भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने अगले 4 से 5 दिनों के लिए देश के कई राज्यों में भारी से बेहद भारी बारिश का पूर्वानुमान जारी किया है। दिल्ली, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, गुजरात, ओडिशा, मध्य प्रदेश, राजस्थान, उत्तराखंड और अन्य राज्यों में तेज बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं की संभावना जताई गई है।
देशभर में मानसून ने एक बार फिर रफ्तार पकड़ ली है। लंबे समय से उमस और तेज गर्मी से परेशान लोगों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने अगले चार से पांच दिनों के लिए व्यापक बारिश का पूर्वानुमान जारी किया है। मौसम विभाग के अनुसार उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में बना सुस्पष्ट निम्न दबाव क्षेत्र (Well Marked Low Pressure Area) अगले तीन दिनों के दौरान ओडिशा और उत्तर छत्तीसगढ़ की ओर बढ़ेगा, जिसका असर देश के मध्य, उत्तर और पश्चिमी हिस्सों में व्यापक रूप से देखने को मिलेगा।
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि इस सिस्टम के सक्रिय होने से दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, गुजरात, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, ओडिशा, राजस्थान, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, झारखंड और कई अन्य राज्यों में बारिश की गतिविधियां तेज होंगी। कई क्षेत्रों में तेज हवाएं, गरज-चमक और भारी वर्षा लोगों के जनजीवन को प्रभावित कर सकती है।

दिल्ली-एनसीआर में चार दिन तक राहत, तापमान में आएगी गिरावट
मौसम विभाग के अनुसार राजधानी दिल्ली और एनसीआर क्षेत्र में 4 जुलाई से 7 जुलाई तक मौसम अपेक्षाकृत सुहावना बना रहेगा। इस दौरान आसमान में बादल छाए रहेंगे और हल्की से मध्यम बारिश के कई दौर देखने को मिल सकते हैं।
पूर्वानुमान के मुताबिक 4 जुलाई को दोपहर और शाम के समय गरज-चमक के साथ हल्की बारिश होने की संभावना है। इस दौरान 30 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं भी चल सकती हैं। अधिकतम तापमान 35 से 37 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है।
5 जुलाई को भी बारिश का सिलसिला जारी रहेगा। इस दिन अधिकतम तापमान 32 से 34 डिग्री और न्यूनतम तापमान 27 से 29 डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है। 6 जुलाई को सुबह और शाम दो चरणों में वर्षा होने की संभावना जताई गई है, जबकि 7 जुलाई को भी हल्की बारिश और बादलों की आवाजाही बनी रहेगी। तापमान में लगातार गिरावट आने से लोगों को उमस और भीषण गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है।

उत्तर प्रदेश में कई दिनों तक सक्रिय रहेगा मानसून
उत्तर प्रदेश के लिए भी मौसम विभाग ने विस्तृत पूर्वानुमान जारी किया है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 4 से 7 जुलाई तक तथा पूर्वी उत्तर प्रदेश में 4 से 6 जुलाई तक हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई गई है।
इसके बाद बारिश और अधिक तेज हो सकती है। पूर्वी उत्तर प्रदेश में 8 से 10 जुलाई तथा पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 9 और 10 जुलाई के दौरान कई जिलों में भारी वर्षा होने का अनुमान है।
बारिश के साथ कई स्थानों पर गरज-चमक और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। मौसम विभाग ने लोगों को बिजली गिरने की आशंका को देखते हुए खुले मैदान, ऊंचे पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहने की सलाह दी है।
मुंबई और महाराष्ट्र में भारी बारिश का खतरा
महाराष्ट्र के कोंकण और गोवा क्षेत्र में 4 से 7 जुलाई तक तथा मध्य महाराष्ट्र में 4 से 6 जुलाई तक भारी से बेहद भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।
मुंबई और उसके आसपास के क्षेत्रों में लगातार तेज बारिश के कारण जलभराव, ट्रैफिक जाम और स्थानीय रेल सेवाओं पर असर पड़ने की आशंका जताई गई है। कई स्थानों पर 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। प्रशासन ने लोगों से समुद्र तटों पर अनावश्यक रूप से न जाने और स्थानीय प्रशासन की एडवाइजरी का पालन करने की अपील की है।

इन राज्यों में भी भारी बारिश की चेतावनी
आईएमडी के अनुसार आने वाले दिनों में गुजरात, सौराष्ट्र-कच्छ, ओडिशा, पश्चिम मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, राजस्थान, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, पश्चिम बंगाल, केरल, कर्नाटक और तेलंगाना के कई हिस्सों में भी भारी बारिश होने की संभावना है।
कुछ क्षेत्रों में अत्यधिक वर्षा होने से नदियों का जलस्तर बढ़ सकता है और निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति भी उत्पन्न हो सकती है। पहाड़ी राज्यों में भूस्खलन की आशंका भी जताई गई है।
मछुआरों और आम नागरिकों के लिए विशेष सलाह
मौसम विभाग ने गुजरात, महाराष्ट्र, गोवा, कर्नाटक, केरल, ओडिशा और पश्चिम बंगाल के तटीय क्षेत्रों के मछुआरों को अगले कुछ दिनों तक समुद्र में न जाने की सलाह दी है।
साथ ही नागरिकों से अपील की गई है कि वे मौसम विभाग की ताजा चेतावनियों पर नजर रखें, जलभराव वाले क्षेत्रों में जाने से बचें तथा किसी भी आपात स्थिति में प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें।
विशेषज्ञों का कहना है कि मानसून की यह सक्रियता कृषि क्षेत्र के लिए लाभकारी साबित हो सकती है, लेकिन शहरी क्षेत्रों में जलनिकासी व्यवस्था और यातायात प्रबंधन प्रशासन के लिए चुनौती बन सकते हैं।
फिलहाल मौसम विभाग लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है और आवश्यकता पड़ने पर आगे भी नए अलर्ट जारी किए जाएंगे।
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