लखनऊ में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किसानों को 460 करोड़ रुपये की विभिन्न सहायता राशि वितरित की। आपदा मित्रों को तीन वर्ष का 5 लाख रुपये का बीमा कवर और प्रदेश के पांच शहरों में डॉप्लर वेदर राडार स्थापना की घोषणा की गई।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को किसानों और आपदा प्रभावित परिवारों के लिए बड़ी आर्थिक राहत की घोषणा करते हुए 460 करोड़ रुपये सीधे लाभार्थियों के खातों में ट्रांसफर किए। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (खरीफ-2025) के तहत 2.51 लाख किसानों को 285 करोड़ रुपये की क्षतिपूर्ति राशि वितरित की गई, जबकि मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना के अंतर्गत 3500 परिवारों को 175 करोड़ रुपये की सहायता दी गई।
सीएम योगी ने कहा कि बजट पारित होने के बाद योजनाओं का लाभ सीधे लाभार्थियों तक पहुंच रहा है और बिचौलियों की भूमिका पूरी तरह समाप्त हो चुकी है। उन्होंने जिलाधिकारियों को निर्देश दिए कि हर हाल में यह राशि अगले दिन तक सभी किसानों और आश्रित परिवारों के खातों में पहुंच जाए।

दुर्घटना में मृत किसानों के परिवारों को 5 लाख की सहायता
मुख्यमंत्री ने बताया कि पूर्व में दुर्घटना योजना का दायरा सीमित था, लेकिन अब किसान, उसके परिवार के सदस्य, सह किसान और बटाईदार भी इसमें शामिल हैं। सरकार अब दुर्घटना में मृत्यु होने पर पांच लाख रुपये की सहायता दे रही है। इससे पहले 16 जून 2025 को 11,690 किसानों और आश्रितों को 561.86 करोड़ रुपये वितरित किए जा चुके हैं।
आपदा मित्रों को तीन साल का 5 लाख बीमा कवर
आपदा प्रबंधन को मजबूत करने के लिए राज्य सरकार ने 25 जनपदों में 29,772 युवा स्वयंसेवकों (एनसीसी, एनएसएस, एनवाईकेएस, भारत स्काउट एंड गाइड) को प्रशिक्षित किया है। अभी तक 2959 युवा स्वयंसेवक प्रशिक्षित हो चुके हैं। प्रत्येक को इमरजेंसी रिस्पॉन्डर किट प्रदान की गई है, जिसमें 15 आवश्यक उपकरण शामिल हैं।
10 फरवरी को नेशनल इंश्योरेंस कंपनी के साथ एमओयू के तहत आपदा मित्रों को तीन वर्ष के लिए 5 लाख रुपये का जीवन एवं चिकित्सा बीमा कवर प्रदान किया गया है। मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि प्रदेश में 45 हजार होमगार्ड की भर्ती में आपदा मित्रों को प्राथमिकता दी जाएगी।

24 घंटे में सहायता पहुंचाने का लक्ष्य
सीएम योगी ने कहा कि पहले आपदा के बाद पीड़ितों को वर्षों तक मुआवजा नहीं मिलता था, लेकिन अब सरकार का लक्ष्य है कि बाढ़, आकाशीय बिजली या आगजनी जैसी घटनाओं के 24 घंटे के भीतर सहायता राशि खातों में पहुंच जाए। वर्ष 2025-26 में राज्य आपदा मोचक निधि में 876 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। फसल क्षति से प्रभावित 5,14,322 किसानों को 260 करोड़, 5398 जनहानि पीड़ितों को 216 करोड़ और 27,448 मकान क्षति प्रभावितों को 24 करोड़ रुपये वितरित किए जा चुके हैं।
पांच शहरों में डॉप्लर वेदर राडार की स्थापना
मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि लखनऊ, वाराणसी, गोरखपुर, झांसी और आजमगढ़ में डॉप्लर वेदर राडार स्थापित किए जाएंगे। प्रदेश में 450 ऑटोमेटिक वेदर स्टेशन और 2000 ऑटोमेटिक रेन गेज की स्थापना की प्रक्रिया लगभग पूरी हो चुकी है।

कार्यक्रम में कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही, राज्यमंत्री बलदेव सिंह औलख, उप्र आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के उपाध्यक्ष लेफ्टिनेंट जनरल योगेंद्र डिमरी, प्रमुख सचिव (कृषि) रवींद्र कुमार और प्रमुख सचिव (राजस्व) अपर्णा यू सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
मजबूत समापन पंक्ति:
सरकार का दावा है कि राहत अब फाइलों में नहीं, सीधे खातों में पहुंचेगी—और बदलते मौसम की चुनौती के बीच किसान का संबल बनेगी।
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