दिल्ली-NCR के लाखों यात्रियों के लिए बड़ी खुशखबरी है। दिल्ली बॉर्डर से नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट तक 35.1 किलोमीटर लंबा 8-लेन एलिवेटेड एक्सप्रेसवे बनाया जाएगा। यह मार्ग यमुना तटबंध के समानांतर बनेगा और डीएनडी फ्लाईवे को सीधे यमुना एक्सप्रेसवे से जोड़ेगा, जिससे एयरपोर्ट पहुंचना पहले से कहीं अधिक आसान और तेज हो जाएगा।
दिल्ली-NCR में तेजी से विकसित हो रहे बुनियादी ढांचे के बीच अब एक और महत्वाकांक्षी परियोजना आकार लेने जा रही है। दिल्ली बॉर्डर से नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट तक सीधी, तेज और जाम-मुक्त कनेक्टिविटी उपलब्ध कराने के लिए 35.1 किलोमीटर लंबा 8-लेन एलिवेटेड एक्सप्रेसवे बनाने की योजना को अंतिम रूप दिया जा रहा है। यह परियोजना न केवल नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट तक पहुंचने का समय कम करेगी, बल्कि पूरे दिल्ली-NCR के यातायात ढांचे को भी नई दिशा देगी।
प्रस्तावित एक्सप्रेसवे नोएडा के डीएनडी फ्लाईवे से शुरू होकर यमुना नदी के तटबंध के समानांतर आगे बढ़ेगा और गौतमबुद्ध यूनिवर्सिटी के निकट घरबरा गांव तक पहुंचेगा। इसके बाद यह यमुना एक्सप्रेसवे से जुड़ जाएगा, जिससे जेवर स्थित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट तक निर्बाध कनेक्टिविटी सुनिश्चित हो सकेगी।
सिंचाई विभाग की आपत्ति के बाद बदला पूरा खाका
दरअसल, शुरुआती योजना के तहत ओखला बैराज से घरबरा तक यमुना तटबंध पर ही सड़क बनाने का प्रस्ताव था। लेकिन उत्तर प्रदेश सिंचाई विभाग ने सुरक्षा और तकनीकी कारणों का हवाला देते हुए इस योजना को अनुमति देने से इनकार कर दिया।
सिंचाई विभाग की आपत्ति के बाद परियोजना का नया स्वरूप तैयार किया गया। अब सड़क तटबंध के ऊपर नहीं बल्कि उसके समानांतर एलिवेटेड संरचना के रूप में बनाई जाएगी। इससे नदी तंत्र और तटबंध की सुरक्षा भी बनी रहेगी तथा यातायात परियोजना भी आगे बढ़ सकेगी।
NHAI संभालेगा पूरी परियोजना
इस परियोजना की सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि अब इसका निर्माण और क्रियान्वयन भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) करेगा। हाल ही में नोएडा प्राधिकरण, ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण, यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YEIDA) और NHAI अधिकारियों के बीच हुई बैठक में इस संबंध में महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया।
शासन स्तर पर भी इस परियोजना की जिम्मेदारी NHAI को सौंप दी गई है। प्राधिकरण पहले ही इस रूट की फिजिबिलिटी रिपोर्ट तैयार करा चुका है और अब विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तथा अन्य तकनीकी प्रक्रियाओं पर तेजी से काम किया जाएगा।
कैसा होगा नया एक्सप्रेसवे?
