स्वतंत्रता दिवस से पहले लखनऊ रविवार को राष्ट्रभक्ति के रंग में डूबा नजर आया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 5 कालिदास मार्ग स्थित मुख्यमंत्री आवास से ‘हर घर तिरंगा’ अभियान की शुरुआत की और हजारों लोगों के साथ विधान भवन तक तिरंगा यात्रा निकाली। यात्रा में 30 हजार से अधिक लोग शामिल हुए। बच्चों के साथ मुख्यमंत्री ने सेल्फी ली, वंदे मातरम का सामूहिक गान हुआ और विधान भवन के सामने गुब्बारे उड़ाकर यात्रा का समापन किया गया। इस दौरान करीब 2 हजार फीट लंबे तिरंगे की मानव शृंखला भी आकर्षण का केंद्र रही।
स्वतंत्रता दिवस से ठीक पहले रविवार की सुबह राजधानी लखनऊ की सड़कों पर ऐसा नजारा दिखाई दिया, जिसने पूरे माहौल को देशभक्ति के रंग में रंग दिया। हाथों में तिरंगा, जुबां पर भारत माता की जय के नारे और देशभक्ति गीतों के बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में ‘हर घर तिरंगा’ अभियान की भव्य शुरुआत हुई।
मुख्यमंत्री आवास 5 कालिदास मार्ग से विधान भवन तक निकली तिरंगा यात्रा में मुख्यमंत्री के साथ भाजपा नेताओं, जनप्रतिनिधियों, युवाओं, महिलाओं, कलाकारों, स्कूली बच्चों, सामाजिक संगठनों और बड़ी संख्या में आम लोगों ने हिस्सा लिया। आयोजकों के मुताबिक यात्रा में 30 हजार से अधिक लोग शामिल हुए।
यात्रा आगे बढ़ी तो मुख्यमंत्री आवास से लेकर सिविल अस्पताल, अटल चौक और विधान भवन तक सड़कें तिरंगों से पटती चली गईं। रास्ते में मौजूद लोगों ने पुष्पवर्षा कर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और यात्रा में शामिल लोगों का स्वागत किया।

अभियान के शुभारंभ स्थल पर वंदे मातरम का सामूहिक गान हुआ। मुख्यमंत्री ने तिरंगा फहराते बच्चों के साथ सेल्फी लेकर उनका उत्साह बढ़ाया। यात्रा में भारत स्काउट्स एंड गाइड्स की दो छात्राएं मुख्यमंत्री के दाएं और बाएं हाथ में तिरंगा लेकर कदमताल करती नजर आईं।
मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को स्वतंत्रता दिवस की अग्रिम बधाई देते हुए अपील की कि 15 अगस्त से पहले हर घर पर तिरंगा फहराया जाए।
उन्होंने तिरंगे को केवल राष्ट्रीय ध्वज नहीं, बल्कि सादगी, विकास, विरासत और भारत की आन-बान-शान का प्रतीक बताया।
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने देश की आजादी और उसकी रक्षा के लिए बलिदान देने वाले क्रांतिकारियों, सैनिकों और संविधान निर्माताओं को याद किया। उन्होंने राजेंद्र प्रसाद, बाबा साहेब भीमराव आंबेडकर और लौहपुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल समेत अनेक महापुरुषों के योगदान को स्मरण किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि 9 अगस्त काकोरी ट्रेन एक्शन का 101वां पर्व भी है। वर्ष 1925 में इसी दिन पंडित राम प्रसाद बिस्मिल, ठाकुर रोशन सिंह और अशफाक उल्ला खां ने काकोरी ट्रेन एक्शन को अंजाम देकर ब्रिटिश शासन की नींव को चुनौती दी थी।

उन्होंने कहा कि तिरंगा यात्रा इन हुतात्माओं के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘राष्ट्र प्रथम’ के मंत्र को आगे बढ़ाने का संकल्प भी है।
मुख्यमंत्री ने राष्ट्रध्वज, राष्ट्रगान और राष्ट्रगीत के सम्मान को लेकर भी सख्त संदेश दिया। उन्होंने कहा कि भारत के राष्ट्रीय प्रतीकों का अपमान स्वीकार नहीं किया जा सकता। मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसा नहीं हो सकता कि कोई भारत में रहे और भारत के प्रतीकों तथा महापुरुषों का अपमान करे।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रगान और राष्ट्रगीत समेत राष्ट्रीय प्रतीकों के सम्मान को मजबूत करने के लिए कदम उठाए हैं।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि राष्ट्रगीत के 150 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर देशभर में वंदे मातरम का गान किया जा रहा है।
योगी आदित्यनाथ ने युवाओं को देश की सबसे बड़ी ऊर्जा बताते हुए कहा कि युवा प्रतिभा और ऊर्जा का प्रतीक है तथा देश की हर चुनौती का सामना करने की क्षमता रखता है।
उन्होंने कहा कि युवाओं को आगे बढ़ने के लिए उचित मंच मिलना चाहिए, ताकि वे पारंपरिक शिक्षा के साथ देश और समाज की चुनौतियों के लिए भी खुद को तैयार कर सकें।
मुख्यमंत्री के मुताबिक लखनऊ में जुटे 25 से 30 हजार युवाओं की भागीदारी अमर शहीदों और स्वतंत्रता सेनानियों के प्रति कृतज्ञता का प्रतीक है।

