीकी साक्ष्यों की जांच के बाद ही हादसे की वास्तविक वजह सामने आने की उम्मीद है।
ऐसे मामलों में दुर्घटना के पीछे की परिस्थितियों को समझने के लिए विमान की तकनीकी स्थिति, उड़ान से पहले की जांच, मौसम, पायलटों की ट्रेनिंग और उड़ान के दौरान विमान के व्यवहार समेत कई पहलुओं का परीक्षण किया जाता है।
इसलिए फिलहाल किसी निष्कर्ष पर पहुंचने के बजाय जांच पूरी होने का इंतजार करना जरूरी है।
दोनों पायलटों की अलग-अलग भूमिका
हादसे में जान गंवाने वाले दोनों पायलटों की भूमिका भी अलग थी।
गुजरात के रहने वाले सुमित भाटिया प्रशिक्षक थे और उनके पास लगभग 3,000 घंटे का प्रशिक्षण अनुभव बताया गया है।
वहीं कर्नाटक निवासी अभिषेक पुजारी प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे थे।
यानी यह उड़ान विमानन प्रशिक्षण की प्रक्रिया का हिस्सा थी। हादसे के बाद अब प्रशिक्षण उड़ानों की सुरक्षा और संबंधित विमान की तकनीकी स्थिति को लेकर भी सवाल उठना स्वाभाविक है।
सीएम योगी ने जताया गहरा दुख
कानपुर में हुए इस विमान हादसे पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गहरा दुख जताया है।
मुख्यमंत्री ने हादसे में जान गंवाने वाले दोनों पायलटों के शोक संतप्त परिजनों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त की। उन्होंने दिवंगतों की आत्मा की शांति की प्रार्थना करते हुए उनके परिजनों को यह अपार दुख सहने की शक्ति प्रदान करने की कामना की।
हादसे के बाद प्रशासनिक स्तर पर भी घटनाक्रम पर नजर रखी जा रही है और जांच से जुड़े अधिकारियों द्वारा आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।
अब जांच से खुलेंगे हादसे के राज
कानपुर के नत्थूपुरवा गांव में हुआ यह विमान हादसा कई सवाल छोड़ गया है।
कैंट से उड़ान भरने वाला चार सीटर प्रशिक्षण विमान आखिर कुछ ही देर बाद दुर्घटनाग्रस्त कैसे हुआ?
क्या विमान में तकनीकी खराबी आई?
क्या मौसम का कोई असर था?
क्या उड़ान के दौरान कोई अप्रत्याशित स्थिति पैदा हुई?
या इसके पीछे कोई अन्य कारण था?
इन सवालों के जवाब जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएंगे।
फिलहाल इतना जरूर है कि एक प्रशिक्षण उड़ान ने दो परिवारों की जिंदगी में ऐसा खालीपन छोड़ दिया है, जिसे भर पाना आसान नहीं होगा।
कानपुर के आसमान से शुरू हुई यह उड़ान नत्थूपुरवा की जमीन पर खत्म हुई, लेकिन इसके पीछे की वजह अभी भी जांच के घेरे में है। अब निगाहें उस रिपोर्ट पर हैं, जो बताएगी कि आखिर इस चार सीटर प्रशिक्षण विमान के साथ उड़ान के दौरान ऐसा क्या हुआ था।
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