लखनऊ में गोमती बायो-डायवर्सिटी पार्क जल्द आम लोगों के लिए खोला जाएगा। एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने 15 अक्टूबर तक काम पूरा करने के निर्देश दिए हैं। वहीं आईजीपी में 150 लोगों की क्षमता वाला अत्याधुनिक मीटिंग हॉल और 600 लोगों की क्षमता वाले सैटर्न मैरिज हॉल का रेनोवेशन भी तेजी से चल रहा है।
राजधानी लखनऊ में आने वाले दिनों में कई ऐसी जगहें नए कलेवर में नजर आने वाली हैं, जो शहर की पहचान और सुविधाओं दोनों को बदल सकती हैं। एक तरफ गोमती नगर में 25 एकड़ जमीन पर तैयार हो रहा बायो-डायवर्सिटी पार्क लोगों को प्रकृति और जैव-विविधता से जोड़ने की तैयारी में है, तो दूसरी तरफ इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान यानी आईजीपी में आधुनिक सुविधाओं से लैस मीटिंग हॉल और मैरिज हॉल तैयार किए जा रहे हैं।
मंगलवार को लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) के उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने इन परियोजनाओं का मौके पर निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने अधिकारियों और इंजीनियरों को काम की समयसीमा तय करते हुए साफ निर्देश दिए कि निर्माण और अपग्रेडेशन के कार्य में किसी तरह की अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए।
25 एकड़ में तैयार हो रहा लखनऊ का पहला बायो-डायवर्सिटी पार्क
गोमती नगर में दयाल पैराडाइज चौराहे के पास सहारा ग्रुप से वापस ली गई ग्रीन बेल्ट की करीब 25 एकड़ जमीन पर गोमती बायो-डायवर्सिटी पार्क विकसित किया जा रहा है। एलडीए के मुताबिक करीब 14 करोड़ रुपये की लागत से तैयार हो रहा यह पार्क राजधानी का पहला बायो-डायवर्सिटी पार्क होगा।
पार्क में केवल हरियाली विकसित करने पर ही जोर नहीं दिया गया है, बल्कि इसे ऐसा स्वरूप देने की कोशिश की जा रही है जहां लोग प्रकृति को करीब से समझ सकें। यहां बटरफ्लाई गार्डेन, इंसेक्ट पोलिनेशन गार्डेन, नेचर ट्रेल, पाथ-वे, किड्स प्ले-एरिया, वॉटर बॉडी, वॉच टावर, बाउंड्रीवॉल, पार्किंग, एंट्री गेट और ऑफिस जैसी सुविधाएं विकसित की जा रही हैं।

लोगों के बैठने और आराम करने के लिए अलग-अलग स्थानों पर गजीबो और बेंच भी लगाए जाएंगे।
अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर यह पार्क आम लोगों के लिए कब खुलेगा? निरीक्षण के दौरान एलडीए उपाध्यक्ष ने अधिकारियों को 15 अक्टूबर तक सभी कार्य पूरे करने के निर्देश दिए हैं। इसके बाद पार्क को नागरिकों के लिए खोलने की तैयारी है।
प्रवासी पक्षियों से लेकर विलुप्त होती वनस्पतियों तक, खास होगा पार्क
गोमती बायो-डायवर्सिटी पार्क की सबसे खास बात इसका प्राकृतिक स्वरूप होगा। इसे देसी और प्रवासी पक्षियों के प्राकृतिक आवास को ध्यान में रखकर विकसित किया जा रहा है। पार्क में ऐसा वातावरण तैयार करने की कोशिश की जा रही है, जहां विभिन्न प्रजातियों के पक्षियों को आकर्षित किया जा सके।
गोमती नदी के बेसिन में पाई जाने वाली पौधों की ऐसी कई प्रजातियां, जो वर्तमान में विलुप्त होने की कगार पर हैं, उन्हें एकत्रित कर पार्क में संरक्षित किया जा रहा है। ऐसे में यह पार्क सिर्फ घूमने-फिरने की जगह नहीं रहेगा, बल्कि जैव-विविधता संरक्षण और पर्यावरण शिक्षा का भी महत्वपूर्ण केंद्र बन सकता है।
एलडीए उपाध्यक्ष के मुताबिक पार्क ईको-टूरिज्म के साथ-साथ शैक्षिक दृष्टिकोण से भी महत्वपूर्ण साबित होगा। खासकर युवाओं और बच्चों के लिए यह प्रकृति को करीब से समझने का एक अलग अनुभव दे सकता है।
आईजीपी में 150 लोगों की क्षमता वाला अत्याधुनिक मीटिंग हॉल
गोमती बायो-डायवर्सिटी पार्क के साथ ही आईजीपी यानी इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान के अपग्रेडेशन पर भी तेजी से काम चल रहा है। एलडीए उपाध्यक्ष ने यहां भी मौके पर पहुंचकर निर्माण कार्यों की स्थिति देखी।
आईजीपी के अर्थ ब्लॉक में करीब 150 लोगों की क्षमता वाला अत्याधुनिक मीटिंग हॉल विकसित किया जा रहा है। निरीक्षण के बाद उपाध्यक्ष ने अधिकारियों को इसे 30 सितंबर तक तैयार करने के निर्देश दिए हैं।

वहीं सैटर्न ब्लॉक में करीब 600 लोगों की क्षमता वाले मैरिज हॉल का रेनोवेशन कराया जा रहा है। इसे नए स्वरूप में तैयार करने के बाद 25 अक्टूबर तक संचालित करने की टाइमलाइन तय की गई है।
इसके अलावा एलडीए उपाध्यक्ष ने बजट होटल का भी निरीक्षण किया और वहां चल रहे कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए।
हिलटन होटल में पार्किंग से लेकर फायर एग्जिट तक जांच
निरीक्षण का एक अहम हिस्सा विभूति खंड स्थित होटल हिलटन गार्डेन भी रहा। होटल में नया ब्लॉक तैयार किया गया है और होटल प्रबंधन ने पूर्णता प्रमाण पत्र के लिए एलडीए में आवेदन किया था।
इसी के क्रम में एलडीए उपाध्यक्ष ने होटल का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने विशेष रूप से पार्किंग, फायर एग्जिट, सेटबैक और एसटीपी की स्थिति की जांच की।
निरीक्षण के दौरान होटल प्रबंधन को एसटीपी के संचालन से संबंधित जानकारी और अग्निशमन संबंधी एनओसी प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए। यानी प्रमाण पत्र की प्रक्रिया में सुरक्षा और जरूरी मानकों की जांच को भी प्राथमिकता दी जा रही है।
निरीक्षण के दौरान मुख्य अभियंता मानवेन्द्र सिंह, अधिशासी अभियंता अजीत कुमार और मनोज सागर समेत अन्य अधिकारी और अभियंता मौजूद रहे।
कुल मिलाकर एलडीए की इन परियोजनाओं में आने वाले कुछ सप्ताह काफी अहम हैं। 15 अक्टूबर तक गोमती बायो-डायवर्सिटी पार्क, 30 सितंबर तक आईजीपी का मीटिंग हॉल और 25 अक्टूबर तक सैटर्न मैरिज हॉल को लेकर तय की गई समयसीमाएं अब अधिकारियों के लिए अगली बड़ी परीक्षा हैं। अगर काम तय समय पर पूरा होता है, तो राजधानी को एक नया हरित केंद्र और आईजीपी को आधुनिक सुविधाओं से लैस नया स्वरूप देखने को मिलेगा।
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