Saturday, September 12, 2026

नालियां गंदी मिलीं तो मंत्री का पारा चढ़ा! लखनऊ में सफाई व्यवस्था पर बड़ा एक्शन, कंपनी पर ₹5 लाख जुर्माना

जोन-3 और जोन-4 के चार वार्डों में प्रभारी मंत्री सुरेश कुमार खन्ना का औचक निरीक्षण, लापरवाही पर ‘लायन एनवायरो’ पर जुर्माना और गोमती नगर के SFI-सुपरवाइजर का पांच-पांच दिन का वेतन काटने के निर्देश

noida , Latest Updated On - Aug 14 2026 | 13:01:00 PM
विज्ञापन

लखनऊ की सफाई व्यवस्था की जमीनी हकीकत परखने निकले प्रभारी मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने जोन-3 और जोन-4 के चार वार्डों का औचक निरीक्षण किया। सड़कों की सफाई अपेक्षाकृत बेहतर मिली, लेकिन नालियों में गंदगी और सफाई की खराब स्थिति देखकर मंत्री ने नाराजगी जताई। लापरवाही पर ‘लायन एनवायरो’ कंपनी पर ₹5 लाख जुर्माने और गोमती नगर वार्ड के SFI व सुपरवाइजर का पांच-पांच दिन का वेतन काटने के निर्देश दिए गए।

विज्ञापन

राजधानी लखनऊ को स्मार्ट सिटी कहा जाता है, लेकिन स्मार्ट सिटी की असली तस्वीर सिर्फ चमकती सड़कों और बड़े-बड़े दावों से नहीं बनती। शहर की गलियों में नालियां साफ हैं या नहीं, कूड़ा समय पर उठ रहा है या नहीं और नागरिकों को बुनियादी सुविधाएं मिल रही हैं या नहीं—यही असल कसौटी है। इसी जमीनी हकीकत को परखने के लिए उत्तर प्रदेश के वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री और लखनऊ के प्रभारी मंत्री सुरेश कुमार खन्ना गुरुवार सुबह अचानक निरीक्षण पर निकल पड़े।

प्रभारी मंत्री ने नगर निगम के जोन-3 और जोन-4 के चार वार्डों का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने अयोध्या दास प्रथम, अयोध्या दास द्वितीय, फैजुल्लागंज द्वितीय और गोमती नगर वार्ड का दौरा कर सफाई व्यवस्था और नागरिक सुविधाओं की स्थिति को मौके पर जाकर देखा।

शुरुआती तौर पर सड़कों पर झाड़ू और सामान्य सफाई की स्थिति अपेक्षाकृत बेहतर मिली। लेकिन जैसे ही नालियों की तरफ नजर गई, तस्वीर उतनी संतोषजनक नहीं रही।

नालियों में गंदगी देख भड़के प्रभारी मंत्री

निरीक्षण के दौरान कई जगह नालियों में गंदगी जमा मिली और सफाई व्यवस्था में लापरवाही सामने आई। प्रभारी मंत्री ने खुद नालियों का निरीक्षण किया और मौके पर मौजूद अधिकारियों तथा सफाई व्यवस्था से जुड़े जिम्मेदार कर्मचारियों को कड़ी फटकार लगाई।

उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि केवल सड़क पर झाड़ू लगा देना स्वच्छता नहीं है। अगर सड़क साफ दिख रही है, लेकिन उसके किनारे की नालियां गंदगी से भरी हैं, तो शहर को पूरी तरह स्वच्छ नहीं कहा जा सकता।


उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि नालियों की नियमित और गुणवत्तापूर्ण सफाई सुनिश्चित की जाए और जहां लापरवाही सामने आए, वहां जिम्मेदारी तय कर कार्रवाई की जाए।

जोन-3 में सफाई कार्य कर रही कार्यदायी कंपनी ‘लायन एनवायरो’ के काम में भी लापरवाही पाए जाने पर प्रभारी मंत्री ने सख्त रुख अपनाया।

उन्होंने संबंधित अधिकारियों को कंपनी पर ₹5 लाख का जुर्माना लगाने के निर्देश दिए।

मंत्री ने कहा कि सफाई व्यवस्था से जुड़ी एजेंसियों के काम की नियमित निगरानी जरूरी है। सरकारी धन खर्च होने के बावजूद यदि उसका असर जमीन पर दिखाई नहीं देता, तो केवल भुगतान कर देने से जिम्मेदारी खत्म नहीं हो जाती।

संबंधित संस्था और जिम्मेदार कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए।

गोमती नगर में SFI और सुपरवाइजर पर भी कार्रवाई

जोन-4 के गोमती नगर वार्ड में भी नालियों की सफाई संतोषजनक नहीं मिली। यहां प्रभारी मंत्री ने संबंधित SFI और सुपरवाइजर का पांच-पांच दिन का वेतन काटने के निर्देश दिए।

हालांकि इसी वार्ड में सड़कों पर झाड़ू और सामान्य साफ-सफाई की स्थिति बेहतर मिलने पर मंत्री ने वार्ड मेंबरों की सक्रियता की सराहना की। उन्होंने कहा कि इस प्रयास को और आगे बढ़ाया जाए तथा अपने-अपने क्षेत्रों में सफाई व्यवस्था को लगातार बेहतर बनाने का प्रयास किया जाए।

“स्मार्ट सिटी है तो व्यवस्थाएं भी स्मार्ट दिखनी चाहिए”

प्रभारी मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने निरीक्षण के दौरान लखनऊ की पहचान और जिम्मेदारी को लेकर भी अधिकारियों को स्पष्ट संदेश दिया।

उन्होंने कहा कि यदि लखनऊ स्मार्ट सिटी है तो इसकी स्वच्छता, सड़कें, गलियां और नागरिक सुविधाएं भी स्मार्ट दिखाई देनी चाहिए।\