इज़रायल ने ईरान पर बड़ा हमला शुरू करने की पुष्टि की है। तेहरान के मध्य इलाके में तीन जोरदार धमाके सुने गए हैं। इज़रायल में विशेष आपातकाल लागू कर दिया गया है, जबकि ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई को सुरक्षित स्थान पर ले जाया गया है।
मध्य पूर्व में तनाव एक बार फिर खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। इज़रायल ने ईरान पर बड़ा हमला शुरू करने की पुष्टि की है, जिसे उसने ‘पहले से किया गया हमला’ बताया है। इस कार्रवाई के बाद ईरान की राजधानी तेहरान समेत कई इलाकों में जोरदार धमाकों की खबर है।
ईरानी मीडिया के मुताबिक, तेहरान के बीच वाले इलाके में तीन तेज धमाकों की आवाज सुनी गई। फार्स न्यूज एजेंसी ने दावा किया है कि तेहरान के रिपब्लिक इलाके में कई मिसाइलें गिरी हैं। हालांकि, अब तक किसी तरह के नुकसान या हताहतों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। धमाकों के तुरंत बाद सुरक्षा बलों को घटनास्थल पर तैनात कर दिया गया।
इज़रायल की ओर से रक्षा मंत्री Israel Katz ने पूरे देश में ‘विशेष और स्थायी आपातकाल’ लागू करने की घोषणा की है। नागरिकों से सतर्क रहने और सुरक्षा निर्देशों का पालन करने की अपील की गई है।
इज़रायली सेना ने बयान जारी कर कहा कि देश के कई हिस्सों में सायरन बजाए गए हैं ताकि लोग सुरक्षित स्थानों के पास रहें। सेना ने टेलीग्राम पर जारी संदेश में नागरिकों को संभावित मिसाइल हमले के लिए तैयार रहने की चेतावनी दी है।

सुरक्षा उपायों के तहत देशभर में सामान्य गतिविधियां रोक दी गई हैं। स्कूलों को बंद कर दिया गया है, सार्वजनिक कार्यक्रमों और भीड़ जुटाने पर रोक लगा दी गई है। आवश्यक सेवाओं को छोड़कर अधिकतर दफ्तर बंद कर दिए गए हैं।
उधर, इज़रायल के प्रमुख शहर तेल अवीव और Ben Gurion Airport से सभी उड़ानें रद्द कर दी गई हैं। हवाई यातायात ठप होने से यात्रियों में अफरा-तफरी का माहौल है।
ईरान की ओर से अब तक इज़रायल की दिशा में किसी मिसाइल हमले की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। हालांकि, हालात बेहद तनावपूर्ण बने हुए हैं।
इस बीच, ईरान के सर्वोच्च नेता Ali Khamenei को सुरक्षित स्थान पर ले जाया गया है। एक ईरानी अधिकारी ने अंतरराष्ट्रीय एजेंसी रॉयटर्स को बताया कि खामेनेई फिलहाल तेहरान में नहीं हैं।
ईरानी मीडिया का दावा है कि हमलों में इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के इंटेलिजेंस विभाग को निशाना बनाया गया। साथ ही राजधानी के केंद्रीय हिस्सों में भी विस्फोटों की खबर है।
फिलहाल दोनों देशों के बीच हालात बेहद संवेदनशील बने हुए हैं। अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजरें इस घटनाक्रम पर टिकी हैं, क्योंकि यह टकराव क्षेत्रीय संघर्ष को व्यापक युद्ध में बदल सकता है।
COMMENTS