उत्तर प्रदेश सरकार ने खरीफ सीजन 2026 को लेकर किसानों के लिए बड़ी राहत भरी घोषणा की है। कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने किसानों से दर्शन पोर्टल पर आवेदन कर 50 प्रतिशत अनुदान पर बीज लेने की अपील की है। सरकार ने दावा किया है कि इस बार प्रदेश में उर्वरकों और बीजों की उपलब्धता पिछले साल से बेहतर है और किसानों को समय पर गुणवत्तापूर्ण सामग्री उपलब्ध कराई जाएगी।
खरीफ सीजन को लेकर सरकार अलर्ट, किसानों को दिया भरोसा
उत्तर प्रदेश में खरीफ सीजन 2026 की तैयारियों को लेकर सरकार पूरी तरह सक्रिय नजर आ रही है। किसानों को समय पर बीज और उर्वरक उपलब्ध कराने के लिए कृषि विभाग ने व्यापक रणनीति तैयार की है। इसी क्रम में प्रदेश के कृषि मंत्री श्री सूर्य प्रताप शाही ने सोमवार को कृषि भवन सभागार में विभागीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि किसानों को किसी भी हाल में बीज और उर्वरकों की कमी नहीं होनी चाहिए।
बैठक के दौरान कृषि मंत्री ने किसानों से विशेष अपील करते हुए कहा कि सरकार द्वारा 50 प्रतिशत अनुदान पर उपलब्ध कराए जा रहे बीजों का लाभ उठाने के लिए किसान जल्द से जल्द दर्शन पोर्टल पर आवेदन करें।
किसानों को मिलेगा 50 प्रतिशत अनुदान का लाभ
कृषि मंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार किसानों को राहत देने और खेती की लागत कम करने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। इसी कड़ी में किसानों को अनुदानित दरों पर गुणवत्तापूर्ण बीज उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि कई किसान जानकारी के अभाव में योजनाओं का लाभ नहीं उठा पाते हैं, इसलिए कृषि विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि गांव स्तर तक किसानों को जागरूक किया जाए और आवेदन प्रक्रिया को सरल बनाया जाए।
सरकार का मानना है कि यदि किसान समय रहते आवेदन करेंगे तो खरीफ बुवाई के दौरान उन्हें किसी तरह की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा।

उर्वरकों की उपलब्धता पिछले साल से बेहतर
समीक्षा बैठक के दौरान खरीफ अभियान 2026 के लिए उर्वरकों की उपलब्धता और वितरण की स्थिति पर भी विस्तार से चर्चा की गई।
कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने बताया कि इस वर्ष प्रदेश में उर्वरकों की स्थिति पिछले साल की तुलना में काफी बेहतर है। सरकार ने खरीफ सत्र के लिए कुल 61.50 लाख मीट्रिक टन उर्वरक वितरण का लक्ष्य तय किया है।
इसके मुकाबले 25 मई 2026 तक 36.99 लाख मीट्रिक टन उर्वरकों की उपलब्धता सुनिश्चित कर ली गई है। जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि में यह आंकड़ा 32.72 लाख मीट्रिक टन था।
इस आंकड़े को सरकार कृषि क्षेत्र के लिए सकारात्मक संकेत मान रही है।
प्रदेश में सुरक्षित है बड़ा उर्वरक भंडार
बैठक में यह भी जानकारी दी गई कि वर्तमान समय में प्रदेश के पास 28.61 लाख मीट्रिक टन उर्वरक का विशाल भंडार सुरक्षित मौजूद है।
कृषि मंत्री ने कहा कि इस पर्याप्त भंडारण के चलते किसानों को आगामी कृषि कार्यों में उर्वरकों की कमी का सामना नहीं करना पड़ेगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वितरण व्यवस्था में पारदर्शिता बनाए रखी जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि जरूरतमंद किसानों तक समय पर उर्वरक पहुंचें।
वितरण व्यवस्था में सुधार का दावा
सरकार ने इस बार वितरण व्यवस्था में भी सुधार होने का दावा किया है। कृषि मंत्री ने आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि पिछले वर्ष मई माह तक प्रदेश में 8.10 लाख मीट्रिक टन उर्वरकों का वितरण किया गया था।
जबकि इस वर्ष यह आंकड़ा बढ़कर 8.38 लाख मीट्रिक टन तक पहुंच गया है। यानी वितरण प्रक्रिया में भी तेजी आई है।
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि किसी भी स्तर पर कालाबाजारी या अनियमितता की शिकायत नहीं मिलनी चाहिए। जरूरत पड़ने पर औचक निरीक्षण भी किए जाएं।

बीज वितरण में पारदर्शिता के निर्देश
बैठक के दौरान बीज वितरण व्यवस्था को लेकर भी गंभीर चर्चा हुई। कृषि मंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि बीजों की उपलब्धता और वितरण प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी होनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाए कि हर पात्र किसान तक योजना का लाभ पहुंचे और किसी भी किसान को अनावश्यक परेशान न होना पड़े।
कृषि विभाग को यह भी निर्देश दिए गए कि किसानों को प्रमाणित और गुणवत्तापूर्ण बीज ही उपलब्ध कराए जाएं ताकि उत्पादन क्षमता बढ़ सके।
कई वरिष्ठ अधिकारी और मंत्री रहे मौजूद
इस महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक में सहकारिता मंत्री श्री जेपीएस राठौर, कृषि राज्य मंत्री श्री बलदेव सिंह औलख समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
बैठक में प्रमुख सचिव कृषि श्री रवींद्र, प्रमुख सचिव सहकारिता श्री अजय कुमार शुक्ला, सचिव कृषि श्री इन्द्र विक्रम सिंह, रजिस्ट्रार कोऑपरेटिव श्री योगेश कुमार, निदेशक कृषि श्री पंकज त्रिपाठी और अन्य विभागीय अधिकारी भी शामिल हुए।
सभी अधिकारियों को खरीफ सीजन को देखते हुए जमीनी स्तर पर लगातार निगरानी रखने के निर्देश दिए गए।
किसानों के लिए अहम समय
विशेषज्ञों का मानना है कि खरीफ सीजन किसानों के लिए बेहद महत्वपूर्ण होता है। ऐसे में समय पर बीज और उर्वरक उपलब्ध होना खेती की सफलता के लिए जरूरी है।
सरकार की यह तैयारी किसानों के लिए राहत भरी मानी जा रही है। हालांकि अब नजर इस बात पर रहेगी कि जमीनी स्तर पर योजनाओं का लाभ किसानों तक कितनी प्रभावी तरीके से पहुंच पाता है।
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