‘मन की बात’ कार्यक्रम के जरिए देशवासियों में जागरूकता, एकजुटता और आत्मविश्वास का संचार—पर्यावरण, जल संरक्षण और ऊर्जा जैसे मुद्दों पर भी जो
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में रविवार को एक विशेष अवसर देखने को मिला, जब राज्य के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने जनप्रतिनिधियों और गणमान्य नागरिकों के साथ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के लोकप्रिय रेडियो कार्यक्रम मन की बात को सुना। इस अवसर पर उन्होंने कार्यक्रम की महत्ता को रेखांकित करते हुए इसे राष्ट्र निर्माण की भावना को सशक्त करने वाला एक अद्भुत जनसंवाद बताया।
उपमुख्यमंत्री मौर्य ने कहा कि ‘मन की बात’ अब केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि देशवासियों के लिए प्रेरणा, मार्गदर्शन और उत्साह का एक मजबूत स्रोत बन चुका है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के विचार इस मंच के माध्यम से हर नागरिक तक पहुँचते हैं, जिससे समाज में नई ऊर्जा, आत्मविश्वास और देश के प्रति गर्व की भावना विकसित होती है।
उन्होंने अपने संबोधन में वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों का भी उल्लेख किया और कहा कि ऊर्जा क्षेत्र में उत्पन्न चुनौतियों के बीच प्रधानमंत्री का संतुलित और स्पष्ट दृष्टिकोण यह दर्शाता है कि भारत हर परिस्थिति में सजग, सक्षम और दृढ़ है। उन्होंने प्रधानमंत्री के उस संदेश को विशेष रूप से महत्वपूर्ण बताया, जिसमें देशवासियों से जागरूक रहने, अफवाहों से दूर रहने और एकजुट होकर संयमित व्यवहार अपनाने की अपील की गई।
मौर्य ने ‘मन की बात’ में साझा किए गए प्रेरक उदाहरणों का उल्लेख करते हुए वाराणसी में हुए ऐतिहासिक पौधारोपण अभियान को विशेष रूप से रेखांकित किया। उन्होंने बताया कि वाराणसी में मात्र एक घंटे में 2 लाख 51 हजार से अधिक पौधे लगाकर गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया गया, जो उत्तर प्रदेश ही नहीं बल्कि पूरे देश के लिए गर्व का विषय है। यह पहल पर्यावरण संरक्षण के प्रति लोगों की बढ़ती जागरूकता का प्रतीक है।
उन्होंने प्रधानमंत्री द्वारा शुरू किए गए ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान की सराहना करते हुए कहा कि यह पहल पर्यावरण संरक्षण को जन-आंदोलन का रूप दे रही है। इस अभियान में छात्रों, जवानों और स्वयंसेवी संगठनों की सक्रिय भागीदारी समाज के सकारात्मक परिवर्तन की दिशा में एक मजबूत कदम है।

इसके अलावा, मौर्य ने ‘ज्ञान भारतम’ पहल और अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस जैसे आयोजनों का उल्लेख करते हुए कहा कि ये प्रयास समाज को सकारात्मक दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने कहा कि इन पहलों के माध्यम से भारत न केवल अपनी सांस्कृतिक विरासत को मजबूत कर रहा है, बल्कि वैश्विक स्तर पर भी अपनी पहचान को सुदृढ़ कर रहा है।
जल संकट जैसे गंभीर मुद्दे पर भी उपमुख्यमंत्री ने विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि देशभर में सामुदायिक स्तर पर किए जा रहे प्रयास—जैसे तालाबों का पुनर्जीवन, वर्षा जल संचयन और ‘अमृत सरोवर’ अभियान—जनभागीदारी की एक उत्कृष्ट मिसाल हैं। उन्होंने बताया कि इस अभियान के तहत हजारों सरोवरों का निर्माण किया गया है, जिससे जल संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति हुई है।
ऊर्जा क्षेत्र में सुधार के संदर्भ में मौर्य ने प्रधानमंत्री की ‘पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना’ का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इस योजना के माध्यम से देश के विभिन्न राज्यों, विशेषकर उत्तर प्रदेश में, लोगों को व्यापक लाभ मिल रहा है। इससे न केवल उनकी आय में वृद्धि हो रही है, बल्कि उनका जीवन स्तर भी बेहतर हो रहा है।
कार्यक्रम के अंत में उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने प्रदेशवासियों की ओर से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री का यह संवाद देश के प्रत्येक नागरिक के मन में विश्वास, स्थिरता और जिम्मेदारी की भावना को और अधिक मजबूत करता है।
उन्होंने यह भी कहा कि ‘मन की बात’ जैसे कार्यक्रम लोकतंत्र की वास्तविक भावना को दर्शाते हैं, जहां देश का शीर्ष नेतृत्व सीधे जनता से संवाद करता है और उनके विचारों को प्रेरणा का स्रोत बनाता है। यह संवाद न केवल सरकार और जनता के बीच की दूरी को कम करता है, बल्कि राष्ट्र निर्माण में हर नागरिक की भागीदारी को भी सुनिश्चित करता है।
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