नोएडा सेक्टर-58 पुलिस ने एक बड़े अंतर्राज्यीय वाहन चोरी गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए दो शातिर चोरों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे और निशानदेही पर चोरी की तीन लग्जरी कारें, एक अवैध तमंचा और कारतूस बरामद हुए हैं। पूछताछ में खुलासा हुआ है कि गिरोह अब तक करीब 60 लग्जरी वाहन पूर्वोत्तर राज्यों में बेच चुका है।
गौतमबुद्ध नगर की थाना सेक्टर-58 पुलिस ने एक ऐसे अंतर्राज्यीय वाहन चोरी गिरोह का पर्दाफाश किया है, जो दिल्ली-एनसीआर से लग्जरी वाहन चोरी कर उन्हें पूर्वोत्तर राज्यों में बेच देता था। पुलिस ने इस मामले में दो शातिर वाहन चोरों को गिरफ्तार किया है और उनके कब्जे तथा निशानदेही पर चोरी की तीन लग्जरी कारें बरामद की हैं। इनमें एक महिंद्रा थार, एक हुंडई क्रेटा और एक फोर्ड इकोस्पोर्ट शामिल है। साथ ही एक आरोपी के पास से अवैध तमंचा और जिंदा कारतूस भी बरामद किया गया है।
पुलिस के अनुसार, 19 जून 2026 को थाना सेक्टर-58 पुलिस ने मैनुअल इंटेलिजेंस और इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस की मदद से सेक्टर-54 स्थित खरगोश पार्क के पास कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान नीरज शर्मा और अजय सरकार के रूप में हुई है।
24 घंटे में थार चोरी का खुलासा
पुलिस जांच में सामने आया कि हाल ही में सेक्टर-59 स्थित कॉन्सेप्ट महिंद्रा शोरूम के बाहर से एक महिंद्रा थार चोरी हुई थी। इस मामले में थाना सेक्टर-58 में मुकदमा संख्या 194/2026 धारा 303(2) बीएनएस के तहत मामला दर्ज किया गया था।
पुलिस ने महज 24 घंटे के भीतर इस चोरी का सफल अनावरण कर दिया। पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि उन्होंने शोरूम के गार्ड रूम के आसपास रेकी कर वहां से वाहन की चाबी चोरी की और फिर थार लेकर फरार हो गए।

सर्विस सेंटर और शोरूम बनते थे निशाना
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे वाहन चोरी की घटनाओं को अंजाम देने के लिए पहले सर्विस सेंटर और शोरूम के आसपास कई दिनों तक रेकी करते थे। इसके बाद मौका मिलने पर गार्ड रूम या कार्यालय से वाहन की चाबियां चुरा लेते थे और आसानी से लग्जरी गाड़ियों को लेकर फरार हो जाते थे।
गिरोह का काम बेहद संगठित तरीके से चलता था। वाहन चोरी के बाद आरोपी गाड़ियों के इंजन नंबर और चेसिस नंबर से छेड़छाड़ (टैम्परिंग) करते थे ताकि वाहन की पहचान न हो सके।
असम बॉर्डर के जरिए मिजोरम और त्रिपुरा में होती थी बिक्री
पुलिस जांच में एक बड़ा खुलासा यह भी हुआ कि चोरी की गाड़ियों को असम बॉर्डर के कुछ डीलरों के माध्यम से मिजोरम और त्रिपुरा जैसे राज्यों में बेचा जाता था।
आरोपियों ने पूछताछ में स्वीकार किया कि वे अब तक करीब 60 चोरी की गाड़ियां पूर्वोत्तर राज्यों के बाजार में बेच चुके हैं। पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है और उन डीलरों की तलाश कर रही है जो इस अवैध कारोबार में शामिल हो सकते हैं।
तीन चोरी की कारें बरामद
पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर निम्न वाहन बरामद किए हैं—
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महिंद्रा थार (UP16CV-1000) – नोएडा से चोरी
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फोर्ड इकोस्पोर्ट (DL12CG-3088) – दिल्ली से चोरी
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हुंडई क्रेटा (बिना नंबर प्लेट) – दिल्ली से चोरी
पुलिस के अनुसार बरामद क्रेटा कार वर्ष 2023 में दिल्ली से चोरी हुई थी, जिसके संबंध में ई-पुलिस स्टेशन एमवी थेफ्ट दिल्ली में एफआईआर संख्या 0906/2023 दर्ज है।
गिरफ्तार आरोपी नीरज शर्मा के कब्जे से एक अवैध .315 बोर का तमंचा और एक जिंदा कारतूस बरामद हुआ है। इसके बाद आरोपी के खिलाफ आर्म्स एक्ट के तहत भी कार्रवाई की गई है।

1. नीरज शर्मा
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निवासी: शक्तिफार्म टैगोर नगर, सितारगंज, उधम सिंह नगर (उत्तराखंड)
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वर्तमान पता: सेक्टर-19, नोएडा
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उम्र: 49 वर्ष
2. अजय सरकार
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निवासी: बालाकुटी गांव, कोच बिहार (पश्चिम बंगाल)
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उम्र: 34 वर्ष
लंबा आपराधिक इतिहास
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार नीरज शर्मा वाहन चोरी की दुनिया का पुराना और शातिर अपराधी है। उसके खिलाफ दिल्ली और एनसीआर के विभिन्न थानों में चोरी, वाहन चोरी, अवैध हथियार और चोरी के माल की खरीद-फरोख्त जैसे मामलों में 18 से अधिक मुकदमे दर्ज हैं।
वहीं अजय सरकार के खिलाफ भी वाहन चोरी और चोरी के माल के अवैध कारोबार से जुड़े कई मुकदमे दर्ज पाए गए हैं।
अन्य राज्यों से जुड़ सकते हैं तार
पुलिस अधिकारियों का मानना है कि यह मामला केवल नोएडा या दिल्ली तक सीमित नहीं है। प्रारंभिक जांच से संकेत मिले हैं कि गिरोह का नेटवर्क कई राज्यों में फैला हुआ है। पूर्वोत्तर राज्यों तक चोरी की गाड़ियों की सप्लाई होने के कारण इस मामले में और भी बड़े खुलासे होने की संभावना है।
फिलहाल पुलिस आरोपियों से गहन पूछताछ कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि वाहन चोरी के इस अंतर्राज्यीय नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं।
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