गाजियाबाद के मोदीनगर क्षेत्र के नाहली गांव में देर रात खाद्य सुरक्षा विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम ने तीन पनीर निर्माण इकाइयों पर छापेमारी की। विभाग के अनुसार, पनीर और खोया निर्माण में अपमिश्रकों एवं रसायनों के इस्तेमाल के प्रमाण मिले। कार्रवाई में 868 किलो पनीर और 170 किलो खोया, यानी कुल 1,038 किलो खाद्य सामग्री नष्ट कराई गई। 20 नमूने जांच के लिए भेजे गए हैं, जबकि सफेद पाउडर, वनस्पति और रिफाइंड पामोलीन ऑयल जब्त किया गया है।
गाजियाबाद में पनीर और खोया निर्माण को लेकर खाद्य सुरक्षा विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। मोदीनगर के थाना भोजपुर क्षेत्र स्थित ग्राम नाहली में 12 और 13 अगस्त 2026 की रात करीब 11 बजे खाद्य सुरक्षा विभाग और पुलिस प्रशासन की संयुक्त टीम ने तीन पनीर विनिर्माण इकाइयों पर एक साथ छापेमारी की।
यह कार्रवाई आयुक्त, खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन, उत्तर प्रदेश, लखनऊ तथा जिलाधिकारी गाजियाबाद के निर्देश पर की गई।
जिन तीन इकाइयों पर कार्रवाई हुई, उनमें मैसर्स तोमर डेयरी, कलवा डेयरी और शकील डेयरी शामिल हैं।
कार्रवाई के दौरान खाद्य सुरक्षा टीम ने निर्माण प्रक्रिया, वहां रखी सामग्री और तैयार खाद्य पदार्थों की जांच की। विभाग के अनुसार, तीनों इकाइयों में पनीर और खोया निर्माण से संबंधित कई ऐसी सामग्रियां मिलीं, जिन्हें अपमिश्रक या संदिग्ध रसायन बताया गया है।
शकील डेयरी में मिल्क पाउडर से लेकर रानीपाल तक मिला
छापेमारी के दौरान शकील डेयरी में खाद्य सुरक्षा टीम को मिल्क पाउडर, वनस्पति, रानीपाल (Whitening Agent) और अन्य अपमिश्रक रसायन मिलने की जानकारी दी गई है।
विभाग के अनुसार, इन सामग्रियों का इस्तेमाल पनीर निर्माण में किया जा रहा था। मौके की स्थिति को देखते हुए टीम ने संबंधित सामग्री के नमूने भी लिए, ताकि उनकी जांच प्रयोगशाला में कराई जा सके।
इस कार्रवाई के बाद अब यह जांच का विषय है कि इन सामग्रियों का इस्तेमाल किस प्रक्रिया में और किस मात्रा में किया जा रहा था।

दूसरी कार्रवाई कलवा डेयरी में हुई।
खाद्य सुरक्षा विभाग के अनुसार, यहां रिफाइंड पामोलीन ऑयल और अपमिश्रक रसायन पाए गए। विभाग का कहना है कि इनका इस्तेमाल पनीर निर्माण में किया जा रहा था।
टीम ने यहां मौजूद संबंधित खाद्य सामग्री और निर्माण प्रक्रिया से जुड़े पदार्थों के नमूने भी संग्रहित किए।
अब इन नमूनों की जांच रिपोर्ट से यह स्पष्ट होने की उम्मीद है कि संबंधित सामग्री खाद्य सुरक्षा मानकों के अनुरूप थी या नहीं।
तोमर डेयरी में वनस्पति और सफेद पाउडर मिला
तीसरी इकाई मैसर्स तोमर डेयरी में भी टीम को ऐसी सामग्री मिली, जिस पर खाद्य सुरक्षा विभाग ने आपत्ति जताई।
विभाग के मुताबिक यहां वनस्पति और सफेद पाउडर, जिसे अपमिश्रक बताया गया है, पाया गया। विभाग के अनुसार इनका इस्तेमाल पनीर निर्माण में किया जा रहा था।
तीनों डेयरियों में मिली अलग-अलग सामग्रियों को कार्रवाई के दायरे में लेते हुए टीम ने नमूने संग्रहित किए।
पनीर, खोया और अन्य सामग्री के कुल 20 नमूने लिए गए
इस पूरी कार्रवाई में खाद्य सुरक्षा टीम ने कुल 20 नमूने संग्रहित किए हैं।
इन नमूनों में पनीर, खोया, वनस्पति, स्किम्ड मिल्क पाउडर, रिफाइंड पाम ऑयल, एसिटिक एसिड, सफेद चूर्ण, रानीपाल, दूध और क्रीम समेत विभिन्न सामग्रियां शामिल हैं।
