गोरखपुर में जनता दर्शन के दौरान सीएम योगी आदित्यनाथ ने एक जरूरतमंद बेटी की फीस जमा कराने का आदेश दिया और गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए आर्थिक सहायता का भरोसा दिया।
गोरखपुर में आयोजित जनता दर्शन कार्यक्रम में सोमवार को एक ऐसा भावुक और संवेदनशील क्षण देखने को मिला, जिसने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की कार्यशैली और मानवीय दृष्टिकोण को एक बार फिर सामने ला दिया।
गोरखनाथ मंदिर परिसर में आयोजित इस जनता दर्शन में मुख्यमंत्री ने करीब 200 लोगों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं और मौके पर ही उनके समाधान के लिए अधिकारियों को निर्देश दिए।
बेटी की पढ़ाई नहीं रुकेगी
जनता दर्शन के दौरान एक जरूरतमंद बेटी मुख्यमंत्री से मिलने पहुंची। उसने बताया कि वह पढ़ाई करना चाहती है, लेकिन परिवार की आर्थिक स्थिति इतनी कमजोर है कि वह अपनी स्कूल फीस जमा नहीं कर पा रही।
इस पर तुरंत प्रतिक्रिया देते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि बिटिया की फीस तत्काल जमा कराई जाए।
उन्होंने स्पष्ट कहा कि आर्थिक तंगी के कारण किसी भी बेटी की शिक्षा बाधित नहीं होनी चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार बेटियों की शिक्षा, सुरक्षा और उनके सर्वांगीण विकास के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
उन्होंने यह भी कहा कि जब एक बेटी शिक्षित होती है, तो उसका सकारात्मक प्रभाव पूरे समाज पर पड़ता है।
200 लोगों से सीधे संवाद
सोमवार सुबह आयोजित इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने महंत दिग्विजयनाथ स्मृति भवन के सभागार में बैठे लोगों के बीच जाकर एक-एक से संवाद किया।
उन्होंने सभी की समस्याएं ध्यानपूर्वक सुनीं और संबंधित अधिकारियों को प्रार्थना-पत्र सौंपते हुए निर्देश दिए कि हर शिकायत का समयबद्ध और संतोषजनक समाधान किया जाए।
मुख्यमंत्री ने लोगों को आश्वस्त किया कि उन्हें परेशान या घबराने की जरूरत नहीं है, क्योंकि सरकार हर मुश्किल में उनके साथ खड़ी है।

इलाज के लिए सरकार देगी मदद
जनता दर्शन में कई लोग गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए आर्थिक सहायता की मांग लेकर पहुंचे थे।
एक महिला, जो अपने कैंसर पीड़ित परिजन के इलाज के लिए मदद मांग रही थी, उससे मुख्यमंत्री ने कहा कि वह मरीज को किसी उच्चीकृत सरकारी अस्पताल में दिखाकर इलाज का इस्टीमेट बनवाए।
मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि इलाज के खर्च में सरकार पूरी मदद करेगी।
अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि—
- हर पीड़ित के साथ संवेदनशील व्यवहार किया जाए
- समस्याओं का समाधान प्राथमिकता के आधार पर किया जाए
- किसी भी स्तर पर लापरवाही या देरी न हो
उन्होंने यह भी कहा कि यदि कोई पात्र व्यक्ति सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित है, तो उसे तुरंत लाभ दिलाया जाए।

विवेकाधीन कोष से मिलेगी सहायता
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया कि जिन लोगों को इलाज के लिए आर्थिक सहायता की आवश्यकता है, उनके मामलों में इस्टीमेट की प्रक्रिया जल्द पूरी कराई जाए और शासन को भेजी जाए।
उन्होंने कहा कि जरूरतमंदों को मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष से पर्याप्त आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
गरीब महिला को योजनाओं का लाभ
इस दौरान सिद्धार्थनगर से आई एक गरीब महिला की समस्या भी मुख्यमंत्री के सामने आई।
उसकी स्थिति को देखते हुए मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि उसे पेंशन और अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ तुरंत उपलब्ध कराया जाए।
जनता के बीच भरोसे का संदेश
जनता दर्शन कार्यक्रम के माध्यम से मुख्यमंत्री ने यह संदेश देने की कोशिश की कि सरकार जनता की समस्याओं के समाधान के लिए पूरी तरह तत्पर है।

यह कार्यक्रम केवल शिकायतें सुनने तक सीमित नहीं रहा, बल्कि मौके पर ही समाधान देने और लोगों को राहत पहुंचाने का माध्यम बना।
गोरखनाथ मंदिर में आयोजित यह जनता दर्शन कार्यक्रम एक बार फिर यह दिखाता है कि प्रशासन और जनता के बीच सीधा संवाद कितना महत्वपूर्ण है।
जहां एक ओर एक बेटी की पढ़ाई का रास्ता खुला, वहीं कई जरूरतमंदों को इलाज और योजनाओं का लाभ मिलने की उम्मीद जगी।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की इस पहल ने यह साबित किया कि संवेदनशीलता और त्वरित निर्णय क्षमता के साथ शासन जनता के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला सकता है।
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