नोएडा के सेक्टर-113 थाना पुलिस ने ऑनलाइन बेटिंग ऐप के जरिए लोगों से ठगी करने वाले एक संगठित गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने सेक्टर-122 स्थित एक फ्लैट से तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर 15 सिम कार्ड, 4 लैपटॉप, 14 मोबाइल फोन, 35 एटीएम कार्ड, चेकबुक, पासबुक और अन्य डिजिटल उपकरण बरामद किए हैं। आरोपी सोशल मीडिया पर विज्ञापन देकर लोगों को रुपये दोगुना करने का झांसा देकर ठगी करते थे।
गौतमबुद्धनगर कमिश्नरेट पुलिस ने साइबर अपराध के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए ऑनलाइन बेटिंग ऐप के माध्यम से लोगों से धोखाधड़ी करने वाले एक संगठित गिरोह का पर्दाफाश किया है। थाना सेक्टर-113 पुलिस ने लोकल इंटेलिजेंस और इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस की मदद से सेक्टर-122 स्थित एक फ्लैट पर छापेमारी कर तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से बड़ी मात्रा में डिजिटल उपकरण, बैंकिंग दस्तावेज और सिम कार्ड बरामद किए हैं, जिनका इस्तेमाल कथित तौर पर साइबर ठगी और ऑनलाइन बेटिंग नेटवर्क संचालित करने में किया जा रहा था।
पुलिस के अनुसार, यह कार्रवाई 18 जून 2026 को की गई। जांच के दौरान पता चला कि आरोपी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से लोगों को ऑनलाइन बेटिंग वेबसाइट और मोबाइल एप्लिकेशन का प्रचार कर निवेश पर अधिक लाभ और रुपये दोगुना होने का लालच देते थे। इसी बहाने लोगों से धनराशि जमा कराकर उन्हें ठगी का शिकार बनाया जाता था।
फ्लैट नंबर डी-44 से संचालित हो रहा था नेटवर्क
थाना सेक्टर-113 पुलिस को सूचना मिली थी कि सेक्टर-122 स्थित फ्लैट नंबर डी-44 में कुछ युवक ऑनलाइन माध्यम से संदिग्ध गतिविधियां संचालित कर रहे हैं। सूचना को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस और खुफिया तंत्र की मदद से निगरानी शुरू की।
जांच में मिले इनपुट के आधार पर पुलिस टीम ने फ्लैट पर छापेमारी की, जहां से तीन युवकों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस का दावा है कि ये सभी आरोपी संगठित तरीके से ऑनलाइन बेटिंग और साइबर फ्रॉड का नेटवर्क चला रहे थे।
सोशल मीडिया पर विज्ञापन देकर फंसाते थे लोग
प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया है कि आरोपी विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर आकर्षक विज्ञापन और प्रचार सामग्री प्रसारित करते थे। इसके बाद लोगों को ऑनलाइन बेटिंग वेबसाइट और एप से जोड़कर कम समय में रकम दोगुनी होने का झांसा दिया जाता था।
पुलिस के अनुसार, आरोपी विशेष रूप से वेबसाइट reddybook.pink और उससे जुड़े प्लेटफॉर्म के माध्यम से लोगों को ऑनलाइन बेटिंग में निवेश करने के लिए प्रेरित करते थे। जब लोग रकम जमा कर देते थे, तो उन्हें भारी मुनाफे का लालच देकर लगातार अधिक धन लगाने के लिए कहा जाता था। कई मामलों में लोगों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान
पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान इस प्रकार हुई है—
1. प्रमांशु कुमार (20 वर्ष)
पुत्र- नरेंद्र पाल सिंह
