केंद्रीय बजट 2026 के बाद भारतीय शेयर बाजार में तेज गिरावट देखने को मिली है। सेंसेक्स और निफ्टी में भारी उतार-चढ़ाव के बीच निवेशकों में डर का माहौल बना हुआ है। लाल निशान में बंद होते बाजार और गिरते आंकड़े आर्थिक अस्थिरता के संकेत दे रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक संकेतों, टैक्स नीति और निवेशकों की सतर्कता के कारण बाजार पर दबाव बना हुआ है।
नई दिल्ली: केंद्रीय बजट 2026-27 पेश होने के बाद भारतीय शेयर बाजार में तेज गिरावट देखी गई। आज बजट भाषण के दौरान निवेशकों की प्रतिक्रिया नकारात्मक रही, जिससे सेन्सेक्स करीब 2,300 अंक तक लुढ़क गया और निफ्टी भी मजबूती नहीं दिखा पाया।
विशेष सत्र में जब बाजार एक ऐतिहासिक रविवार ट्रेडिंग के लिए खुले, तब तक भी सूचकांक में पहले से दबाव बना रहा, जिससे निवेशकों में बेचैनी की स्थिति बनी रही।
बज़ार विशेषज्ञों का कहना है कि बजट से पहले जोखिम-भरी परिस्थितियों, वैश्विक संकेतों और कमजोर निवेश भावना ने मिलकर बाजार को दबाव में रखा है।
सोना-चांदी समेत कमोडिटी मार्केट में भारी गिरावट
बजट से ठीक पहले सोने और चांदी के दामों में तेज गिरावट दर्ज की गई। घरेलू बाजार में सोना और चांदी दोनों ही Futures ट्रेड में लोअर सर्किट तक गिर गए, जिससे कमोडिटी निवेशकों को बड़ा झटका लगा।
MCX पर सोना लगभग 6-9 % तक गिरा, जबकि चांदी में इससे भी गहरी गिरावट दर्ज की गई। यह गिरावट वैश्विक बाजारों में प्राइस रूट और बजट के संभावित आयात शुल्क बदलाव की आशंकाओं के बीच आई है।
सोने-चांदी में यह तेजी से गिरावट कुछ दशक की सबसे तीव्र गिरावट के रूप में देखी जा रही है, खासकर सिल्वर में रिकॉर्ड स्तर तक की सिंगल-डे स्लाइड दर्ज हुई है।
बाज़ार और निवेशकों की प्रतिक्रिया
निवेशकों की घबराहट
सोने-चांदी की तेज गिरावट और शेयर बाजार के दबाव से निवेशकों में जोखिम प्रत्याशा बढ़ी है। बजट से पहले और बाद में बेचने की प्रवृत्ति ने बाजार में और बेचैनी पैदा की है, जिससे वॉलटिलिटी बढ़ी है।
विशेष सत्र का प्रभाव
भारत में आज बजट के साथ ट्रेडिंग एक ऐतिहासिक विशेष रविवार सत्र में खुली, लेकिन बाज़ार में तेज रैली की बजाय दबाव का संकेत दिखा, क्योंकि निवेशक बजट घोषणाओं के प्रभाव का इंतज़ार कर रहे थे।
विश्लेषक रुख
कुछ बचत और विश्लेषक मानते हैं कि पिछली बजट प्रतियोगाओं में गिरावट के बावजूद बाद में रिकवरी भी देखी गयी है, लेकिन इस बार वैश्विक आर्थिक संकेतों और धन-पलायन के कारण बाजार की दिशा स्पष्ट नहीं है।
संक्षेप: आज के मुख्य आर्थिक संकेत
🔸 शेयर बाजार में भारी गिरावट और बिकवाली का दबाव।
🔸 सोना-चांदी में तेज़ स्लाइड और लोअर सर्किट के स्तर तक गिरावट।
🔸 निवेशकों में चिंता और जोखिम-अवसाद संकेत स्पष्ट।
🔸 वैश्विक और घरेलू अर्थव्यवस्था के संकेत बजट प्रभाव के साथ मिश्रित बने हुए हैं।
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