विभाजन की विभीषिका स्मृति दिवस के अवसर पर नोएडा के सेक्टर-29 स्थित शहीद स्मारक पर श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया। भाजपा महानगर अध्यक्ष महेश चौहान, जिला पंचायत प्रशासक अमित कुमार, मुख्य विकास अधिकारी भाल चंद्र त्रिपाठी, पूर्व सैन्य अधिकारियों और विद्यार्थियों ने अमर शहीदों को पुष्प अर्पित कर नमन किया और राष्ट्रहित में कार्य करने का संकल्प लिया।
कुछ तारीखें सिर्फ कैलेंडर का हिस्सा नहीं होतीं, बल्कि वे इतिहास के उन पन्नों को सामने लाती हैं, जिन्हें भूल जाना आने वाली पीढ़ियों के साथ अन्याय हो सकता है। विभाजन की विभीषिका स्मृति दिवस भी ऐसी ही एक तारीख है। देश के विभाजन के दौरान झेली गई पीड़ा, विस्थापन और असंख्य बलिदानों की स्मृतियों के बीच शुक्रवार को नोएडा में शहीदों को श्रद्धांजलि दी गई।
सेक्टर-29 स्थित शहीद स्मारक पर आयोजित श्रद्धांजलि कार्यक्रम में देश की रक्षा और राष्ट्र की सुरक्षा के लिए अपने प्राण न्योछावर करने वाले अमर शहीदों को याद किया गया। कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने शहीद स्मारक पर पुष्प अर्पित कर उन वीरों के प्रति सम्मान और कृतज्ञता व्यक्त की, जिनके त्याग और बलिदान की वजह से देश की आजादी, सुरक्षा और अखंडता को मजबूती मिली।
कार्यक्रम में भाजपा महानगर अध्यक्ष महेश चौहान, प्रशासक जिला पंचायत अमित कुमार और मुख्य विकास अधिकारी भाल चंद्र त्रिपाठी के साथ बड़ी संख्या में पूर्व सैन्य अधिकारी और अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे। सभी ने शहीद स्मारक पर पुष्प अर्पित कर अमर शहीदों को नमन किया।

श्रद्धांजलि कार्यक्रम का सबसे भावुक पहलू उस समय सामने आया, जब पूर्व सैन्य अधिकारियों ने शहीदों के जीवन, उनके सैन्य योगदान और देश की रक्षा के लिए दिए गए सर्वोच्च बलिदान के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी साझा की।
उन्होंने कहा कि देश की आजादी, सुरक्षा और अखंडता के लिए अपने प्राणों की आहुति देने वाले वीर शहीदों का योगदान कभी भुलाया नहीं जा सकता। उनके बलिदान की कीमत किसी शब्द या सम्मान से पूरी नहीं की जा सकती। उनका जीवन आने वाली पीढ़ियों के लिए एक ऐसी प्रेरणा है, जो देशभक्ति को केवल भावना नहीं बल्कि जिम्मेदारी के रूप में समझने का संदेश देता है।
पूर्व सैन्य अधिकारियों ने इस बात पर भी जोर दिया कि राष्ट्र की रक्षा केवल सीमा पर खड़े सैनिकों की जिम्मेदारी नहीं है। देश के प्रत्येक नागरिक को अपने स्तर पर राष्ट्रहित, अनुशासन, कर्तव्य और एकता को मजबूत करने में योगदान देना चाहिए।
शहीद स्मारक पर पहुंचे बच्चे, दिखा राष्ट्रभक्ति का जज्बा
कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश भारत स्काउट एवं गाइड तथा NCC के छात्र-छात्राओं ने भी उत्साहपूर्वक भाग लिया। वर्दी में पहुंचे विद्यार्थियों और स्काउट-गाइड के प्रतिभागियों ने शहीद स्मारक पर उपस्थित होकर अमर शहीदों के प्रति अपनी श्रद्धा और कृतज्ञता व्यक्त की।

बच्चों की मौजूदगी ने कार्यक्रम को एक अलग भावनात्मक अर्थ दिया। एक ओर वे वीर शहीदों के इतिहास और बलिदान से रूबरू हुए, वहीं दूसरी ओर उन्हें यह समझने का अवसर मिला कि आज देश जिस स्वतंत्र और सुरक्षित वातावरण में आगे बढ़ रहा है, उसके पीछे कितने लोगों का त्याग छिपा हुआ है।]
शहीद स्मारक पर पुष्प अर्पित करते हुए विद्यार्थियों ने भी उन वीरों के प्रति सम्मान व्यक्त किया, जिन्होंने देश की रक्षा के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया।
विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस का उद्देश्य केवल इतिहास को याद करना नहीं, बल्कि उस दौर से सीख लेकर भविष्य को बेहतर बनाने का संदेश देना भी है। विभाजन के दौरान लाखों लोगों को विस्थापन और हिंसा की त्रासदी झेलनी पड़ी थी। इस इतिहास को याद करने का एक महत्वपूर्ण उद्देश्य यह भी है कि आने वाली पीढ़ियां समझ सकें कि देश की एकता और सामाजिक सद्भाव कितने महत्वपूर्ण हैं।
नोएडा के शहीद स्मारक पर आयोजित कार्यक्रम में भी इसी भावना को केंद्र में रखा गया। मौजूद लोगों ने शहीदों के त्याग को याद करते हुए देश की एकता, अखंडता और राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखने का संदेश दिया।

कार्यक्रम के अंत में उपस्थित जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, पूर्व सैन्य अधिकारियों और विद्यार्थियों ने शहीदों के आदर्शों को अपने जीवन में आत्मसात करने का संकल्प लिया।
सभी ने यह संकल्प लिया कि वे देशहित में अपनी जिम्मेदारियों का ईमानदारी से निर्वहन करेंगे और राष्ट्र की एकता, अखंडता तथा सुरक्षा को मजबूत करने में अपनी भूमिका निभाएंगे।
यह संकल्प केवल एक औपचारिकता नहीं, बल्कि उन वीरों के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि का संदेश था, जिन्होंने देश के लिए अपना जीवन तक बलिदान कर दिया।
शहीदों की याद से मिला नई पीढ़ी को संदेश
सेक्टर-29 का शहीद स्मारक शुक्रवार को केवल पुष्पांजलि का स्थल नहीं रहा, बल्कि यह इतिहास, बलिदान और राष्ट्रसेवा की भावना का साक्षी बना। जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों से लेकर पूर्व सैनिकों और स्कूली विद्यार्थियों तक, सभी ने एक साथ खड़े होकर अमर शहीदों को नमन किया।
कार्यक्रम ने यह संदेश भी दिया कि शहीदों को याद करना केवल एक दिन की जिम्मेदारी नहीं है। उनके आदर्शों को अपने व्यवहार और कर्म में उतारना ही उनके प्रति वास्तविक सम्मान है।
क्योंकि देश की सीमाओं की रक्षा करने वाले वीरों का बलिदान इतिहास में दर्ज जरूर है, लेकिन उस बलिदान की असली विरासत तभी सुरक्षित रहेगी, जब आने वाली पीढ़ियां राष्ट्र की एकता, अखंडता और कर्तव्य को अपने जीवन का हिस्सा बनाएंगी।
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