तिरंगा यात्रा के दौरान विधान भवन से हजरतगंज चौराहे तक करीब 2 हजार फीट लंबे तिरंगे की मानव शृंखला भी बनाई गई। एक निजी डिफेंस एकेडमी के बच्चों ने बड़ी संख्या में शामिल होकर इस आयोजन को खास बना दिया।
स्कूली बच्चों की भागीदारी ने यात्रा में अलग ऊर्जा भर दी। सरकारी और निजी स्कूलों के हजारों छात्र-छात्राएं हाथों में तिरंगा लेकर यात्रा में शामिल हुए।
दसवीं के छात्र आर्यन ने कहा कि इतनी बड़ी संख्या में बच्चों को देखकर उसे गर्व महसूस हुआ। 11वीं की छात्रा अनन्या ने मुख्यमंत्री के साथ तिरंगा लेकर चलने को खास अनुभव बताया। स्नातक छात्रा साक्षी ने कहा कि यात्रा ने युवाओं में राष्ट्रप्रेम और जिम्मेदारी की भावना को मजबूत किया।
सेना भर्ती की तैयारी कर रहे विवेक ने कहा कि तिरंगा उनके लिए देश की आन-बान और शान है और इस यात्रा ने सेना में जाने के उनके संकल्प को और मजबूत किया। वहीं कविता सिंह अपने बच्चों के साथ यात्रा में शामिल हुईं और इसे बच्चों को राष्ट्रप्रेम सिखाने का खास अवसर बताया।
मुख्यमंत्री ने ‘वंदे मातरम’ और ‘भारत माता की जय’ के उद्घोष के बीच अनुशासन के साथ यात्रा को आगे बढ़ाया। विधान भवन के सामने मुख्यमंत्री ने गुब्बारा उड़ाकर तिरंगा यात्रा को पूर्णता प्रदान की।

इस दौरान केंद्रीय वित्त राज्यमंत्री एवं भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी, उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक, भाजपा प्रदेश महामंत्री संगठन धर्मपाल, मंत्री सुरेश खन्ना, स्वतंत्र देव सिंह, जेपीएस राठौर, दयाशंकर सिंह, महापौर सुषमा खर्कवाल, राज्यसभा सांसद डॉ. दिनेश शर्मा, ब्रजलाल, संजय सेठ, विधायक नीरज बोरा, राजेश्वर सिंह, ओपी श्रीवास्तव, विधान परिषद सदस्य रामचंद्र प्रधान, मुकेश शर्मा समेत अन्य लोग मौजूद रहे।
तिरंगा यात्रा के बाद मुख्यमंत्री काकोरी शहीद स्मारक पहुंचकर राम प्रसाद बिस्मिल, ठाकुर रोशन सिंह, अशफाक उल्ला खां और राजेंद्र नाथ लाहिड़ी को श्रद्धासुमन अर्पित करने वाले हैं।
मुख्यमंत्री ने 9 अगस्त काकोरी ट्रेन एक्शन दिवस से लेकर 15 अगस्त स्वतंत्रता दिवस तक सभी कार्यक्रमों को सम्मान, गरिमा और राष्ट्रभक्ति के भाव से आयोजित करने के निर्देश दिए हैं। इस दौरान प्रदेशभर के स्वतंत्रता संग्राम से जुड़े स्मारकों, स्मृति स्थलों और शहीद स्थलों पर विशेष कार्यक्रम होंगे और स्वतंत्रता सेनानियों तथा अमर शहीदों के परिजनों को सम्मानित किया जाएगा।
लखनऊ के बाद मुख्यमंत्री सिद्धार्थनगर भी जाएंगे, जहां डुमरियागंज और बांसी विधानसभा क्षेत्रों के लिए 311 करोड़ रुपये से अधिक लागत की 107 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास प्रस्तावित है। इनमें डुमरियागंज की 63 करोड़ से अधिक की 22 परियोजनाओं का लोकार्पण और 57 करोड़ रुपये की 22 परियोजनाओं का शिलान्यास, जबकि बांसी में 64 करोड़ से अधिक की 24 परियोजनाओं का लोकार्पण और 127 करोड़ रुपये से अधिक की 41 परियोजनाओं का शिलान्यास शामिल है। इस दौरान विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के लाभार्थियों को प्रमाण पत्र भी सौंपे जाएंगे।
लखनऊ की तिरंगा यात्रा ने एक संदेश जरूर छोड़ दिया—स्वतंत्रता दिवस आने में अभी कुछ दिन बाकी हैं, लेकिन राजधानी की सड़कों पर राष्ट्रभक्ति का उत्सव पहले ही शुरू हो चुका है। अब नजर इस पर है कि ‘हर घर तिरंगा’ का यह संदेश 15 अगस्त तक कितने घरों की छतों तक पहुंचता है।
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