दिल्ली के द्वारका जिले में AATS/Dwarka ने अवैध इंटरनेशनल कॉल सेंटर का खुलासा करते हुए पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक आरोपी Amazon और Apple टेक्निकल सपोर्ट एजेंट बनकर विदेशी नागरिकों को फोन करते थे और AnyDesk जैसे रिमोट-एक्सेस सॉफ्टवेयर के जरिए ठगी करते थे। मौके से 10 लैपटॉप, 4 मोबाइल फोन, 2 Wi-Fi राउटर, हेडसेट और बड़ी मात्रा में डिजिटल साक्ष्य बरामद किए गए हैं।
दिल्ली में बैठकर विदेशों में साइबर ठगी का नेटवर्क चलाने का एक और मामला सामने आया है। द्वारका जिले में AATS ने एक ऐसे कथित अवैध इंटरनेशनल कॉल सेंटर का भंडाफोड़ किया है, जहां से विदेशी नागरिकों को Amazon और Apple के टेक्निकल सपोर्ट एजेंट बनकर फोन किए जाने का आरोप है।
पुलिस के मुताबिक यह कार्रवाई विशेष खुफिया जानकारी के आधार पर की गई। AATS/Dwarka की टीम ने इंस्पेक्टर मनीष यादव के नेतृत्व में और ACP/Operations सुभाष मलिक की निगरानी में विपिन गार्डन, उत्तम नगर स्थित संदिग्ध कॉल सेंटर पर गुप्त निगरानी शुरू की थी। तकनीकी सत्यापन के बाद पुलिस ने 28 और 29 सितंबर 2026 की दरम्यानी रात यहां छापा मारा।
छापे के दौरान पांच लोग कथित तौर पर विदेशी नागरिकों को निशाना बनाकर साइबर ठगी की गतिविधियों में सक्रिय पाए गए।
DCP के निर्देश पर अवैध कॉल सेंटरों के खिलाफ अभियान
पुलिस के अनुसार द्वारका जिले में अवैध कॉल सेंटरों के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जा रहा है। यह अभियान DCP/Dwarka District कुशल पाल सिंह, IPS के निर्देश पर चलाया जा रहा है।
इसी अभियान के तहत AATS द्वारका की एक विशेष टीम गठित की गई थी। टीम में SI धनंजय कुमार, SI जितेंद्र सिंह, ASI देव कुमार, HC इंदर सिंह, HC संदीप, HC सोनू, HC मनीष, HC मनोज, HC प्रदीप और W/HC ममता शामिल थे।
टीम का उद्देश्य ऐसे अवैध प्रतिष्ठानों की पहचान करना, उनके काम करने के तरीके का पता लगाना और कथित तौर पर इस तरह के साइबर अपराध में शामिल लोगों तथा गिरोहों तक पहुंचना था।
Amazon और Apple अधिकारी बनकर करते थे कॉल
पुलिस के मुताबिक आरोपियों का कथित तरीका काफी संगठित था। वे MicroSIP, X-Lite और Google Voice जैसी VOIP एप्लीकेशन का इस्तेमाल कर विदेशी नागरिकों को संपर्क करते थे।
कॉल के दौरान आरोपी खुद को Amazon या Apple के टेक्निकल सपोर्ट एग्जीक्यूटिव के तौर पर पेश करते थे। पहले बातचीत के जरिए पीड़ित का विश्वास जीतने की कोशिश की जाती थी। इसके बाद उन्हें कथित तौर पर AnyDesk या अन्य रिमोट-एक्सेस सॉफ्टवेयर इंस्टॉल करने के लिए कहा जाता था।
पुलिस का आरोप है कि रिमोट एक्सेस हासिल करने के बाद विदेशी नागरिकों को भुगतान करने के लिए प्रेरित किया जाता था या उनसे संवेदनशील वित्तीय जानकारी हासिल करने की कोशिश की जाती थी।
यानी कॉल सेंटर में सिर्फ फोन करने का काम नहीं हो रहा था, बल्कि VOIP कॉलिंग, फर्जी पहचान, रिमोट एक्सेस और वित्तीय जानकारी हासिल करने के लिए इस्तेमाल होने वाले डिजिटल टूल का पूरा सेटअप मौजूद था।
10 लैपटॉप समेत डिजिटल सबूत बरामद
छापे के दौरान पुलिस ने मौके से 10 लैपटॉप बरामद किए, जिनका इस्तेमाल कथित तौर पर कॉल सेंटर चलाने और फर्जी VOIP कॉल करने में किया जा रहा था।
