लखनऊ के खादी भवन, डालीबाग परिसर में 20 से 26 फरवरी तक 7 दिवसीय लघु खादी एवं ग्रामोद्योग प्रदर्शनी का आयोजन। मंत्री राकेश सचान ने उद्घाटन कर खादी को जन-जन तक पहुंचाने की प्रतिबद्धता दोहराई। 40 से अधिक स्टॉलों पर हर्बल गुलाल से लेकर सिल्क साड़ियों तक आकर्षक उत्पाद उपलब्ध।
होली के पावन अवसर पर राजधानी लखनऊ में खादी का रंग बिखरने लगा है। खादी तथा ग्रामोद्योग बोर्ड, लखनऊ द्वारा 20 से 26 फरवरी 2026 तक खादी भवन, डालीबाग परिसर में 7 दिवसीय लघु खादी एवं ग्रामोद्योग प्रदर्शनी का आयोजन किया जा रहा है।
प्रदर्शनी का उद्घाटन विभागीय मंत्री Rakesh Sachan ने फीता काटकर किया। उद्घाटन के बाद उन्होंने राष्ट्रपिता Mahatma Gandhi की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया और विभिन्न स्टॉलों का अवलोकन किया। कार्यक्रम की शुरुआत गणेश वंदना से हुई तथा अतिथियों का स्वागत पुष्पगुच्छ और स्मृति चिह्न भेंट कर किया गया।

40 से अधिक स्टॉल, विविध उत्पादों की बहार
इस प्रदर्शनी में 40 से अधिक स्टॉल लगाए गए हैं, जिनमें प्रदेश के विभिन्न जनपदों और स्थानीय इकाइयों के उद्यमी अपने उत्पादों का प्रदर्शन कर रहे हैं। यहां हर्बल गुलाल, पापड़, नमकीन, शहद, आंवला उत्पाद, चादर, गमछे, तौलिये, कुर्ता-पायजामा, रेशमी एवं सिल्क साड़ियां और हस्तशिल्प आधारित वस्त्र आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं।
“खादी को जन-जन तक पहुंचाना लक्ष्य”
अपने संबोधन में मंत्री राकेश सचान ने कहा कि खादी एवं ग्रामोद्योग उत्पादों को जन-जन तक पहुंचाने और उनकी गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए सरकार लगातार प्रयासरत है। उन्होंने बताया कि प्रदेश के सभी 18 मंडलों में खादी प्रदर्शनियों का आयोजन किया जा चुका है, जिनमें लगभग 1953 स्टॉलों के माध्यम से 3949.49 लाख रुपये की बिक्री हुई है।
इसके अतिरिक्त खादी महोत्सव-2025 में 160 से अधिक इकाइयों द्वारा 3.20 करोड़ रुपये की रिकॉर्ड बिक्री दर्ज की गई, जो पिछले वर्ष की तुलना में 42 प्रतिशत अधिक रही।
स्वरोजगार और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा
मंत्री ने कहा कि खादी क्षेत्र में रोजगार की अपार संभावनाएं हैं और युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ना विभाग की प्राथमिकता है। आधुनिक तकनीकों के साथ खादी उत्पादों को नई पहचान दी जा रही है, जिससे युवाओं में इसकी लोकप्रियता बढ़ रही है। उन्होंने आमजन से अपील की कि अधिक से अधिक संख्या में प्रदर्शनी में पहुंचकर खादी उत्पादों की खरीदारी करें, ताकि स्थानीय उद्यमियों का उत्साहवर्धन हो सके।

कार्यक्रम के अंत में संयुक्त मुख्य कार्यपालक अधिकारी सिद्धार्थ यादव ने धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहा कि खादी बोर्ड की योजनाओं के माध्यम से कम पूंजी निवेश में अधिक रोजगार सृजन का प्रयास किया जा रहा है, जिससे युवाओं को आत्मनिर्भर बनने के अवसर मिल रहे हैं।
इस अवसर पर प्रमुख सचिव खादी एवं ग्रामोद्योग अनिल सागर, मुख्य कार्यपालक अधिकारी शिशिर, वित्तीय सलाहकार मानवेन्द्र सिंह और योजनाधिकारी विनोद श्रीवास्तव सहित कई अधिकारी उपस्थित रहे।
होली के इस अवसर पर सजी यह खादी प्रदर्शनी न केवल रंगों का उत्सव है, बल्कि आत्मनिर्भर भारत और स्थानीय उद्यमिता को सशक्त बनाने की दिशा में एक मजबूत कदम भी है।
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