Monday, July 06, 2026

जब मंच पर गूंजा संदेश— 'बुजुर्ग बच्चों के समान हैं', पटौदी-हेलीमंडी में सम्मान और संवेदना का बना अनोखा संगम

ब्रह्माकुमारीज़ संस्थान के 'संगम: गौरवपूर्ण वृद्धावस्था और सम्मानित जीवन' कार्यक्रम में 100 से अधिक बुजुर्गों और गणमान्य नागरिकों की सहभागिता, सम्मान और संवेदना का दिया गया संदेश

noida , Latest Updated On - Jul 06 2026 | 13:30:00 PM
विज्ञापन

पटौदी-हेलीमंडी स्थित ब्रह्माकुमारीज़ सेवाकेंद्र में आयोजित "संगम: गौरवपूर्ण वृद्धावस्था और सम्मानित जीवन" कार्यक्रम में बुजुर्गों के सम्मान, देखभाल और गरिमापूर्ण जीवन पर विशेष चर्चा हुई। पूर्व खाद्य आपूर्ति निरीक्षक संतलाल शर्मा ने कहा कि बुजुर्ग बच्चों के समान होते हैं और उनकी देखभाल करना युवा पीढ़ी की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है।

विज्ञापन

तेजी से बदलती जीवनशैली, व्यस्त दिनचर्या और आधुनिकता की दौड़ में अक्सर समाज का वह वर्ग उपेक्षित हो जाता है जिसने अपने जीवन का बड़ा हिस्सा परिवार, समाज और राष्ट्र के निर्माण में समर्पित किया है। ऐसे समय में बुजुर्गों के सम्मान, उनकी गरिमा और उनके अधिकारों को केंद्र में रखकर आयोजित एक विशेष कार्यक्रम ने लोगों को भावुक भी किया और सामाजिक जिम्मेदारियों का एहसास भी कराया।

पटौदी-हेलीमंडी स्थित ब्रह्माकुमारीज़ सेवाकेंद्र में रविवार को "संगम: गौरवपूर्ण वृद्धावस्था और सम्मानित जीवन" विषय पर एक प्रेरणादायी कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में 100 से अधिक बुजुर्गों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, गणमान्य नागरिकों और आध्यात्मिक क्षेत्र से जुड़े लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

यह अभियान बुजुर्गों के प्रति सम्मान और संवेदना को बढ़ावा देने के उद्देश्य से ब्रह्माकुमारीज़ संस्थान के समाज सेवा प्रभाग तथा भारत सरकार के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय के संयुक्त तत्वावधान में संचालित किया जा रहा है। कार्यक्रम का उद्देश्य समाज में यह संदेश पहुंचाना था कि बुजुर्ग केवल परिवार की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज की अमूल्य धरोहर हैं और उनके अनुभव आने वाली पीढ़ियों के लिए मार्गदर्शन का स्रोत हैं।


"बुजुर्ग बच्चों के समान होते हैं"— संतलाल शर्मा

कार्यक्रम के मुख्य वक्ताओं में शामिल पूर्व खाद्य आपूर्ति निरीक्षक संतलाल शर्मा ने समाज में बुजुर्गों की वर्तमान स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए युवाओं से भावनात्मक अपील की।

उन्होंने कहा कि बढ़ती उम्र के साथ व्यक्ति की शारीरिक और मानसिक आवश्यकताएं बदल जाती हैं। ऐसे में परिवार और समाज का दायित्व है कि वे बुजुर्गों के प्रति संवेदनशील रहें।

संतलाल शर्मा ने कहा,
"बुजुर्ग बच्चों के समान होते हैं। जिस प्रकार हम छोटे बच्चों की देखभाल करते हैं, उसी प्रकार ढलती उम्र में बुजुर्गों की जरूरतों, भावनाओं और स्वास्थ्य का ध्यान रखना आवश्यक है। अपने बुजुर्गों की सेवा और सम्मान करना युवा पीढ़ी की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है।"

उन्होंने कहा कि किसी भी समाज की सभ्यता और संस्कार का आकलन इस बात से किया जा सकता है कि वह अपने बुजुर्गों के साथ कैसा व्यवहार करता है।

'संगम' अभियान का उद्देश्य बताया गया

कार्यक्रम में विशेष रूप से उपस्थित ओआरसी (ORC) से आए बीके दीपेश ने ब्रह्माकुमारीज़ संस्थान के समाज सेवा प्रभाग द्वारा किए जा रहे जनकल्याणकारी कार्यों की जानकारी दी।

उन्होंने बताया कि 'संगम: गौरवपूर्ण वृद्धावस्था और सम्मानित जीवन' अभियान का उद्देश्य बुजुर्गों को सम्मानजनक और सकारात्मक जीवन प्रदान करने के लिए समाज को जागरूक बनाना है।

बीके दीपेश ने कहा कि देशभर में इस अभियान के अंतर्गत विभिन्न शहरों और कस्बों में जागरूकता कार्यक्रम, संवाद सत्र, सम्मान समारोह और आध्यात्मिक गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं, ताकि बुजुर्गों के प्रति संवेदनशीलता का वातावरण तैयार किया जा सके।

उन्होंने कहा कि वृद्धावस्था जीवन का अंत नहीं, बल्कि अनुभवों और ज्ञान का वह दौर है, जिससे समाज को दिशा मिलती है।


आध्यात्मिक अनुभवों ने किया भावुक

कार्यक्रम के दौरान बीके रेखा ने अपने आध्यात्मिक जीवन के प्रेरणादायक अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया कि आध्यात्मिकता व्यक्ति को जीवन के हर चरण में मानसिक संतुलन, आत्मविश्वास और सकारात्मक ऊर्जा प्रदान करती है।

