मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शामली दौरे के दौरान 581 करोड़ रुपये से अधिक की 89 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। इस दौरान उन्होंने समाजवादी पार्टी और कांग्रेस पर तीखा हमला बोलते हुए कैराना पलायन, डेमोग्राफी, कानून व्यवस्था, गन्ना किसानों, एक्सप्रेसवे, रोजगार और कांवड़ यात्रा को लेकर कई बड़े बयान दिए।
पश्चिमी उत्तर प्रदेश के शामली जिले में शुक्रवार का दिन विकास और सियासत, दोनों ही दृष्टि से काफी अहम रहा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शामली, कैराना और थानाभवन विधानसभा क्षेत्रों के लिए 581 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली 89 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। लेकिन इस कार्यक्रम की चर्चा केवल विकास योजनाओं तक सीमित नहीं रही। अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने कानून व्यवस्था, पलायन, डेमोग्राफी, गन्ना किसानों, एक्सप्रेसवे, चीनी मिलों और कांवड़ यात्रा जैसे मुद्दों पर विस्तार से बात करते हुए विपक्ष पर भी तीखा राजनीतिक हमला बोला।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश का यह इलाका कभी भय और असुरक्षा का प्रतीक माना जाता था, लेकिन पिछले कुछ वर्षों में यहां की तस्वीर और तकदीर दोनों बदली हैं। उन्होंने दावा किया कि पहले यहां अपराध, गुंडागर्दी और पलायन जैसी समस्याएं आम थीं, जबकि आज विकास और निवेश की नई पहचान बन रही है।

'डेमोग्राफी बदलने की कोशिश हुई'—सीएम का बड़ा आरोप
अपने भाषण के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी और कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि पहले कुछ ताकतें क्षेत्र की डेमोग्राफी बदलने का प्रयास कर रही थीं। उन्होंने कहा कि इसी कारण कैराना और कांधला जैसे क्षेत्रों से लोगों का पलायन हुआ था। मुख्यमंत्री ने लोगों से सतर्क रहने की अपील करते हुए कहा कि समाज को जाति, क्षेत्र और धर्म के आधार पर बांटने वाली राजनीति से सावधान रहना होगा। उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसी राजनीति विकास को रोकती है और समाज में असुरक्षा का माहौल पैदा करती है।
581 करोड़ रुपये की 89 परियोजनाओं की सौगात
मुख्यमंत्री ने शामली, कैराना और थानाभवन क्षेत्र के लिए 581 करोड़ रुपये से अधिक की 89 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। इन परियोजनाओं में सड़क, बिजली, सिंचाई, स्वास्थ्य, शिक्षा और अन्य बुनियादी ढांचे से जुड़ी योजनाएं शामिल हैं। उन्होंने कहा कि इन परियोजनाओं से क्षेत्र के विकास को नई गति मिलेगी और युवाओं के लिए रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।

'आतंक की पहचान से विकास की पहचान तक'
सीएम योगी ने कहा कि एक समय ऐसा था जब शामली का नाम आते ही लोगों के मन में भय और आतंक की छवि उभरती थी। लेकिन अब यही जिला गन्ने की मिठास, बेहतर कानून व्यवस्था और तेज विकास के लिए जाना जा रहा है। उन्होंने कहा कि डबल इंजन सरकार ने यहां विकास की नई धारा बहाई है।
एक्सप्रेसवे का नया केंद्र बन रहा है शामली
मुख्यमंत्री ने कहा कि आने वाले समय में शामली पश्चिमी उत्तर प्रदेश का महत्वपूर्ण इंफ्रास्ट्रक्चर हब बनने जा रहा है। उन्होंने बताया कि दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे, शामली-अंबाला एक्सप्रेसवे और गोरखपुर-शामली एक्सप्रेसवे इस क्षेत्र को नई पहचान देंगे। उन्होंने दावा किया कि बेहतर सड़क संपर्क से उद्योग, व्यापार और निवेश को बढ़ावा मिलेगा तथा युवाओं को रोजगार के नए अवसर मिलेंगे।

गन्ना किसानों को लेकर सरकार का दावा
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में गन्ना किसानों का विशेष उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि वर्ष 2007 से 2017 के बीच प्रदेश में 29 चीनी मिलें बंद हुईं, जबकि वर्तमान सरकार ने न केवल मिलों को बचाया बल्कि आज प्रदेश में 122 चीनी मिलें संचालित हो रही हैं। उन्होंने कहा कि किसानों को समय पर गन्ना मूल्य का भुगतान किया जा रहा है और आज किसानों को लगभग 400 रुपये प्रति क्विंटल का मूल्य मिल रहा है। उन्होंने दावा किया कि उत्तर प्रदेश चीनी, गन्ना और एथेनॉल उत्पादन में देश का अग्रणी राज्य बन चुका है।
बिजली, स्वास्थ्य और शिक्षा में बदलाव का दावा
मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले शामली में बिजली की भारी समस्या रहती थी, लेकिन अब 400 केवीए विद्युत स्टेशन के माध्यम से पूरे क्षेत्र को बेहतर बिजली आपूर्ति मिल रही है। उन्होंने यह भी कहा कि कोरोना महामारी के दौरान शामली के अस्पतालों ने आसपास के क्षेत्रों के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराईं। शिक्षा के क्षेत्र में भी उन्होंने शामली के छात्रों की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि जिले के कई छात्रों ने यूपी और सीबीएसई बोर्ड की मेरिट सूची में स्थान बनाया है।

कांवड़ यात्रा को लेकर सख्त संदेश
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कांवड़ यात्रा का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि धार्मिक यात्राओं की गरिमा बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने कांवड़ संघों से अपील की कि यदि कोई असामाजिक तत्व यात्रा में शामिल होकर माहौल बिगाड़ने की कोशिश करे तो उसे तुरंत अलग कर दिया जाए। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि अनुशासनहीनता किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी और धार्मिक आयोजनों की पवित्रता बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है।
प्रदेश का पहला निजी इंटीग्रेटेड टेक्सटाइल पार्क
मुख्यमंत्री ने बताया कि शामली में प्रदेश का पहला एकीकृत निजी टेक्सटाइल प्रोजेक्ट स्थापित किया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि इस परियोजना से लगभग 8,000 युवाओं को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार मिलेगा। उन्होंने कहा कि एनसीआर से जुड़ाव और बेहतर कनेक्टिविटी के कारण शामली भविष्य में औद्योगिक निवेश का बड़ा केंद्र बन सकता है।

सरकार की कार्यशैली पर भी किया कटाक्ष
मुख्यमंत्री ने बिना किसी दल का नाम लिए कहा कि पहले की सरकारें देर से काम शुरू करती थीं और जनता की समस्याओं से दूर रहती थीं, जबकि वर्तमान सरकार सुबह चार बजे से ही काम में जुट जाती है। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य हर वर्ग तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना और प्रदेश को विकास के नए मुकाम तक ले जाना है।
विकास और राजनीति दोनों रहे केंद्र में
शामली का यह कार्यक्रम केवल विकास परियोजनाओं के उद्घाटन तक सीमित नहीं रहा। मुख्यमंत्री के भाषण में जहां एक ओर विकास, निवेश, रोजगार, किसानों और इंफ्रास्ट्रक्चर पर जोर दिखाई दिया, वहीं दूसरी ओर विपक्ष पर तीखे राजनीतिक हमले भी केंद्र में रहे। ऐसे में आने वाले समय में यह कार्यक्रम पश्चिमी उत्तर प्रदेश की राजनीति और विकास, दोनों ही संदर्भों में चर्चा का विषय बना रह सकता है।
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