निवासी- ग्राम अंगूठी, थाना जगदीशपुरा, जिला आगरा
वर्तमान पता- डी-44, सेक्टर-122, नोएडा
शिक्षा- पॉलिटेक्निक
2. प्रदीप सिंह (25 वर्ष)
पुत्र- जितेंद्र सिंह
निवासी- ग्राम रामनगर, थाना नारखी, जिला फिरोजाबाद
वर्तमान पता- डी-44, सेक्टर-122, नोएडा
शिक्षा- बीटेक
3. कुलदीप सिंह (26 वर्ष)
पुत्र- राजेश पाल सिंह
निवासी- ग्राम चलावली, थाना सगरोली, जिला एटा
वर्तमान पता- डी-44, सेक्टर-122, नोएडा
शिक्षा- इंटरमीडिएट
दिलचस्प बात यह है कि गिरफ्तार आरोपियों में दो युवक तकनीकी शिक्षा प्राप्त कर चुके हैं, जिससे पुलिस को आशंका है कि गिरोह तकनीकी ज्ञान का उपयोग कर साइबर ठगी के नेटवर्क को संचालित कर रहा था।
भारी मात्रा में डिजिटल और बैंकिंग सामग्री बरामद
छापेमारी के दौरान पुलिस को बड़ी मात्रा में ऐसे उपकरण और दस्तावेज मिले हैं जो साइबर अपराध में उपयोग किए जाने की आशंका जताई जा रही है।
बरामद सामग्री में शामिल हैं—
- 15 सिम कार्ड
- 04 लैपटॉप
- 14 मोबाइल फोन
- 35 एटीएम कार्ड
- 03 पैन कार्ड
- 03 आधार कार्ड
- 04 मेट्रो कार्ड
- 09 चेक बुक
- 04 पासबुक
- 01 वाई-फाई राउटर
- 01 लेनोवा कंपनी का टैबलेट
पुलिस अब यह जांच कर रही है कि बरामद एटीएम कार्ड, बैंक खाते, मोबाइल नंबर और दस्तावेज किन-किन व्यक्तियों के नाम पर हैं और उनका उपयोग किन वित्तीय लेन-देन में किया गया।
कई राज्यों तक फैले नेटवर्क की आशंका
प्राथमिक जांच में यह भी संकेत मिले हैं कि गिरोह का नेटवर्क केवल नोएडा तक सीमित नहीं हो सकता। बरामद सिम कार्ड, बैंकिंग दस्तावेज और डिजिटल उपकरणों की संख्या को देखते हुए पुलिस को आशंका है कि यह नेटवर्क कई राज्यों तक फैला हो सकता है।
साइबर विशेषज्ञों की मदद से आरोपियों के लैपटॉप, मोबाइल फोन और टैबलेट का फोरेंसिक विश्लेषण कराया जा रहा है। इससे ठगी के शिकार लोगों की संख्या, लेन-देन का विवरण और नेटवर्क के अन्य सदस्यों की जानकारी मिलने की उम्मीद है।
साइबर अपराध के प्रति सतर्क रहने की अपील
पुलिस अधिकारियों ने नागरिकों से अपील की है कि सोशल मीडिया पर प्रसारित होने वाले ऐसे किसी भी विज्ञापन या निवेश योजना पर आंख बंद करके भरोसा न करें, जिसमें कम समय में रकम दोगुनी या कई गुना बढ़ाने का दावा किया जाता हो।
विशेषज्ञों का कहना है कि ऑनलाइन बेटिंग, फर्जी निवेश योजनाएं और त्वरित लाभ का लालच देने वाले प्लेटफॉर्म अक्सर साइबर ठगी के माध्यम बन जाते हैं। ऐसे मामलों में किसी भी प्रकार का निवेश करने से पहले प्लेटफॉर्म की वैधता और प्रामाणिकता की जांच अवश्य करनी चाहिए।
दर्ज किया गया मुकदमा
इस मामले में थाना सेक्टर-113 में मु0अ0सं0 237/2026 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। आरोपियों के खिलाफ धारा 111 एवं 318(4) भारतीय न्याय संहिता (BNS) तथा आईटी एक्ट की धारा 66D के अंतर्गत कार्रवाई की जा रही है।
पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और जल्द ही इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भी पहचान कर कार्रवाई की जाएगी। नोएडा पुलिस की इस कार्रवाई को साइबर अपराध के खिलाफ एक महत्वपूर्ण सफलता माना जा रहा है।
COMMENTS