Delhi Police की क्राइम ब्रांच ने वसंत कुंज के एक लग्जरी होटल में चल रहे नकली ब्रांडेड सामान के रैकेट का भंडाफोड़ कर भारी मात्रा में कपड़े, घड़ियां, पर्स और नकदी बरामद की।
New Delhi के वसंत कुंज इलाके में एक फाइव स्टार होटल के अंदर चल रहे नकली ब्रांडेड कपड़ों के बड़े रैकेट का खुलासा हुआ है। Delhi Police Crime Branch की वेस्टर्न रेंज-I टीम ने इस संगठित गिरोह का पर्दाफाश करते हुए भारी मात्रा में नकली गारमेंट्स, एक्सेसरीज, फुटवियर और लग्जरी घड़ियां बरामद की हैं।
पुलिस के अनुसार, आरोपी एक बड़े स्तर पर “डिस्काउंट सेल” के नाम पर अस्थायी प्रदर्शनी लगाकर ग्राहकों को ठग रहे थे। ग्राहकों को यह विश्वास दिलाया जा रहा था कि वे भारी छूट पर असली ब्रांडेड सामान खरीद रहे हैं, जबकि असल में उन्हें नकली उत्पाद बेचे जा रहे थे।
शिकायत पर हुई कार्रवाई
यह पूरा मामला तब सामने आया जब Brand Protectors India Pvt. Ltd. के प्रतिनिधि अमनप्रीत सिंह और डायरेक्टर धीरेंद्र सिंह ने शिकायत दर्ज कराई। शिकायत मिलते ही क्राइम ब्रांच की टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए 3 मई 2026 को वसंत कुंज स्थित एक प्रमुख होटल में छापा मारा।
छापेमारी के दौरान होटल के बॉलरूम में एक सुव्यवस्थित प्रदर्शनी चल रही थी, जहां नामी ब्रांड्स के कपड़े और अन्य सामान भारी छूट के साथ बेचे जा रहे थे। ग्राहकों को असली ब्रांड का भरोसा दिलाने के लिए बिल दिए जा रहे थे और आधुनिक पेमेंट सिस्टम—स्वाइप मशीन और UPI QR कोड—का इस्तेमाल किया जा रहा था।

नामी ब्रांड्स के नाम पर धोखाधड़ी
इस प्रदर्शनी में पीटर इंग्लैंड, एलन सॉली, मुफ़्ती, वैन ह्यूसेन, जैक एंड जोन्स, कैल्विन क्लेन, ज़ारा, GANT, यूएस पोलो और ऑरेलिया जैसे प्रतिष्ठित ब्रांड्स के नाम पर कपड़े बेचे जा रहे थे। इसके अलावा माइकल कोर्स ब्रांड के पर्स और लग्जरी घड़ियां भी बरामद की गईं, जिनमें माइकल कोर्स, आर्मानी एक्सचेंज और ओमेगा जैसे नाम शामिल हैं।
शिकायतकर्ताओं ने मौके पर ही कई उत्पादों की पहचान करते हुए स्पष्ट किया कि ये सभी नकली हैं और ब्रांड के नाम का गलत इस्तेमाल किया जा रहा है।
मौके से आरोपी गिरफ्तार
पुलिस ने मौके से 51 वर्षीय इकबाल को गिरफ्तार किया, जो हरियाणा के नूंह जिले का रहने वाला है। वह इस पूरी प्रदर्शनी का संचालन कर रहा था और बिक्री गतिविधियों की निगरानी कर रहा था।
पूछताछ में इकबाल ने खुलासा किया कि वह सह-आरोपी फरुख अहमद के निर्देश पर काम कर रहा था। फरुख अहमद इस पूरे रैकेट का मास्टरमाइंड है, जो अलग-अलग शहरों में ऐसे फर्जी प्रदर्शनी आयोजित करता है और नकली सामान की सप्लाई करता है।
इकबाल ने यह भी स्वीकार किया कि उसे बिक्री से होने वाले मुनाफे का 8 से 10 प्रतिशत हिस्सा मिलता था।
कैसे चलता था पूरा रैकेट
जांच में सामने आया कि आरोपी बड़े-बड़े होटलों और कन्वेंशन सेंटर में अस्थायी “डिस्काउंट सेल” लगाते थे। वहां उच्च गुणवत्ता वाले नकली कपड़ों को असली ब्रांड बताकर बेचा जाता था। ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए भारी छूट का लालच दिया जाता था और जल्द खरीदने का दबाव बनाया जाता था।
पूरा सेटअप इतना प्रोफेशनल होता था कि ग्राहकों को शक ही नहीं होता था। बिल बुक्स, स्टैम्प, स्वाइप मशीन और डिजिटल पेमेंट सिस्टम का इस्तेमाल कर इसे पूरी तरह वैध दिखाने की कोशिश की जाती थी।

भारी मात्रा में बरामदगी
पुलिस ने मौके से भारी मात्रा में सामान जब्त किया है, जिसमें शामिल हैं:
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20 लेडीज पर्स (माइकल कोर्स)
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10 लग्जरी घड़ियां (माइकल कोर्स, टिसोट, आर्मानी एक्सचेंज, ओमेगा)
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1060 एलन सॉली लोअर्स
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272 टी-शर्ट्स (एलन सॉली)
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155 पीटर इंग्लैंड टी-शर्ट्स
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61 वैन ह्यूसेन टी-शर्ट्स
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44 एलन सॉली महिला कोट और अन्य गारमेंट्स
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सैकड़ों अन्य कपड़े, जूते और एक्सेसरीज
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5 स्वाइप मशीन (Pine Labs)
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कई QR कोड स्कैनर (Paytm, PhonePe, GPay)
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बिल बुक्स, स्टैम्प, कैलकुलेटर, टैग हटाने वाले उपकरण
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₹2,87,210 नकद
यह बरामदगी इस बात का संकेत है कि यह रैकेट बड़े स्तर पर नकली सामान बाजार में सप्लाई करने में सक्षम था।
कानूनी कार्रवाई
इस मामले में एफआईआर नंबर 111/2026 दिनांक 4 मई 2026 को दर्ज की गई है। आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धाराओं 318(4), 61(2), 3(5) और कॉपीराइट एक्ट की धारा 51/63 के तहत मामला दर्ज किया गया है।
इकबाल को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे दो दिन की पुलिस रिमांड पर भेजा गया है। पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही है।
पुलिस की अपील
दिल्ली पुलिस ने जनता से अपील की है कि इस तरह की डिस्काउंट सेल और प्रदर्शनी में खरीदारी करते समय सतर्क रहें। केवल अधिकृत विक्रेताओं से ही ब्रांडेड सामान खरीदें और किसी भी संदेह की स्थिति में तुरंत सूचना दें।
पुलिस ने यह भी कहा कि इस तरह के रैकेट न केवल ग्राहकों को ठगते हैं, बल्कि असली ब्रांड्स और सरकारी राजस्व को भी भारी नुकसान पहुंचाते हैं।
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