गौतमबुद्ध नगर पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। थाना सेक्टर-58 पुलिस ने पांच वर्षों से फरार चल रहे आरोपी मुदासिर जहूर को मुंबई एयरपोर्ट से गिरफ्तार कर लिया। आरोपी पर रंगदारी मांगने, मोबाइल हैकिंग, जान से मारने की धमकी, आपत्तिजनक तस्वीरें वायरल करने और धोखाधड़ी के गंभीर आरोप हैं। वह लंबे समय से सऊदी अरब में छिपकर रह रहा था और उसके खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी किया गया था।
गौतमबुद्ध नगर कमिश्नरेट पुलिस ने एक ऐसे आरोपी को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है, जो पिछले पांच वर्षों से कानून की आंखों में धूल झोंककर फरार चल रहा था। थाना सेक्टर-58 नोएडा पुलिस ने मुंबई एयरपोर्ट पर इमिग्रेशन अधिकारियों की मदद से जम्मू-कश्मीर निवासी मुदासिर जहूर को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी, आपराधिक षड्यंत्र, रंगदारी, धमकी, मोबाइल हैकिंग और आईटी एक्ट से जुड़े गंभीर मुकदमे दर्ज हैं।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार गिरफ्तार आरोपी मुदासिर जहूर पुत्र जहूर अहमद, निवासी अरम मस्जिद खानयार, जम्मू-कश्मीर, उम्र लगभग 38 वर्ष है। वह पिछले कई वर्षों से भारत छोड़कर सऊदी अरब में रह रहा था और लगातार गिरफ्तारी से बचता फिर रहा था।
क्या है पूरा मामला?
पुलिस के अनुसार यह मामला वर्ष 2021 में प्रकाश में आया था, जब एक महिला वादिया ने थाना फेस-3, गौतमबुद्ध नगर में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि उसने पहले आरोपियों के खिलाफ थाना नौहझील, जिला मथुरा में मुकदमा दर्ज कराया था। इसी मुकदमे को वापस लेने के लिए आरोपी मुदासिर जहूर और उसके सहयोगियों ने उस पर लगातार दबाव बनाया।
महिला का आरोप था कि मुदासिर जहूर ने उसे जान से मारने की धमकी दी, उसका मोबाइल फोन हैक कराया और लगभग 40 लाख रुपये की मांग की। इतना ही नहीं, आरोपी ने कथित रूप से महिला की आपत्तिजनक तस्वीरों को सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी भी दी थी।
पीड़िता की शिकायत के आधार पर थाना फेस-3 में मुकदमा संख्या 1054/2021 दर्ज किया गया, जिसमें भारतीय दंड संहिता की विभिन्न गंभीर धाराओं के साथ आईटी एक्ट की धारा 67C भी जोड़ी गई।
जांच के दौरान सामने आए चौंकाने वाले तथ्य
मामले की विवेचना बाद में थाना सेक्टर-58 पुलिस को सौंपी गई। जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि आरोपी लगातार अपना ठिकाना बदल रहा है और भारत छोड़कर विदेश में रह रहा है।
जांच अधिकारियों ने आरोपी के खिलाफ अदालत से गैर-जमानती वारंट (NBW) जारी कराया। इसके अलावा दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 82 के तहत उद्घोषणा की कार्रवाई भी की गई। इसके बावजूद आरोपी पुलिस की पकड़ से बाहर रहा।
जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ी, पुलिस को जानकारी मिली कि मुदासिर जहूर सऊदी अरब के जेद्दा शहर में रह रहा है। इसके बाद उसकी गिरफ्तारी सुनिश्चित करने के लिए लुकआउट नोटिस जारी कराया गया।
मुंबई एयरपोर्ट पर बिछाया गया जाल
पुलिस के अनुसार 18 जून 2026 को सूचना प्राप्त हुई कि आरोपी जेद्दा से मुंबई आने वाली फ्लाइट में भारत लौट रहा है। इस सूचना के आधार पर मुंबई एयरपोर्ट पर इमिग्रेशन विभाग को सतर्क किया गया।
जैसे ही आरोपी मुंबई एयरपोर्ट पर उतरा, इमिग्रेशन अधिकारियों ने उसे पहचान लिया और तुरंत डिटेन कर लिया। इसके बाद नोएडा पुलिस की टीम मुंबई पहुंची और विधिक प्रक्रिया पूरी करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपी की गिरफ्तारी से मामले की जांच को नई दिशा मिलेगी और उसके नेटवर्क से जुड़े अन्य तथ्यों का भी खुलासा हो सकता है।
पांच साल तक क्यों नहीं पकड़ा गया आरोपी?
पुलिस सूत्रों के अनुसार आरोपी लंबे समय से भारत से बाहर रह रहा था। वह सऊदी अरब में अपनी पहचान छिपाकर रह रहा था, जिसके कारण उसकी गिरफ्तारी में कठिनाई आ रही थी।
हालांकि लुकआउट नोटिस जारी होने के बाद जैसे ही उसने भारत में प्रवेश करने का प्रयास किया, वह सुरक्षा एजेंसियों की निगरानी में आ गया और कानून के शिकंजे से बच नहीं सका।
किन धाराओं में दर्ज है मुकदमा?
गिरफ्तार आरोपी के खिलाफ थाना फेस-3, गौतमबुद्ध नगर में दर्ज मुकदमे में निम्न धाराएं शामिल हैं—
- धारा 354 (महिला की मर्यादा भंग करने का प्रयास)
- धारा 323 (मारपीट)
- धारा 504 (जानबूझकर अपमान)
- धारा 506 (आपराधिक धमकी)
- धारा 384 (जबरन वसूली)
- धारा 386 (मृत्यु या गंभीर चोट की धमकी देकर उगाही)
- धारा 34 (सामूहिक अपराध)
- धारा 120B (आपराधिक षड्यंत्र)
- आईटी एक्ट की धारा 67C
इसके अलावा आरोपी का नाम मथुरा में दर्ज धोखाधड़ी और जालसाजी से जुड़े मुकदमे में भी सामने आया था, जिसमें आईपीसी की धाराएं 406, 420, 467, 468 और 120B शामिल थीं।
पुलिस की बड़ी सफलता
कमिश्नरेट गौतमबुद्ध नगर पुलिस के लिए यह गिरफ्तारी महत्वपूर्ण मानी जा रही है, क्योंकि आरोपी लंबे समय से वांछित था और उसके खिलाफ न्यायालयीय कार्रवाई भी लंबित थी।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपी से पूछताछ की जा रही है और उसके संपर्कों, वित्तीय लेन-देन तथा अन्य संभावित आपराधिक गतिविधियों की भी जांच की जाएगी।
आगे क्या?
फिलहाल पुलिस आरोपी को न्यायालय में पेश कर आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने में जुटी हैं कि आरोपी के साथ इस पूरे नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल थे।
मुंबई एयरपोर्ट पर हुई यह गिरफ्तारी एक बार फिर साबित करती है कि तकनीक, अंतरराज्यीय समन्वय और अंतरराष्ट्रीय निगरानी तंत्र की मदद से लंबे समय से फरार अपराधियों तक भी कानून का हाथ पहुंच सकता है।
पांच वर्षों तक फरार रहने के बाद आखिरकार मुदासिर जहूर कानून के शिकंजे में आ चुका है और अब उसकी मुश्किलें बढ़ना तय माना जा रहा है।
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