प्रस्तावित परियोजना के तहत 35.1 किलोमीटर लंबा एलिवेटेड एक्सप्रेसवे विकसित किया जाएगा। इसमें 8 लेन का मुख्य कॉरिडोर होगा जबकि अतिरिक्त कनेक्टिविटी के लिए दो लेन मौजूदा सड़क नेटवर्क से जोड़ी जाएंगी।
इसका प्रारंभिक बिंदु डीएनडी फ्लाईवे के टोल प्लाजा के निकट होगा। इसके बाद यह चिल्ला रेगुलेटर, सेक्टर-94 क्षेत्र और मयूर विहार लिंक से गुजरते हुए यमुना किनारे आगे बढ़ेगा। अंतिम छोर गौतमबुद्ध यूनिवर्सिटी के पास घरबरा गांव होगा, जहां से यह यमुना एक्सप्रेसवे से जुड़ जाएगा।
चिल्ला और मयूर विहार बनेंगे कनेक्टिविटी के नए केंद्र
परियोजना के पूरा होने के बाद चिल्ला और मयूर विहार क्षेत्र दिल्ली-NCR के सबसे महत्वपूर्ण ट्रांसपोर्ट हब के रूप में उभर सकते हैं।
वर्तमान में NHAI की दो बड़ी परियोजनाएं—दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे और दिल्ली-सहारनपुर एक्सप्रेसवे—अक्षरधाम क्षेत्र से होकर गुजरती हैं। इन दोनों मार्गों की लिंक लाइन मयूर विहार के रास्ते चिल्ला एलिवेटेड रोड से जुड़ती है।
ऐसे में डीएनडी फ्लाईवे एक बड़े जंक्शन का रूप ले लेगा, जहां से तीन प्रमुख एक्सप्रेसवे आपस में जुड़े होंगे—
- दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे
- दिल्ली-सहारनपुर एक्सप्रेसवे
- प्रस्तावित यमुना किनारे एलिवेटेड एक्सप्रेसवे
यही कारण है कि NHAI ने इस परियोजना को अपने नियंत्रण में लेकर इसे राष्ट्रीय स्तर की कनेक्टिविटी योजना के रूप में विकसित करने का निर्णय लिया है।
किन लोगों को मिलेगा सबसे बड़ा फायदा?
इस एक्सप्रेसवे का सबसे बड़ा लाभ नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का उपयोग करने वाले यात्रियों को मिलेगा।
नोएडा और ग्रेटर नोएडा के लाखों निवासियों को एयरपोर्ट पहुंचने के लिए शहर के भीड़भाड़ वाले मार्गों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।
इसके अलावा फरीदाबाद, बदरपुर, दक्षिण दिल्ली और पूर्वी दिल्ली के लोग बिना नोएडा शहर के भीतर प्रवेश किए सीधे एयरपोर्ट तक पहुंच सकेंगे। इससे यात्रा का समय काफी कम होगा और ईंधन की भी बचत होगी।
यमुना एक्सप्रेसवे का उपयोग करने वाले आगरा, मथुरा, अलीगढ़, कानपुर, लखनऊ, झांसी और ग्वालियर जाने वाले वाहन चालकों को भी राहत मिलेगी। उन्हें नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे पर लगने वाले जाम का सामना नहीं करना पड़ेगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि एलिवेटेड कॉरिडोर पर वाहन बिना किसी बड़े अवरोध के सीधे यमुना एक्सप्रेसवे तक पहुंच सकेंगे, जिससे पूरे क्षेत्र की यातायात व्यवस्था अधिक व्यवस्थित और सुरक्षित होगी।
एयरपोर्ट कनेक्टिविटी को मिलेगा नया आयाम
जेवर में विकसित हो रहा नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट देश की सबसे महत्वपूर्ण विमानन परियोजनाओं में शामिल है। एयरपोर्ट शुरू होने के बाद प्रतिदिन लाखों यात्रियों और भारी मात्रा में माल ढुलाई की संभावना है।
ऐसे में मजबूत सड़क संपर्क बेहद आवश्यक माना जा रहा है। प्रस्तावित 8-लेन एलिवेटेड एक्सप्रेसवे इस आवश्यकता को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
परियोजना के पूरा होने के बाद दिल्ली, नोएडा, ग्रेटर नोएडा, फरीदाबाद और आसपास के शहरों से एयरपोर्ट तक पहुंचना न केवल तेज होगा बल्कि यात्रा अधिक सुविधाजनक भी बन जाएगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह एक्सप्रेसवे भविष्य में दिल्ली-NCR के परिवहन नेटवर्क का एक महत्वपूर्ण हिस्सा साबित होगा और नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट की सफलता में भी अहम योगदान देगा।
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