इन सभी नमूनों को परीक्षण के लिए भेजा गया है।
इसका मतलब यह है कि फिलहाल मौके पर मिली सामग्री को लेकर विभाग ने गंभीर आपत्ति दर्ज की है, लेकिन उसकी अंतिम वैज्ञानिक स्थिति संबंधित प्रयोगशाला जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।

छापेमारी के दौरान खाद्य सुरक्षा टीम को तीनों विनिर्माण परिसरों में स्वच्छता की स्थिति भी खराब मिली।
विभाग के अनुसार, परिसर अत्यंत अस्वच्छ और गंदगीयुक्त पाए गए तथा खाद्य पदार्थों का निर्माण अस्वच्छ एवं अस्वास्थ्यकर परिस्थितियों में होता पाया गया।
खाद्य सुरक्षा मानकों के गंभीर उल्लंघन को देखते हुए मौके पर ही बड़ी मात्रा में तैयार पनीर और खोया नष्ट कराया गया।
कार्रवाई में 868 किलोग्राम पनीर नष्ट कराया गया। इसकी अनुमानित कीमत ₹2,11,880 बताई गई है।
इसके अलावा 170 किलोग्राम खोया भी नष्ट कराया गया, जिसकी अनुमानित कीमत ₹50,800 बताई गई।
इस तरह कुल 1,038 किलोग्राम पनीर एवं खोया मौके पर नष्ट कराया गया।
25 किलो सफेद पाउडर और 153 किलो पामोलीन ऑयल जब्त
तैयार खाद्य पदार्थों को नष्ट कराने के अलावा निर्माण के लिए रखी गई सामग्री भी जब्त की गई।
खाद्य सुरक्षा विभाग के अनुसार:
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25 किलोग्राम सफेद पाउडर
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4 किलोग्राम वनस्पति
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153 किलोग्राम रिफाइंड पामोलीन ऑयल
जब्त किया गया।
विभाग के मुताबिक इन सामग्रियों को पनीर और खोया निर्माण के लिए रखा गया था।
तीनों डेयरी संचालकों के खिलाफ FIR की तैयारी
मामला अब कानूनी कार्रवाई की ओर बढ़ गया है।
खाद्य सुरक्षा विभाग ने मानव स्वास्थ्य के लिए हानिकारक बताए गए अपमिश्रकों के इस्तेमाल और खाद्य सुरक्षा मानकों के उल्लंघन को गंभीरता से लेते हुए तीनों डेयरी संचालकों के खिलाफ थाना भोजपुर, जनपद गाजियाबाद में प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए आवेदन दिया है।
विभाग के अनुसार, भारतीय न्याय संहिता (BNS) की सुसंगत धाराओं के तहत FIR दर्ज कराने की प्रक्रिया के लिए आवेदन दिया गया है।
अब पुलिस स्तर पर आगे की कार्रवाई और जांच की जाएगी।
20 नमूनों की रिपोर्ट खोलेगी आगे की तस्वीर
नाहली गांव में हुई इस कार्रवाई ने खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और डेयरी इकाइयों की निगरानी को लेकर गंभीर सवाल जरूर खड़े किए हैं।
फिलहाल विभाग की कार्रवाई में तीन डेयरियां जांच के दायरे में आईं, 20 नमूने लिए गए, 1,038 किलोग्राम पनीर-खोया नष्ट कराया गया और बड़ी मात्रा में निर्माण सामग्री जब्त की गई।
हालांकि, इन सामग्रियों की अंतिम स्थिति और खाद्य सुरक्षा मानकों के उल्लंघन की वैज्ञानिक पुष्टि जांच रिपोर्ट के बाद ही होगी।
अब सबसे अहम नजर उन 20 नमूनों की रिपोर्ट पर है। रिपोर्ट सामने आने के बाद यह स्पष्ट होगा कि जांच में लिए गए खाद्य पदार्थों और सामग्रियों में खाद्य सुरक्षा मानकों का कितना उल्लंघन पाया जाता है और तीनों डेयरी संचालकों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई किस दिशा में आगे बढ़ती है।
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