उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग कौशांबी की ऐतिहासिक पहचान को वैश्विक मानचित्र पर स्थापित करने के लिए 22.93 करोड़ की लागत से बुद्ध थीम पार्क विकसित कर रहा है, जो देश-विदेश के पर्यटकों के लिए आकर्षण बनेगा।
कौशांबी की ऐतिहासिक और आध्यात्मिक पहचान को नई ऊंचाइयों तक ले जाने के उद्देश्य से उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग एक महत्वाकांक्षी परियोजना को धरातल पर उतार रहा है। कोसम इनाम गांव में निर्माणाधीन बुद्ध थीम पार्क को तीव्र गति से विकसित किया जा रहा है, जहां भगवान बुद्ध के करुणा, शांति और जीवन दर्शन को कलात्मक मूर्तियों एवं सांस्कृतिक संरचनाओं के माध्यम से प्रस्तुत किया जाएगा।
यह थीम पार्क लगभग 11 हेक्टेयर क्षेत्रफल में 22.93 करोड़ रुपये की लागत से विकसित किया जा रहा है, जिसे मौजूदा वर्ष के अंत तक पूर्ण करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। यह जानकारी उत्तर प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने दी।

मंत्री ने बताया कि यह परियोजना देश-विदेश से आने वाले बौद्ध अनुयायियों और पर्यटकों के लिए एक विशिष्ट आध्यात्मिक पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित की जा रही है। इससे कौशांबी को वैश्विक बौद्ध पर्यटन सर्किट में सशक्त स्थान मिलेगा, साथ ही स्थानीय रोजगार, पर्यटन और अर्थव्यवस्था को भी बड़ा प्रोत्साहन मिलेगा।
कौशांबी का बुद्ध थीम पार्क तेलंगाना के नागार्जुन सागर स्थित बुद्धवनम की तर्ज पर विकसित किया जा रहा है। इसमें धर्मचक्र मुद्रा, अभय मुद्रा और भूमिस्पर्श मुद्रा जैसी विभिन्न मुद्राओं पर आधारित ध्यान केंद्र प्रस्तावित है। परियोजना का प्रमुख आकर्षण बुद्धचरित वनम होगा, जहां भगवान बुद्ध के जन्म से लेकर महापरिनिर्वाण तक की जीवन यात्रा को मूर्तियों के माध्यम से दर्शाया जाएगा।

इसके अतिरिक्त, जातक म्यूरल गैलरी, ध्यान वनम और स्तूप गैलरी जैसे विशेष जोन विकसित किए जा रहे हैं। स्तूप गैलरी में श्रीलंका, थाईलैंड, दक्षिण कोरिया, म्यांमार, नेपाल, तिब्बत, अफगानिस्तान और पाकिस्तान सहित कुल 13 देशों के प्रतिष्ठित स्तूपों की प्रतिकृतियां, साथ ही महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के प्रमुख बौद्ध स्थलों का समावेश होगा।
प्रमुख सचिव पर्यटन एवं संस्कृति अमृत अभिजात ने कहा कि यह परियोजना विरासत संरक्षण और आधुनिक पर्यटन अधोसंरचना का सशक्त उदाहरण है, जो कौशांबी को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाएगी।
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