डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जन्म जयंती पर दिल्ली भाजपा के वरिष्ठ नेताओं ने उनकी प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर वृक्षारोपण किया। इस दौरान दिल्ली भाजपा अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा ने कहा कि डॉ. मुखर्जी का राष्ट्र सर्वोपरि का विचार आज भी करोड़ों भारतीयों और भाजपा कार्यकर्ताओं के लिए प्रेरणास्रोत है।
भारतीय जनसंघ के संस्थापक और प्रखर राष्ट्रवादी विचारक डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जन्म जयंती के अवसर पर सोमवार को दिल्ली भाजपा ने राजधानी में उनके प्रतिमा स्थल पर श्रद्धा और सम्मान के साथ पुष्पांजलि अर्पित की। कार्यक्रम केवल श्रद्धांजलि तक सीमित नहीं रहा, बल्कि पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए नेताओं ने वृक्षारोपण भी किया। इस आयोजन के माध्यम से भाजपा ने एक बार फिर डॉ. मुखर्जी के राष्ट्रवादी विचारों और उनके आदर्शों को जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास किया।
कार्यक्रम में दिल्ली भाजपा अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा के नेतृत्व में पार्टी के अनेक वरिष्ठ नेता, सांसद, विधायक, मंत्री और पदाधिकारी उपस्थित रहे। सभी नेताओं ने डॉ. मुखर्जी की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किए और उनके राष्ट्र निर्माण में दिए गए योगदान को याद किया।
भाजपा के शीर्ष नेताओं की रही मौजूदगी
इस अवसर पर दिल्ली भाजपा के संगठन महामंत्री पवन राणा, दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष विजेन्द्र गुप्ता, विधानसभा उपाध्यक्ष मोहन सिंह बिष्ट, दिल्ली सरकार में मंत्री प्रवेश साहिब सिंह, सांसद मनोज तिवारी, भाजपा महामंत्री विष्णु मित्तल, उपाध्यक्ष दिनेश प्रताप सिंह, गजेन्द्र यादव एवं योगिता सिंह, कोषाध्यक्ष सतीश गर्ग, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष वीरेन्द्र सचदेवा, डॉ. हर्षवर्धन, आदेश गुप्ता, पूर्व प्रभारी श्याम जाजू, कार्यालय मंत्री बृजेश राय तथा प्रवक्ता यासिर जिलानी सहित बड़ी संख्या में भाजपा पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे।

कार्यक्रम में नेताओं ने न केवल डॉ. मुखर्जी के चित्र और प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की, बल्कि उनके विचारों को आत्मसात करने का भी संकल्प दोहराया।
हर्ष मल्होत्रा बोले— राष्ट्र सर्वोपरि की सोच आज भी प्रेरणा
दिल्ली भाजपा अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा ने अपने संबोधन में कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी केवल एक राजनीतिक नेता नहीं, बल्कि राष्ट्रवाद के ऐसे प्रतीक हैं जिनके विचार आज भी हर राष्ट्रवादी भारतीय, विशेषकर भाजपा कार्यकर्ताओं के दिलों में जीवित हैं।
उन्होंने कहा कि डॉ. मुखर्जी का पूरा जीवन राष्ट्रहित के लिए समर्पित रहा। उन्होंने कभी भी व्यक्तिगत सत्ता या पद को महत्व नहीं दिया, बल्कि देश की एकता और अखंडता को सर्वोच्च प्राथमिकता दी।
हर्ष मल्होत्रा ने कहा कि डॉ. मुखर्जी को आज भी उस नेता के रूप में याद किया जाता है जिन्होंने "एक राष्ट्र, एक विधान" के सिद्धांत के लिए संघर्ष किया और अपने प्राणों का बलिदान देकर राष्ट्रीय एकता का संदेश पूरी दुनिया के सामने रखा।
'एक राष्ट्र, एक विधान' के विचार को किया याद
अपने संबोधन में दिल्ली भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने उस दौर में देश की अखंडता और संवैधानिक समानता के लिए आवाज उठाई, जब यह विषय अत्यंत संवेदनशील माना जाता था। उनका मानना था कि पूरे देश में एक समान संविधान और समान व्यवस्था होनी चाहिए।
भाजपा नेताओं ने कहा कि डॉ. मुखर्जी के विचार आज भी राष्ट्रीय एकता, लोकतांत्रिक मूल्यों और राष्ट्रहित को सर्वोच्च रखने की प्रेरणा देते हैं। यही कारण है कि उनकी जयंती केवल एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि उनके विचारों को समाज तक पहुंचाने का अवसर बनती है।

श्रद्धांजलि के साथ दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश
कार्यक्रम की एक विशेष बात यह रही कि भाजपा नेताओं ने डॉ. मुखर्जी को श्रद्धांजलि देने के साथ-साथ वृक्षारोपण भी किया। नेताओं ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण आज समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है और वृक्षारोपण भविष्य की पीढ़ियों के प्रति हमारी जिम्मेदारी का प्रतीक है।
पार्टी नेताओं ने कहा कि समाज सेवा, राष्ट्र सेवा और प्रकृति संरक्षण एक-दूसरे के पूरक हैं। इसलिए जयंती जैसे अवसरों को केवल स्मरण तक सीमित न रखते हुए जनहित के कार्यों से जोड़ना आवश्यक है।
कार्यकर्ताओं में दिखा उत्साह
जयंती समारोह में बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता भी शामिल हुए। कार्यक्रम स्थल पर राष्ट्रभक्ति के नारों के बीच कार्यकर्ताओं ने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के विचारों को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया। वरिष्ठ नेताओं ने कार्यकर्ताओं से उनके जीवन संघर्ष, राष्ट्रभक्ति और सार्वजनिक जीवन की प्रेरणाओं को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का आह्वान किया।
डॉ. मुखर्जी का जीवन आज भी राजनीतिक विमर्श का महत्वपूर्ण अध्याय
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी भारतीय राजनीति के उन नेताओं में शामिल हैं जिनके विचार आज भी राष्ट्रीय राजनीति के केंद्र में चर्चा का विषय बने रहते हैं। भारतीय जनसंघ की स्थापना से लेकर राष्ट्रीय एकता के मुद्दों पर उनकी भूमिका भारतीय लोकतंत्र के इतिहास में महत्वपूर्ण मानी जाती है।
दिल्ली भाजपा द्वारा आयोजित यह कार्यक्रम केवल श्रद्धांजलि का आयोजन नहीं था, बल्कि राष्ट्रवाद, राष्ट्रीय एकता और पर्यावरण संरक्षण जैसे विषयों को एक साथ जोड़ने का प्रयास भी दिखाई दिया। नेताओं ने दोहराया कि डॉ. मुखर्जी के विचार और उनके आदर्श आने वाली पीढ़ियों को राष्ट्र निर्माण की दिशा में प्रेरित करते रहेंगे।
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