नोएडा के सेक्टर-150 में जल निकासी की भयावह लापरवाही सामने आई है, जहां पानी से भरे बेसमेंट में कार समेत डूबने से 27 वर्षीय सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज की दर्दनाक मौत हो गई।
नोएडा के सेक्टर-150 में जल निकासी व्यवस्था की भारी लापरवाही ने एक युवा की जान ले ली। शनिवार देर रात 27 वर्षीय सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज की पानी से भरे बेसमेंट में कार समेत डूबकर मौत हो गई। यह हादसा उस खाली भूखंड में हुआ, जहां अर्थम बिल्डर द्वारा मॉल निर्माण के लिए बेसमेंट की खुदाई की गई थी, लेकिन निर्माण अधूरा छोड़ दिया गया।
सेक्टर-150 स्थित एससी-02 स्पोर्ट्स सिटी भूखंड को नोएडा प्राधिकरण ने थ्री सी बिल्डर को आवंटित किया था। थ्री सी ने छोटे भूखंड बनाकर 24 बिल्डरों को सबलीज पर जमीन बेच दी। इनमें आठ परियोजनाओं में करीब 7,000 परिवार और लगभग 21,000 लोग निवास कर रहे हैं। जल निकासी की समुचित व्यवस्था न होने के कारण इन घरों से निकलने वाला प्रतिदिन करीब 28.35 लाख लीटर पानी खाली पड़े भूखंड और अर्थम बिल्डर के बेसमेंट में जमा हो रहा था।

बताया गया है कि थ्री सी द्वारा यह जमीन एमजे विजटाउन और लोटस ग्रीन को बेची गई थी, जबकि करीब पांच एकड़ भूखंड अर्थम बिल्डर को मॉल निर्माण के लिए दिया गया।
सिंचाई विभाग ने बांध के नीचे से जल निकासी की अनुमति प्राधिकरण को नहीं दी, और प्राधिकरण इस समस्या का समाधान नहीं निकाल सका। नतीजा यह हुआ कि बेसमेंट में भरे पानी में युवराज की कार फंस गई और उसकी जान चली गई।

स्थानीय निवासियों का आरोप है कि उन्होंने समय-समय पर स्ट्रीट लाइट, स्पीड ब्रेकर, रिफ्लेक्टर, खुले नाले, जलभराव और सफाई को लेकर लिखित शिकायतें दी थीं। दादरी विधायक तेजपाल नागर और सांसद महेश शर्मा ने भी प्राधिकरण को पत्र लिखा था। IGRS पोर्टल पर शिकायत के बावजूद वर्क सर्किल-10 ने जिम्मेदारी ट्रैफिक सेल पर डालकर पल्ला झाड़ लिया। अब आधा दर्जन से अधिक सोसायटी के लोग सड़कों पर उतरकर न्याय और बुनियादी सुविधाओं की मांग कर रहे हैं।
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