उन्होंने उपस्थित लोगों को यह संकल्प दिलाया कि वे अपने परिवार और समाज के बुजुर्गों को सम्मान देंगे, उनकी भावनाओं का आदर करेंगे और उन्हें अकेलेपन का अनुभव नहीं होने देंगे।

बीके रेखा ने कहा कि बुजुर्गों को केवल आर्थिक सहयोग ही नहीं, बल्कि प्रेम, सम्मान और समय की भी आवश्यकता होती है। परिवार के सदस्य यदि प्रतिदिन कुछ समय उनके साथ बिताएं तो उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव आ सकता है।

राजयोग मेडिटेशन से मिला आत्मिक शांति का अनुभव

कार्यक्रम का संचालन सेवाकेंद्र प्रभारी बीके श्वेता ने किया। उन्होंने पूरे कार्यक्रम को सरल और प्रभावशाली तरीके से आगे बढ़ाया।

बीके श्वेता ने उपस्थित सभी लोगों को राजयोग मेडिटेशन का अभ्यास कराया। मेडिटेशन सत्र के दौरान बुजुर्गों और अन्य प्रतिभागियों ने आत्मिक शांति, मानसिक संतुलन और सकारात्मक ऊर्जा का अनुभव किया।

उन्होंने कहा कि आज के तनावपूर्ण जीवन में मेडिटेशन केवल आध्यात्मिक अभ्यास नहीं, बल्कि मानसिक स्वास्थ्य को मजबूत बनाने का एक प्रभावी माध्यम बन चुका है।


बुजुर्गों का हुआ विशेष सम्मान

कार्यक्रम का सबसे भावुक क्षण वह रहा जब उपस्थित सभी बुजुर्गों को मंच पर आमंत्रित कर विशेष रूप से सम्मानित किया गया।

ब्रह्माकुमारीज़ परिवार की ओर से उन्हें ईश्वरीय प्रसाद, सम्मान स्वरूप उपहार और स्नेहपूर्ण सौगात भेंट की गई। उपस्थित लोगों ने खड़े होकर तालियों के साथ उनका स्वागत किया।

इस अवसर पर उनके स्वस्थ, सुखी और दीर्घायु जीवन की कामना की गई। सम्मान प्राप्त करने वाले बुजुर्गों के चेहरे पर खुशी और आत्मीयता साफ दिखाई दे रही थी।

समाज को मिला सकारात्मक संदेश

पूरे कार्यक्रम ने यह संदेश दिया कि बुजुर्ग केवल परिवार के वरिष्ठ सदस्य नहीं, बल्कि समाज की अमूल्य धरोहर हैं। उनके अनुभव, संघर्ष और जीवन मूल्य आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं।

कार्यक्रम के अंत में उपस्थित लोगों ने यह संकल्प लिया कि वे अपने परिवार और समाज के बुजुर्गों के सम्मान, सुरक्षा और देखभाल के लिए सदैव तत्पर रहेंगे।

पटौदी-हेलीमंडी में आयोजित यह कार्यक्रम केवल एक सम्मान समारोह नहीं था, बल्कि समाज को संवेदनशील बनाने और बुजुर्गों के प्रति कर्तव्यबोध जगाने की एक सार्थक पहल बनकर उभरा। कार्यक्रम ने उपस्थित लोगों के मन में गहरी छाप छोड़ी और यह संदेश दिया कि किसी भी समाज की वास्तविक प्रगति उसके बुजुर्गों के सम्मान में ही निहित होती है।

विज्ञापन

पटौदी समाचार, ब्रह्माकुमारीज़ कार्यक्रम, संगम अभियान, गौरवपूर्ण वृद्धावस्था, संतलाल शर्मा, बीके दीपेश, बीके रेखा, बीके श्वेता, बुजुर्ग सम्मान कार्यक्रम, वरिष्ठ नागरिक सम्मान, राजयोग मेडिटेशन, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय, Haryana News, Pataudi News, Senior Citizens Welfare

Related News

विज्ञापन

Newsletter

For newsletter subscribe us

विज्ञापन
आपकी राय
भारत क्रिकेट टीम के सर्वश्रेष्ठ कप्तान का नाम कौन है?




COMMENTS
All Comments (11)
  • V
    vijaykumar
    vijaykumar@pearlorganisation.com
    25/12/2023
    Lorem ipsum, dolor sit amet consectetur adipisicing elit. Earum autem perferendis ad libero at cumque ipsa labore consequatur inventore eaque
    A
    arif
    arif@pearlorganisation.com
    25/12/2023
    Lorem ipsum, dolor sit amet consectetur adipisicing elit. Earum autem perferendis ad libero at cumque ipsa labore consequatur inventore eaque
    A
    ajaykumar
    ajaykumar@pearlorganisation.com
    25/12/2023
    Lorem ipsum, dolor sit amet consectetur adipisicing elit. Earum autem perferendis ad libero at cumque ipsa labore consequatur inventore eaque
    H
    harshit
    harshit@pearlorganisation.com
    25/12/2023
    very intresting news
    A
    ankitankit
    ankitankit@pearlorganisation.com
    27/12/2023
    Good
    H
    harshit
    harshit@pearlorganisation.com
    29/12/2023
    good news
    R
    rahul+11
    rahul+11@pearlorganisation.com
    15/01/2024
    Nice
    R
    rahul+11
    rahul+11@pearlorganisation.com
    15/01/2024
    Bisarkh police station, during checking at Char Murti intersection, spotted an FZ MOSA carrying two persons towards Surajpur.
    R
    rahul
    rahul@pearlorganisation.com
    02/02/2024
    test
    H
    harshit
    harshit@pearlorganisation.com
    02/02/2024
    अच्छा
    R
    rahul
    rahul@pearlorganisation.com
    08/02/2024
    अच्छा