उत्तर प्रदेश के जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने जल जीवन मिशन और राज्य ग्रामीण पेयजल कार्यक्रम की समीक्षा करते हुए गर्मियों से पहले जल संकट रोकने के लिए अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए। सड़क रिस्टोरेशन, जनप्रतिनिधियों से संवाद और योजनाओं की निगरानी पर विशेष जोर।
गर्मियों के आगमन से पहले ही उत्तर प्रदेश सरकार अलर्ट मोड में आ गई है। ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल संकट की किसी भी आशंका को खत्म करने के उद्देश्य से सोमवार को Swatantra Dev Singh ने जल निगम (ग्रामीण) मुख्यालय में उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। बैठक में जल जीवन मिशन और राज्य ग्रामीण पेयजल कार्यक्रम के अंतर्गत संचालित परियोजनाओं की प्रगति की विस्तार से समीक्षा की गई।
मंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए कि गर्मियों के दौरान प्रदेश के किसी भी गांव में जलसंकट की स्थिति उत्पन्न नहीं होनी चाहिए। इसके लिए अधिकारियों को अभी से आवश्यक तैयारियां सुनिश्चित करने को कहा गया। उन्होंने निर्देश दिया कि प्रत्येक इंजीनियर प्रतिदिन कम से कम 10 ग्राम प्रधानों से संपर्क कर पेयजल योजनाओं की जमीनी स्थिति की जानकारी लें। यदि कहीं कोई समस्या सामने आती है तो उसका त्वरित समाधान कराया जाए, ताकि ग्रामीणों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।

बैठक में मंत्री ने सड़क रिस्टोरेशन के कार्यों में तेजी लाने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जहां-जहां पाइपलाइन बिछाने के लिए सड़कें खोदी गई हैं, वहां मार्च के अंत तक हर हाल में रिस्टोरेशन कार्य पूर्ण कर लिया जाए। साथ ही वरिष्ठ अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि वे स्वयं मौके पर जाकर निरीक्षण करें। यदि कार्यों में किसी प्रकार की लापरवाही या गुणवत्ता की कमी पाई जाती है तो संबंधित कार्यदायी संस्थाओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
समीक्षा बैठक में अपर मुख्य सचिव, नमामि गंगे एवं ग्रामीण जलापूर्ति विभाग, अनुराग श्रीवास्तव भी उपस्थित रहे। मंत्री ने अधिकारियों से कहा कि योजनाओं की प्रगति की जानकारी जनप्रतिनिधियों को नियमित रूप से दी जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि संवाद में किसी प्रकार का संकोच नहीं होना चाहिए। मीडिया को भी योजनाओं की प्रगति से अवगत कराया जाए और जनता के साथ सतत संवाद बनाए रखा जाए।

Jal Jeevan Mission के अंतर्गत हो रहे कार्यों पर संतोष व्यक्त करते हुए मंत्री ने अधिकारियों और कर्मचारियों की सराहना की। उन्होंने कहा कि उनकी मेहनत का परिणाम है कि आज बुंदेलखंड और विन्ध्य क्षेत्र के गांवों में पेयजल आपूर्ति की समस्या लगभग समाप्त हो चुकी है।
मंत्री ने अधिकारियों और कर्मचारियों को आगे भी इसी समर्पण और जिम्मेदारी के साथ कार्य करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने दोहराया कि सरकार की प्राथमिकता ग्रामीण क्षेत्रों तक स्वच्छ और पर्याप्त पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करना है, ताकि गर्मियों में किसी भी नागरिक को परेशानी का सामना न करना पड़े।
COMMENTS