इसके अलावा 4 मोबाइल फोन, 2 Wi-Fi राउटर, हेडसेट और अन्य कॉलिंग उपकरण भी बरामद किए गए हैं।
पुलिस के मुताबिक डिजिटल साक्ष्यों में Google Voice, MicroSIP, X-Lite और AnyDesk से संबंधित डेटा, विदेशी संपर्कों के डेटाबेस, कॉल स्क्रिप्ट, लॉगिन क्रेडेंशियल और अन्य आपत्तिजनक डिजिटल सामग्री शामिल है।
पांच आरोपी गिरफ्तार, एक महिला को नोटिस
पुलिस के मुताबिक कुल पांच लोगों को पकड़ा गया। इनमें एक महिला भी शामिल है, जिसे पुलिस ने नोटिस जारी किया है।
गिरफ्तार/पकड़े गए आरोपियों का विवरण इस प्रकार है:
1. सिमरनजीत, पुत्र अमरजीत सिंह, निवासी लुधियाना, पंजाब, उम्र 33 वर्ष। पुलिस के अनुसार वह कॉल सेंटर ऑपरेटर के रूप में काम करता था और रोजाना कॉल करने वालों को यूजर आईडी, पासवर्ड और अन्य लॉगिन क्रेडेंशियल उपलब्ध कराने वाले ऑपरेशनल इंफ्रास्ट्रक्चर को संभालता था।
2. मार्क मार्टिन, पुत्र मार्टिन मेसी, निवासी न्यू पालम विहार, गुरुग्राम, हरियाणा, उम्र 47 वर्ष। पुलिस के अनुसार वह विदेशी कॉल संभालता था और टेक्निकल सपोर्ट के नाम पर विदेशी पीड़ितों को विश्वास में लेने का काम करता था।
3. एल्टन जॉन साल्टर्स, पुत्र एरोल जॉन साल्टर्स, निवासी कोलकाता, पश्चिम बंगाल, उम्र 43 वर्ष। पुलिस के मुताबिक वह कई सिस्टम संचालित करता था और VOIP एप्लीकेशन के जरिए विदेशी नागरिकों से बातचीत करता था। पुलिस ने बताया है कि वह पहले भी इसी तरह के अपराध में शामिल रहा है।
4. अभिषेक एस. अब्राहम, पुत्र जे. रॉबर्ट, निवासी महरौली, दिल्ली, उम्र 30 वर्ष। पुलिस के अनुसार वह कॉल सेंटर एजेंट के रूप में काम करता था और ऑनलाइन कम्युनिकेशन प्लेटफॉर्म के जरिए कथित साइबर फ्रॉड ऑपरेशन में शामिल था।
5. अनीता, निवासी केंद्रापाड़ा, ओडिशा, उम्र 34 वर्ष। पुलिस के अनुसार वह कॉलर के रूप में काम कर रही थी और एक अलग लैपटॉप से फर्जी पहचान के तहत विदेशी नागरिकों से संपर्क करती मिली।
मोहन गार्डन थाने में FIR दर्ज
इस मामले में FIR संख्या 259/2026, दिनांक 29 सितंबर 2026, थाना मोहन गार्डन, द्वारका, दिल्ली में दर्ज की गई है।
पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ BNS की धारा 318(4), 319(2), 61(2), 3(5) तथा IT Act की धारा 66(C), 66(D) के तहत मामला दर्ज किया है।
पुलिस के मुताबिक मामले में आगे की जांच जारी है। जांच का फोकस कॉल सेंटर के संचालन, विदेशी संपर्कों, डिजिटल डेटा, संभावित अन्य सहयोगियों और साइबर ठगी से जुड़े नेटवर्क का पता लगाने पर है।
फिलहाल पुलिस की कार्रवाई ने एक ऐसे कथित नेटवर्क को उजागर किया है, जिसमें विदेशी कंपनियों के नाम का इस्तेमाल कर तकनीकी सहायता के बहाने लोगों तक पहुंचने और फिर उन्हें डिजिटल तथा वित्तीय नुकसान पहुंचाने का आरोप है। आगे की जांच से इस नेटवर्क की वास्तविक पहुंच और इसमें शामिल अन्य लोगों की भूमिका स्पष्ट होने की उम्मीद है।
भारत न्यूज़ 360 टीवी की खास रिपोर्ट: पुलिस द्वारा लगाए गए आरोप और बरामद डिजिटल साक्ष्य जांच का हिस्सा हैं। आरोपियों की दोषसिद्धि न्यायिक प्रक्रिया के अधीन है।
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